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स्टेट पी.सी.एस.

  • 30 Dec 2021
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बिहार Switch to English

मुख्यमंत्री ने आईएमए के 96वें राष्ट्रीय वार्षिक अधिवेशन का किया उद्घाटन

चर्चा में क्यों?

28 दिसंबर, 2021 को मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में आईएमए के 96वें राष्ट्रीय अधिवेशन का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएमसीएच राज्य का सबसे पुराना अस्पताल है। इसको अंतर्राष्ट्रीय स्तर का मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनाया जाएगा। चार वर्ष में तीन पेज में इसका निर्माण कार्य पूर्ण होगा। यह 5400 से अधिक बेड का अस्पताल होगा।
  • उन्होंने कहा एनएमसीएच भी 2500 बेडों का होगा। भागलपुर, मुज़फ्फरपुर और गया के मेडिकल कॉलेज भी 2500 बेडों का अस्पताल होगा। दरभंगा में राज्य के दूसरे एम्स का निर्माण कराया जाएगा।
  • कार्यक्रम के दौरान विशेष आउटलुक पत्रिका एवं स्मारिका का विमोचन मुख्यमंत्री सहित अन्य गण्यमान्य व्यक्तियों ने किया।
  • कार्यक्रम के दौरान डॉ. जे.ए. जयालाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष आईएमए (2020-21) ने डॉ. सहजानंद सिंह को वर्ष (2021-22) के लिये आईएमए के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपना माला पहनाकर उनको कार्यभार सौंपा।
  • कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉ. ए.एन. हरि राव को डॉ. ए.एन. सिन्हा पुरस्कार तथा डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा को डॉ. केतन देसाई पुरस्कार से सम्मानित किया। साथ ही डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह को प्रतीकात्मक मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

राजस्थान Switch to English

शरद महोत्सव-2021

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आबू पर्वत नगर पालिका के शरद महोत्सव-2021 का उद्घाटन किया।

प्रमुख बिंदु

  • इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने माउण्ट आबू की प्रसिद्ध नक्की झील पर गांधी वाटिका में गांधीजी की प्रतिमा का अनावरण तथा महात्मा गांधी पुस्तकालय का उद्घाटन किया और झील के किचन गार्डन पर पार्किंग एवं टेरेस गार्डन का शिलान्यास भी किया। 
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि माउण्ट आबू राजस्थान का एक मात्र हिल स्टेशन है। पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान की देश और दुनिया में अनूठी पहचान है। यहाँ की मनभावन संस्कृति, किलों, महलों, बावड़ियों तथा वाइल्ड लाइफ, डेजर्ट आदि से जुड़े आकर्षक स्थलों को देखने बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक आते हैं। 
  • उन्होंने कहा कि राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊँचाईयों तक पहुँचाने के लिये पहली बार 500 करोड़ रुपए का पर्यटन विकास कोष बनाया गया है। इस कोष से पर्यटक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विकास, उनके संरक्षण तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मज़बूत ब्रॉन्डिंग जैसे कार्य किये जाएंगे। 
  • पयर्टन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिये राजस्थान को इंडिया टूडे टूरिज़्म अवार्ड 2021 में बेस्ट आईकोनिक लैंडस्केप डेस्टीनेशन अवार्ड, बेस्ट फेस्टीवल डेस्टीनेशन अवार्ड और ट्रेवल एंड लीजर इंडियाज बेस्ट अवार्डस् 2021 में सर्वश्रेष्ठ राज्य के साथ सर्वश्रेष्ठ वेडिंग डेस्टीनेशन अवार्ड और कोंडेनास्ट ट्रेवलर अवार्ड-2021 में बेस्ट इंडियन स्टेट फॉर रोड ट्रिप एवं रनरअप बेस्ट लेज़र डेस्टिनेशन अवार्ड मिले हैं।

राजस्थान Switch to English

मुख्यमंत्री ने राजस्थान पुलिस विज़न-2030 पुस्तक का विमोचन किया

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान पुलिस विज़न-2030 पुस्तक का विमोचन किया।

