उत्तर प्रदेश Switch to English
संत कबीर स्टेट अवॉर्ड्स से उत्तर प्रदेश के 39 बुनकरों को सम्मानित किया गया
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में संत कबीर स्टेट अवॉर्ड्स समारोह आयोजित किया गया, जिसमें पूरे राज्य के कुशल हैंडलूम बुनकरों को सम्मानित किया गया और उनकी पारंपरिक बुनाई तथा शिल्पकला में योगदान को मान्यता दी गई।
मुख्य बिंदु:
- विजेताओं की संख्या: उत्तर प्रदेश के 13 विभिन्न क्षेत्रों (परिक्षेत्र) के कुल 39 बुनकरों को हैंडलूम और बुनाई कार्य में प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार प्रदान किये गए।
- विजेताओं को पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर बाँटा गया।
- उन्हें क्रमशः ₹20,000, ₹15,000 और ₹10,000 के नकद पुरस्कार के साथ एक शील्ड, मानद अंगवस्त्रम (शॉल) तथा एक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
- मुख्य अतिथि: इस कार्यक्रम का उद्घाटन MSME एवं खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने किया।
- विजेता:
- नीरज देवी (अलीगढ़) — पहला पुरस्कार
- लतीश टेगुरिया (आगरा) — दूसरा पुरस्कार
- सरोज (हाथरस) — तीसरा पुरस्कार
- सरकारी समर्थन: ये पुरस्कार उत्तर प्रदेश सरकार की खादी, हैंडलूम और पारंपरिक शिल्प को समर्थन देने वाली पहलों का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य बुनकर समुदायों तथा MSME कारीगरों की स्थिरता सुनिश्चित करना है।
- महत्त्व: पुरस्कारों का उद्देश्य हैंडलूम बुनाई को बढ़ावा देना, कुशल कारीगरों को प्रोत्साहित करना और पारंपरिक शिल्पों का संरक्षण करना है।
- मान्यता और आर्थिक प्रोत्साहन कारीगरों को प्रेरित करने तथा उनके जीवनयापन में सुधार करने में सहायता करता है।
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उत्तर प्रदेश Switch to English
कानपुर में की जाएगी भारत-फ्राँस राष्ट्रीय विमानन उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI) में एरोनॉटिक्स और रक्षा क्षेत्र में कौशल विकास के लिये एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCoE) की स्थापना की घोषणा की।
मुख्य बिंदु:
- राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCoE): यह केंद्र एरोनॉटिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO), एयरपोर्ट ऑपरेशंस, रक्षा उत्पादन और संबंधित क्षेत्रों में उन्नत कौशल प्रशिक्षण पर केंद्रित होगा, जिसका उद्देश्य भारत के एयरोस्पेस तथा रक्षा क्षेत्रों के लिये मज़बूत प्रतिभा पाइपलाइन तैयार करना है।
- सहयोग: यह पहल भारत सरकार और फ्राँस गणराज्य सरकार के बीच सहयोगात्मक प्रयास है।
- इस सहयोग में सह-डिज़ाइन किये गए पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों के लिये संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम, समय-समय पर संयुक्त समीक्षा, विनिमय पहल, भाषा प्रशिक्षण और वैश्विक मानकों के अनुरूप संरचित मोबिलिटी मार्ग विकसित करना शामिल है।
- यह विशेष रूप से उभरते उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करता है।
- PM-SETU योजना: NCoE को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की PM-SETU योजना के तहत स्थापित किया जा रहा है।
- ₹60,000 करोड़ की कुल आवंटन राशि के साथ PM-SETU योजना का उद्देश्य 1000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को उद्योग-अनुरूप पाठ्यक्रम एवं अवसंरचना के साथ सुधार और उन्नयन करना है।
- रणनीतिक साझेदारी: MSDE और फ्राँस सरकार के बीच केंद्र की स्थापना तथा संचालन पर सहयोग के लिये आशय पत्र (LoI) का आदान-प्रदान किया गया है।
- महत्त्व: यह पहल भारत-फ्राँस रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करती है और साथ ही भारत के बढ़ते हुए एयरोस्पेस तथा रक्षा क्षेत्रों के लिये कौशल संपन्न कार्यबल तैयार करती है।
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राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
मैग्नस कार्लसन ने 2026 FIDE फ्रीस्टाइल वर्ल्ड चेस टाइटल जीता
चर्चा में क्यों?
