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सामाजिक न्याय

वर्षांत समीक्षा: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

  • 14 Apr 2023
  • 14 min read

प्रीलिम्स के लिये:

मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, पीएम केयर्स फंड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण 2.0, नेशनल क्रेच स्कीम, निर्भया फंड।

मुख्य परीक्षा के लिये:

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की प्रमुख पहल/उपलब्धियाँ

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) की वर्षांत समीक्षा जारी की गई।

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय (MoA&FW), पंचायती राज मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय और बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने भी वर्षांत समीक्षा भी जारी किये।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की प्रमुख पहलें/उपलब्धियाँ क्या हैं?

तीन कार्यक्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं का संगठन

  • बेहतर निगरानी और कुशल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिये, MoCD द्वारा कार्यान्वित की जा रही सभी योजनाओं को तीन कार्यक्षेत्रों में व्यवस्थित किया गया है:
  • बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिये पोषण सहायता एवं बचपन की देखभाल व शिक्षा के लिये  सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0;
  • महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिये मिशन शक्ति
  • 15वें वित्त आयोग के परिव्यय में वृद्धि के साथ बच्चों के संरक्षण और कल्याण के लिये मिशन वात्सल्य

पोषण ट्रैकर

  • महिलाओं और बच्चों के पोषण की स्थिति को बढ़ावा देने के लिये एक पारदर्शी और सक्षम वातावरण तैयार किया जा रहा है जो स्वास्थ्य, तंदुरूस्ती और प्रतिरक्षा का पोषण करता है।
  • पूरक पोषण की वास्तविक समय निगरानी सुनिश्चित करने और सेवाओं के त्वरित पर्यवेक्षण और प्रबंधन के लिये जानकारी प्रदान करने के लिये पोशन ट्रैकर एप्लिकेशन को नवीनतम तकनीक पर बनाया गया है।
  • पहली बार, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिये एक राज्य के भीतर एवं बाहर एक आंगनवाड़ी केंद्र (AWC) से दूसरे में प्रवास की सुविधा प्रदान की गई है।
  • लाभार्थी की एक श्रेणी से दूसरी श्रेणी में प्रवास की सुविधा भी उपलब्ध है।

पोषण पखवाड़ा

  • पोशन अभियान के लिये पोषण-केंद्रित जन आंदोलन सुनिश्चित करने के लिये व्यापक जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिये, पोशन पखवाड़ा 2022 में आयोजित किया गया था।
  • इसे जल शक्ति मंत्रालय (MoJS) और जनजातीय मामलों के मंत्रालय (MoTA) के साथ  लाया गया था।
  • यह आंगनवाड़ी केंद्रों में 6 वर्ष तक की आयु के लाभार्थी बच्चों की ऊंचाई और वजन माप सहित अन्य विषयों पर केंद्रित है, विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में लैंगिक संवेदनशील जल प्रबंधन, एनीमिया और स्वस्थ माताओं और बच्चों के लिये पारंपरिक भोजन पर केंद्रित गतिविधियाँ।

राष्ट्रीय पोषण माह

  • सितंबर, 2022 के पूरे महीने के दौरान, ग्राम पंचायतों के साथ सभी गतिविधियों के केंद्र बिंदु के रूप में 5वाँ राष्ट्रीय पोषण माह मनाया गया।
  • पोषण माह 2022 के व्यापक विषय महिला और स्वास्थ्य, बच्चा और शिक्षा, लैंगिक संवेदनशील जल प्रबंधन और महिलाओं एवं बच्चों के लिये पारंपरिक भोजन थे।

मिशन शक्ति

  • मिशन शक्ति में महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिये क्रमशः दो उप-योजनाएँ 'संबल' और 'समर्थ्य' शामिल हैं।
    • संबल योजना: वन स्टॉप सेंटर (OSC), महिला हेल्पलाइन और बेटी बचाओ बेटी पढाओ (BBBP) की मौजूदा योजनाओं को इस उप-योजना का हिस्सा बनाया गया है और एक नया घटक नारी अदालत पेश किया गया है।
    • सामर्थ्य योजना: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), उज्जवला और स्वाधार गृह (शक्ति सदन), कामकाजी महिला छात्रावास (सखी निवास), लिंग बजट और राष्ट्रीय क्रेच योजना की मौजूदा योजनाओं के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये हब का एक नया घटक  इस योजना में राष्ट्रीय, राज्य, ज़िला स्तर पर महिलाओं को शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

  • इस योजना में 5,000 रुपए की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की परिकल्पना की गई है।  गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मोड में गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं (PW & LM) के बैंक / डाकघर खाते में सीधे दो किश्तों में यह राशि दी जाती है।
  • इसके अतिरिक्त, इस योजना का विस्तार किया गया है ताकि दूसरे बच्चे को कवर करने के लिये रु. 6000/- की राशि का मातृत्व लाभ प्रदान किया जा सके, लेकिन केवल तभी जब दूसरा बच्चा एक लड़की है।
    • यह जन्म से पहले लिंग चयन को हतोत्साहित करने के लिये है। यह वेतन मुआवजे और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले व्यवहार को बढ़ावा देने के माध्यम से महिला सशक्तिकरण हेतु एक उपाय है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

  • यह योजना बहु-क्षेत्रीय हस्तक्षेप के माध्यम से देश के सभी ज़िलों में लागू की जा रही है।
  • इस योजना ने बालिकाओं को महत्त्व देने के प्रति राष्ट्र की मानसिकता को बदलने की दिशा में सामूहिक चेतना को जगाया है।
  • यह जन्म के समय लिंग अनुपात (SRB) में राष्ट्रीय स्तर पर 16 अंकों के सुधार, वर्ष 2014-15 में 918 से वर्ष 2021-22 में 934 (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MH&FW) की स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS))।