प्रमुख बिंदु

  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2030 के विज़न को लेकर प्रकाशित की गई, यह पुस्तक पुलिस को और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने को प्रेरित करेगी। 
  • उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में राज्य सरकार निरंतर नवाचार कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
  • पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर ने बताया कि इस पुस्तक में राजस्थान पुलिस को वर्तमान एवं भविष्य की चुनौतियों के लिये तैयार करने एवं जनता को बेहतर पुलिसिंग देने के संबंध में विज़न प्रस्तुत किया गया है। 
  • उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा दस्तावेज़ है, जो आगामी वर्षों में पुलिस विभाग के व्यापक एवं समग्र विकास के लिये मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

राजस्थान Switch to English

राणा प्रताप सागर पन विद्युतगृह

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को राजस्थान के राणा प्रताप सागर पन विद्युत गृह की 43 मेगावाट क्षमता की इकाई संख्या 1 को सिक्रोनाइज कर पुन: विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया गया। पूर्ण क्षमता से संचालित होने पर इस इकाई से प्रतिदिन 10.32 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन किया जायेगा।

प्रमुख बिंदु

  • गौरतलब है कि राजस्थान एवं मध्य प्रदेश राज्यों की साझा चंबल घाटी परियोजना के अंतर्गत वर्ष 1968 में चंबल नदी पर बने राज्य के राणा प्रताप सागर बांध पर स्थापित 172 मेगावाट (43 मेगावाट की 4 यूनिट) क्षमता के पन बिज़लीघर का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी द्वारा किया गया था। वर्ष 1968 में स्थापना के पश्चात् इस बिज़लीघर से 2,365 करोड़ रुपए यूनिट की सबसे सस्ती एवं हरित विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया जा चुका है। 
  • उल्लेखनीय है कि चंबल नदी में 14 सितंबर, 2019 को उत्पन्न हुई भीषण जल विभीषिका में पन बिज़लीघर की चारों इकाइयाँ पूर्ण रूप से जलमग्न हो गई थी। 51 वर्ष पुरानी इन इकाइयों से पुन: विद्युत उत्पादन हेतु पुनरुद्धार योजना प्रस्तावित की गई थी, जिसमें 5-6 वर्षों तक इकाइयों के बंद रहने का अनुमान बताया गया था। 
  • राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर.के. शर्मा ने इस उपलब्धि पर कहा कि निगम के कुशल अभियंताओं की देखरेख एवं अनवरत मेहनत के कारण ही इस इकाई से पुन: विद्युत उत्पादन शुरू किया गया है। उन्होंने शीघ्र ही चतुर्थ इकाई को भी अतिशीघ्र पुन:संचालन करने के निर्देश दिये।

मध्य प्रदेश Switch to English

विभिन्न निगम, मंडल, बोर्ड तथा प्राधिकरण के अध्यक्षों को तथा कैबिनेट मंत्री का दर्जा और उपाध्यक्षों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को राज्य शासन ने निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त अध्यक्षों को केबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश जारी कर दिये हैं। केबिनेट मंत्री का दर्जा उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा।

प्रमुख बिंदु

  • इसी प्रकार निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश भी जारी हो गए हैं। यह भी संबंधित नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा।
  • मध्य प्रदेश शासन ने शैलेंद्र बरूआ को मध्य प्रदेश पाठ्य-पुस्तक निगम, शैलेंद्र शर्मा को मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोज़गार निर्माण बोर्ड, जितेंद्र लिटौरिया को मध्य प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, इमरती देवी को मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड, एंदल सिंह कंषाना को मध्य प्रदेश स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, गिर्राज दंडोतिया को मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम, रणवीर जाटव को संत रविदास मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, जसवंत जाटव को मध्य प्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम तथा मुन्नालाल गोयल को मध्य प्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम का अध्यक्ष बनाया है। 
  • इसी प्रकार रघुराज कंसाना को मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम, आशुतोष तिवारी को मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, विनोद गोंटिया को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम मर्यादित, जयपाल चावड़ा को इंदौर विकास प्राधिकरण, अमिता चपरा को मध्य प्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम, निर्मला बारेला को मध्य प्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम और सावन सोनकर को मध्य प्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित का अध्यक्ष बनाया गया है।
  • वहीं राज्य शासन ने प्रहलाद भारती को मध्य प्रदेश पाठ्य-पुस्तक निगम, नरेंद्र बिरथरे को मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोज़गार निर्माण बोर्ड, राजकुमार कुशवाहा को मध्य प्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम, अजय यादव को मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम, मंजू दादू को मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम मर्यादित, राजेंद्र सिंह मोकलपुर को दि मध्य प्रदेश स्टेट माइनिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, रमेश खटीक को मध्य प्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित एवं राजेश अग्रवाल को मध्य प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का उपाध्यक्ष बनाया है।