नॉर्वेजियन शतरंज के दिग्गज मैग्नस कार्लसन ने अमेरिकी ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना को हराकर 2026 FIDE फ्रीस्टाइल वर्ल्ड शतरंज चैंपियनशिप जीत ली।
मुख्य बिंदु:
- कार्यक्रम: 2026 FIDE फ्रीस्टाइल वर्ल्ड शतरंज चैंपियनशिप पहली आधिकारिक फ्रीस्टाइल वर्ल्ड चैंपियनशिप थी।
- आयोजक: अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) और फ्रीस्टाइल शतरंज ऑपरेशन्स।
- स्थान: श्लॉस वीसेनहाउस, वांगेल्स, जर्मनी।
- यह खिताब उन्हें विभिन्न शतरंज प्रारूपों में 21वीं विश्व चैंपियनशिप जीत दिलाता है।
- विजेता: मैग्नस कार्लसन ने चैंपियनशिप जीती।
- रनर-अप: फैबियानो कारुआना (USA)।
- फ्रीस्टाइल शतरंज प्रारूप: इसे Chess960 (चेस960) के नाम से भी जाना जाता है। इस प्रारूप में मोहरों (प्यादों को छोड़कर) की शुरुआती स्थिति को यादृच्छिक कर दिया जाता है, जिससे रटी-रटाई 'ओपनिंग्स' की भूमिका कम हो जाती है और रचनात्मकता तथा गणना पर अधिक ज़ोर दिया जाता है।
- प्रारूप और प्रतिभागी: विश्व रैंकिंग और टूर्स के आधार पर आठ शीर्ष ग्रैंडमास्टर चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्द्धा के लिये योग्य हुए।
- रणनीतिक महत्त्व: FIDE द्वारा फ्रीस्टाइल चेस को आधिकारिक मान्यता देने से अंतर्राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में नवाचार और नए प्रारूपों की बढ़ती स्वीकृति का संकेत मिलता है।
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राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
रूस ने व्हाट्सएप को ब्लॉक किया, सरकारी ऐप को बढ़ावा दिया
चर्चा में क्यों?
रूसी सरकार ने मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप तक पहुँच को ब्लॉक कर दिया है और टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो रूस के दो सबसे अधिक उपयोग किये जाने वाले विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म हैं।
मुख्य बिंदु:
- व्हाट्सएप प्रतिबंध: रूस ने व्हाट्सएप को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है, यह आरोप लगाते हुए कि प्लेटफॉर्म ने रूसी कानूनों और नियामक आवश्यकताओं का पालन करने से इनकार किया।
- यह प्रतिबंध इसलिये लागू किया गया क्योंकि व्हाट्सएप स्थानीय कानूनी और सुरक्षा दायित्वों को पूरा नहीं कर पाया।
- नियामक प्राधिकरण: ये प्रतिबंध रूस के राज्य संचार नियामक, 'रोसकोमनाडज़ोर' (Roskomnadzor) द्वारा लागू किये जाते हैं।
- स्टेट ऐप की ओर रुझान: रूसी सरकार विदेशी-स्वामित्व वाले सेवाओं की जगह मैक्स, एक राज्य-समर्थित मैसेजिंग और सुपर-ऐप को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।
- टेलीग्राम पर प्रतिबंध: टेलीग्राम को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है।
- अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म की कार्यक्षमता पर प्रतिबंध लागू किये हैं और इसे आतंकवादी या निषिद्ध सामग्री हटाने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा कथानक: रूसी अधिकारी तर्क देते हैं कि विदेशी मैसेजिंग ऐप्स पर प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये आवश्यक है।
- इन प्लेटफॉर्म्स पर कथित रूप से आपराधिक गतिविधियाँ, धोखाधड़ी और विदेशी खुफिया पहुँच को सुविधाजनक बनाने का आरोप है।
- सार्वजनिक प्रतिक्रिया: डिजिटल अधिकार समूहों ने व्हाट्सएप प्रतिबंध और टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंधों की आलोचना की है, यह कहते हुए कि ये गोपनीयता तथा स्वतंत्र संचार को कमज़ोर करते हैं, जबकि राज्य-नियंत्रित प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देना रूस की डिजिटल संप्रभुता की पहल का हिस्सा है।

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