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राजस्थान

राणा प्रताप सागर पन विद्युतगृह

  • 30 Dec 2021
  • 2 min read

चर्चा में क्यों?

29 दिसंबर, 2021 को राजस्थान के राणा प्रताप सागर पन विद्युत गृह की 43 मेगावाट क्षमता की इकाई संख्या 1 को सिक्रोनाइज कर पुन: विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया गया। पूर्ण क्षमता से संचालित होने पर इस इकाई से प्रतिदिन 10.32 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन किया जायेगा।

प्रमुख बिंदु

  • गौरतलब है कि राजस्थान एवं मध्य प्रदेश राज्यों की साझा चंबल घाटी परियोजना के अंतर्गत वर्ष 1968 में चंबल नदी पर बने राज्य के राणा प्रताप सागर बांध पर स्थापित 172 मेगावाट (43 मेगावाट की 4 यूनिट) क्षमता के पन बिज़लीघर का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी द्वारा किया गया था। वर्ष 1968 में स्थापना के पश्चात् इस बिज़लीघर से 2,365 करोड़ रुपए यूनिट की सबसे सस्ती एवं हरित विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया जा चुका है। 
  • उल्लेखनीय है कि चंबल नदी में 14 सितंबर, 2019 को उत्पन्न हुई भीषण जल विभीषिका में पन बिज़लीघर की चारों इकाइयाँ पूर्ण रूप से जलमग्न हो गई थी। 51 वर्ष पुरानी इन इकाइयों से पुन: विद्युत उत्पादन हेतु पुनरुद्धार योजना प्रस्तावित की गई थी, जिसमें 5-6 वर्षों तक इकाइयों के बंद रहने का अनुमान बताया गया था। 
  • राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर.के. शर्मा ने इस उपलब्धि पर कहा कि निगम के कुशल अभियंताओं की देखरेख एवं अनवरत मेहनत के कारण ही इस इकाई से पुन: विद्युत उत्पादन शुरू किया गया है। उन्होंने शीघ्र ही चतुर्थ इकाई को भी अतिशीघ्र पुन:संचालन करने के निर्देश दिये।
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