मध्य प्रदेश Switch to English

उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय को मिला नैक से सर्वोच्च ए+ ग्रेड

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय को नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिएशन काउंसिल (नैक) में सर्वोच्च ग्रेड ए+ मिला है।

प्रमुख बिंदु

  • प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महाविद्यालय ने प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में से सबसे ज़्यादा अंक अर्जित किये हैं। यह गौरव की बात है। महाविद्यालय ने 3.48 अंक के साथ ए+ ग्रेड अर्जित किया है।
  • उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में प्रथम चरण में 55, द्वितीय चरण में 75 तथा तृतीय चरण में 80 शासकीय महाविद्यालय को नैक ग्रेड दिलाने के प्रयास किये जा रहे हैं। लगभग 85 प्रतिशत पात्र शासकीय महाविद्यालय को वर्ष 2023 तक नैक ग्रेड मिल सकेगी। 
  • उच्च शिक्षा में सुधारों की इसी  श्रृंखला में सभी महाविद्यालयों में मास्टर फैसिलिटेटर नियुक्त किये गए हैं। शासन द्वारा सेल्फ स्टडी रिपोर्ट के लिये भी मदद की जा रही है। 
  • गौरतलब है कि नैक मूल्यांकन एसएसआर पर ही निर्धारित होता है। प्रदेश के लगभग 107 शासकीय महाविद्यालयों को अभी तक नैक ग्रेड प्राप्त हैं।

हरियाणा Switch to English

कृषि विश्वविद्यालयों की अटल रैंकिंग में एचएयू लगातार दूसरी बार देश भर में प्रथम

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से जारी की गई विश्वविद्यालयों की अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशंस ऑन इनोवेशन एंड एचीवमेंट्स में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने देश भर में प्रथम स्थान हासिल किया है।

प्रमुख बिंदु

  • देश भर में अटल रैंकिंग योजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी। गत वर्ष 2020 में भी विश्वविद्यालय ने प्रथम रैंक हासिल की थी, लेकिन उस समय केवल 674 शिक्षण संस्थानों ने ही आवेदन किया था। इस बार देश भर से 1438 विश्वविद्यालयों और संस्थानों सहित सभी आईआईटी, एनआईटी, आईआईएस आदि ने हिस्सा लिया। 
  • विश्वविद्यालय ने सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों की श्रेणी में देश भर में चौथा स्थान हासिल किया है। 
  • अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशंस ऑन इनोवेशन एंड एचीवमेंट्स का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में नवोन्मेष को बढ़ावा देना है। इसमें कई सूचकों के आधार पर शिक्षण संस्थाओं को रैंकिंग दी जाती है। विश्वविद्यालय को बौद्धिक संपदा अधिकार, इनोवेशन, स्टार्ट-अप तथा उद्यमिता के कार्यक्रम व गतिविधियाँ, आई एंड ई को स्पोर्ट करने के लिये प्री-इनक्यूबेशन एंड इनक्यूबेशन ढाँचा तथा सुविधाओं तथा आई एंड ई गतिविधियों को स्पोर्ट करने व प्रोत्साहित करना शामिल है।
  • चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में स्थापित एबिक सेंटर उत्तर भारत का पहला और भारतवर्ष का दूसरा केंद्र है, जो इनोवेशन, स्टार्टअप्स व उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है। विदित है कि एबिक सेंटर को हाल ही में देशभर में सर्वश्रेष्ठ इनक्यूबेशन सेंटर के अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।

हरियाणा Switch to English

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी वर्कर्स को दिया नववर्ष का तोहफा