लड़कियों के लिये गैर-पारंपरिक आजीविका में कौशल पर राष्ट्रीय सम्मेलन "बेटियाँ बने कुशल"

  • कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ साझेदारी में मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस,11 अक्टूबर 2022, के अवसर पर किशोर लड़कियों के लिये गैर-पारंपरिक आजीविका (NTL) पर एक अंतर-मंत्रालयी सम्मेलन आयोजित किया।
  • सम्मेलन ने यह सुनिश्चित करने के लिये मंत्रालयों और विभागों के बीच एकजुटता पर जोर दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लड़कियाँ अपने कौशल निर्माण के साथ-साथ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) सहित विभिन्न व्यवसायों से जुड़े कार्यबल में प्रवेश करें, जहाँ ऐतिहासिक रूप से लड़कियों का प्रतिनिधित्व कम रहा है।

वन-स्टॉप सेंटर

  • हिंसा से प्रभावित और जरूरतमंद महिलाओं के लिये एक छत के नीचे विविध एकीकृत सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं, जिनमें 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 730 वन स्टॉप सेंटर या सखी सेंटर के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा और कानूनी सहायता एवं परामर्श और मनोवैज्ञानिक-सामाजिक परामर्श की सुविधा शामिल है।
  • साथ ही, टोल-फ्री महिला हेल्पलाइन (181) के माध्यम से आपातकालीन/गैर-आपातकालीन सहायता प्रदान की जाती है। 30.09.2022 तक 88 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है।

निर्भया फंड

  • अधिकारियों की अधिकार प्राप्त समिति (EC) की एक बैठक वर्ष 2022 में आयोजित की गई थी, जिसमें पहले से स्वीकृत परियोजनाओं/योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा करने के अलावा, EC ने निर्भया फंड के तहत वित्त पोषण के लिये और अन्य परियोजनाओं का मूल्यांकन किया था।

 मिशन वात्सल्य

  • जुलाई 2022 में 'मिशन वात्सल्य' (बाल संरक्षण प्राथमिकताओं) के लिये योजना दिशानिर्देश जारी किये गए थे।

 किशोर न्याय संशोधन अधिनियम

  • किशोर न्याय संशोधन अधिनियम: किशोर न्याय मॉडल संशोधन नियम, 2022 को 1 सितंबर, 2022 को अधिसूचित किया गया और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 को 23 सितंबर, 2022 से अधिसूचित किया गया। ज़िला स्तर पर डीएम को बाल सुरक्षा, अधिकारिता और सुरक्षा से संबंधित तथा गोद लेने के आदेश जारी करने सहित सभी मामलों के लिये अब नोडल प्राधिकरण बनाया गया है।

पीएम केयर फंड:

  • पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन की योजना वर्ष 2021 में उन बच्चों की सहायता के लिये शुरू की गई थी, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण माता-पिता, एकल जीवित माता-पिता, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है।

घर - गो होम एँड री-यूनाइट (बच्चे के पुनर्वास और प्रत्यावर्तन के लिये पोर्टल) का शुभारंभ

  • विश्व बाल दिवस 20 नवंबर 2022 के अवसर पर विज्ञान भवन में उन बच्चों को फिर से मिलाने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लॉन्‍च करने के लिये एक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिनके  किसी दूसरे जिले, राज्य या देश में बाल देखभाल संस्थानों में रहने के बारे में पता चला हो।
  • उपरोक्त एसओपी जिसे 'बच्चों के पुनर्वास और प्रत्यावर्तन के लिये प्रोटोकॉल' कहा जाता है, लॉन्च किया गया था।
  • बच्चों की डिजिटल ट्रैकिंग और निगरानी सुनिश्चित करने वाले प्रोटोकॉल को संचालित करने के लिये एक GHAR नामक वेब पोर्टल भी लॉन्च किया गया।

'आजादी का अमृत महोत्सव': बच्चों के विचार, अधिकार और पोषण

  • मंत्रालय ने 1-8 मार्च, 2022 तक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-सप्ताह को 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के एक भाग के रूप में 'प्रतिष्ठित सप्ताह' के रूप में मनाया।
  • सप्ताह के दौरान, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (08 मार्च 2022) के अवसर पर, शिक्षा मंत्रालय और यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से 'कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव' नाम का एक अभियान शुरू किया गया, ताकि तत्‍कालीन एसएजी योजना (11-14 वर्ष) की किशोरियों को औपचारिक शिक्षा और/या कौशल प्रणाली में वापस लाया जा सके।
  • भारत के राष्ट्रपति ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके असाधारण कार्य के लिये उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को नारी शक्ति पुरस्कार-2020 और 2021 प्रदान किये।
  • केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) संस्करण 7.0 का कार्यान्वयन वर्ष 2022 में सफलतापूर्वक कार्यान्वित और संचालित किया गया था।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQs):  

प्रारंभिक परीक्षा

 प्र. निम्नलिखित में से कौन-से 'राष्ट्रीय पोषण मिशन' के उद्देश्य हैं?  (वर्ष 2017)

  1. गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण के प्रति जागरूकता पैदा करना।
  2. छोटे बच्चों, किशोरियों और महिलाओं में एनीमिया की घटनाओं को कम करना।
  3. बाजरा, मोटे अनाज और बिना पॉलिश किये चावल की खपत को बढ़ावा देना।
  4. पोल्ट्री अंडे की खपत को बढ़ावा देना।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

 (a) केवल 1 और 2
 (b) केवल 1, 2 और 3
 (c) केवल 1, 2 और 4
 (d) केवल 3 और 4

उत्तर: (a)


मुख्य परीक्षा

प्र. "महिलाओं को सशक्त बनाना जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने की कुंजी है"।  चर्चा कीजिये  (वर्ष 2019)

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