चर्चा में क्यों

29 दिसंबर, 2021 को मुख्यमंत्री हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य के आंगनबाड़ी वर्कर्स व हैल्पर को नववर्ष का तोहफा देते हुए उनके हित में कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने 31 दिसंबर, 2021 से आंगनबाड़ी वर्कर्स की रिटायरमेंट पर एक लाख रुपए तथा हेल्पर को 50 हज़ार रुपए की राशि दिये जाने की घोषणा की। 
  • इसके साथ ही, मासिक मानदेय में सितंबर 2020 से 400 रुपए और सितंबर 2021 से 450 रुपए की बढ़ोतरी करने और दो साल (वर्ष 2019-20 और 2020-21) का एरियर देने तथा कोविड-19 के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में काम करने के लिये सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को 1000-1000 रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की भी घोषणा की।
  • उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में किसी भी आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर को नहीं हटाया जाएगा। बल्कि प्रदेश में आंगनबाड़ी के साथ-साथ क्रैच खोला जाएगा। इन क्रैच में बच्चों के लिये और भी बेहतर सुविधाएँ होंगी। इन क्रैच में भर्ती के लिये नए उम्मीदवारों के साथ-साथ आंगनबाड़ी वर्कर्स को भी मौका मिलेगा।
  • आंगनबाड़ी वर्कर्स को भविष्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दुर्घटना होने की स्थिति में 2 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत 12 रुपए प्रतिमाह प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
  • आंगनबाड़ी को आधुनिक बनाने और बच्चों के लिये बेहतर सुविधाएँ शुरू करने के उद्देश्य से सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स को विभाग की ओर से एक-एक मोबाइल फोन दिया जाएगा ताकि वे पोषण ट्रैकर एप पर अपनी आंगनबाड़ी से संबंधित संपूर्ण डाटा रिपोर्ट ऑनलाइन अपडेट रखें। इसके लिये आंगनबाड़ी वर्कर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी।

झारखंड Switch to English

सरकार की दूसरी वर्षगाँठ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को दी कई सौगातें

चर्चा में क्यों

29 दिसंबर, 2021 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सरकार की दूसरी वर्षगाँठ के अवसर पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में 17,222.02 करोड़ रुपए की 1454 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए राज्यवासियों को कई सौगातें दीं।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के छात्र-छात्राओं के लिये स्टूडेंट्स क्रेडिटकार्ड योजना लागू करने की घोषणा की, उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने मोटरसाइकिल या स्कूटर में पेट्रोल भराने वाले राशन कार्डधारियों को 25 रुपए प्रति लीटर की दर से राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। यह व्यवस्था अगले वर्ष 26 जनवरी से लागू की जाएगी। एक गरीब परिवार प्रतिमाह 10 लीटर पेट्रोल तक यह राशि प्राप्त कर सकता है।
  • मुख्यमंत्री ने झारखंड आंदोलनकारी के आश्रितों को नौकरियों में 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की घोषणा की।
  • मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के विदेशों में पढ़ाई के लिये चलाई जा रही शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें अन्य वर्ग के होनहार विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गरीब विद्यार्थियों को भी बेहतर और गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिले, इसके लिये राज्य सरकार ने अगले सेशन से कई सरकारी विद्यालयों में निजी स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया है। यहाँ विद्यार्थियों को शिक्षा से संबंधित सभी ज़रूरी एवं मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
  • समारोह में मुख्यमंत्री ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह किसान पाठशाला का शुभारंभ किया। पहले चरण में 17 किसान पाठशाला खोले जाएंगे, जबकि आने वाले तीन सालों में इसकी संख्या को बढ़ाकर एक सौ करने की योजना है।
  • समारोह में मुख्यमंत्री ने महिलाओं को एनिमिया और बच्चों को कुपोषण की समस्या से निजात दिलाने के संदर्भ में एक हज़ार दिनों का विशेष समर अभियान शुरू करने का ऐलान किया।
  • राज्य में 12वीं पास विद्यार्थियों को आईटी की ट्रेनिंग देने के लिये श्रम विभाग और एचसीएल टेक्नोलॉजी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इसके तहत यहाँ के इंटर पास विद्यार्थियों को एचसीएल कंपनी के द्वारा प्लेसमेंट लिंक्ड ट्रेनिंग प्रोगाम से जोड़ा जाएगा और प्लेसमेंट की भी व्यवस्था की जाएगी।
  • वनोत्पादों को बाज़ार उपलब्ध कराने की दिशा में वन विभाग, कल्याण विभाग और इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किया गया। इससे यहाँ के वन उपज को व्यावसायिक बाज़ार उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी।
  • मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के पत्रकारों के लिये पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत उन्हें पाँच लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा। मीडियाकर्मियों के साथ उनके परिजनों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 17,222.02 करोड़ रुपए की 1454 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया। इसमें 2965.22 करोड़ रुपए की 20 राज्यस्तरीय और 10770.88 करोड़ रुपए की अन्य 1014 योजनाओं का शिलान्यास किया।
  • शिलान्यास की जाने वाली योजनाओं की कुल लागत 13,736.1 करोड़ रुपए है। वहीं, 1287.51 करोड़ रुपए की लागत से 20 राज्यस्तरीय और 2198.41 करोड़ रुपए की लागत से 400 योजनाओं का उद्घाटन हुआ। इसके अलावा 1493.38 रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण लाभुकों के बीच किया गया।

छत्तीसगढ़ Switch to English

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राज्यस्तरीय क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिता का समापन

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की तीनदिवसीय राज्यस्तरीय क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिता का समापन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया। प्रतियोगिता में बस्तर संभाग ओवर ऑल चैंपियन रहा।

प्रमुख बिंदु

  • राज्य खेल प्रतियोगिता में बस्तर संभाग ने प्रथम, सरगुजा ने द्वितीय और बिलासपुर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। 
  • इसी प्रकार सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रतियोगिता में 14 वर्ष से कम आयु वर्ग और 19 वर्ष तक के आयु वर्ग समूह के लिये सांस्कृतिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिता में बिलासपुर संभाग ने प्रथम स्थान, दुर्ग संभाग ने द्वितीय और रायपुर सभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 
  • राज्य के अनुसूचित जाति और जनजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम ने सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किये। 
  • अनुसूचित जाति और जनजाति विकास विभाग के सचिव डी.डी. सिंह ने कहा कि राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में 15 हज़ार से अधिक बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। क्रीड़ा प्रतियोगिता में 16 प्रकार की खेल विधाओं में प्रतिभागियों ने प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता 14 वर्ष और 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में बालक और बालिकाओं के लिये आयोजित की गई।
  • अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग की आयुक्त शम्मी आबिदी ने बताया कि प्रदेश में कुल 71 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिसमें बस्तर संभाग में 29, सरगुजा संभाग में 21, बिलासपुर संभाग में 11, दुर्ग और रायपुर संभाग में 5-5 विद्यालय हैं इनमें 10 कन्या, 6 बालक और 55 संयुक्त विद्यालय हैं। 
  • राज्यस्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, बैंडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फुटबाल, हैंडबाल, हॉकी, कबड्ड़ी, खो-खो, तैराकी, ताईक्वांडो, वालीबॉल, तीरंदाजी, कराटे, कुश्ती, टेबल टेनिस शामिल हैं। 
  • इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक प्रतियोगिता के अंतर्गत संगीत, नृत्य और बौद्धिक प्रतियोगिता के अंतर्गत तात्कालिक भाषण, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्न मंच, पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिता को शामिल किया गया।

उत्तराखंड Switch to English

ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में तराई पूर्वी वन प्रभाग में ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल का शुभारंभ किया। यह राज्य का पहला क्रोकोडाइल ट्रेल है।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने कहा की क्रोकोडाइल ट्रेल के बनने से जहाँ क्रोकोडायल्स का प्राकृतिक वास में संरक्षण एवं संवर्द्धन होगा, वहीं क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसकी स्थापना से रोज़गार एवं आर्थिकीय गतिविधियों में वृद्धि होगी। 
  • उन्होंने कहा कि इसके बनने से इकोलॉजी, इकोनामी दोनों को ही मदद मिलेगी। इनके बनने से स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा, होमस्टे के माध्यम से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। 
  • ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल सुरई इकोटूरिज़्म ज़ोन की पश्चिमी सीमा पर ककरा नाला स्थित है। यह नाला क्रोकोडाइल (मार्श मगरमच्छ) का प्राकृतिक वास स्थल है। मीठे पानी के स्रोतों में पाई जाने वाली मगरमच्छ की यह प्रजाति भूटान और म्याँमार जैसे तमाम देशों में विलुप्त हो चुकी है। अंडा देने वाली यह प्रजाति बेहद खतरनाक मानी जाती है। मौज़ूदा समय में इस नाले में 100 से अधिक मार्श मगरमच्छ हैं।
  • पर्यटक मगरमच्छों को आसानी से देख सकें इसके लिये 4 किमी. लंबे नाले को चैनलिंग फेंसिंग करके ककरा क्रोकोडाइल ट्रेल के रूप में विकसित किया गया है। राज्य के इस पहले क्रोकोडाइल ट्रेल में तीन व्यू प्वाइंट और कई वॉच टॉवर बनाए गए हैं ताकि मगरमच्छों को सुरक्षित तरीके से नज़दीक से देखा जा सके।

उत्तराखंड Switch to English

सुरई इकोटूरिज़्म ज़ोन में जंगल सफारी का शुभारंभ

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में सुरई इकोटूरिज़्म ज़ोन में जंगल सफारी का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जंगल सफारी भी की। सुरई इकोटूरिज़्म ज़ोन प्रदेश का पहला ऐसा इकोटूरिज़्म ज़ोन है, जहाँ पर्यटक जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने कहा जैव विविधता और वन्य जीवों की मौज़ूदगी वाले तराई पूर्वी वन प्रभाग को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर उसके सुरई वन क्षेत्र को इको टूरिज़्म ज़ोन के रूप में तब्दील किया जाएगा, ताकि यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का उपयोग स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार मुहैया करवाने में किया जा सके। 
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि वन और वन्य जीवों को आर्थिकी से जोड़ते हुए स्थानीय लोगों को स्वरोज़गार के अवसर मुहैया करवाने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर, 2021 को ‘सीएम यंग ईकोप्रिन्योर योजना’ देहरादून में लॉन्च की गई थी। 
  • इस योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। शुरुआत के तौर पर खटीमा में सुरई इकोटूरिज़्म ज़ोन विकसित कर उसमें जंगल सफारी प्रारंभ की जा रही है। ग्राम समितियों के जरिये इस योजना का संचालन किया जाएगा। 
  • जंगल सफारी शुरू होने से जिप्सी मालिक, चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को रोज़गार मिलेगा। इसके लिये वन विभाग ने 30 जिप्सी संचालकों के साथ करार किया है। गाइड की भूमिका का सही निर्वहन करने के लिये कई युवकों को वन विभाग इसका प्रशिक्षण दे चुका है। 
  • सुरई इकोटूरिज़्म ज़ोन में पर्यटकों की आमद से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार मिलेगा। पूरे प्रदेश में इस योजना को विस्तार दिया जाएगा।
  • उन्होंने कहा कि सीएम यंग इको प्रिन्योर स्कीम के अंतर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, इकोटूरिज़्म, वन्यजीव टूरिज़्म आधारित कौशल को उद्यम में परिवर्तित किया जाएगा। 
  • सुरई वन क्षेत्र के वन मार्गों को जैव विविधता ट्रेल के रूप में विकसित किया गया है। यह क्षेत्र 180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसके सीमा में पूर्व दिशा में शारदा सागर डैम, पश्चिम में खटीमा नगर, उत्तर में मेलाघाट रोड तथा दक्षिण में पीलीभीत टाइगर रिज़र्व क्षेत्र सटा हुआ है। 
  • प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत इस वन क्षेत्र में साल के वृक्षों, चारागाह और पानी की प्रचुर मात्रा है। इन तमाम वजहों से यहाँ बाघों की आवाजाही बनी रहती है। इसके अलावा स्तनधारी जानवरों की लगभग 125, पक्षियों की 150 से अधिक और सरीसृपों को तकरीबन 20 प्रजातियाँ भी इस वन क्षेत्र में पाई जाती हैं। 
  • यहाँ के वन मार्गों को विकसित कर लगभग 40 किलोमीटर का ट्रेल जंगल सफारी के लिये तैयार कर लिया गया है, जिसमें जिप्सी में बैठकर पर्यटक दुर्लभ वन्यजीवों (रॉयल बंगाल टाइगर, भालू, चीतल, सांभर, काकड़, पैंगोलिन, कोरल साँप, पांडा आदि) का दीदार करने के साथ ही सुरम्य जंगलों, घास के मैदानों, प्राचीन शारदा नहर और सुंदर तालाबों का लुत्फ उठा सकेंगे।

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