बिहार Switch to English
गया में पर्यटन विकास हेतु सिंगल-विंडो सिस्टम
चर्चा में क्यों?
गया ज़िला प्रशासन ने गया और बोधगया में पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित तथा सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पर्यटन विकास हेतु सिंगल-विंडो सिस्टम का प्रस्ताव रखा है।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: पर्यटन को प्रोत्साहित करना, आगंतुकों के लिये सुविधाओं को सुदृढ़ करना और पर्यटन क्षेत्र में व्यवसाय संचालन को सरल बनाना।
- सिंगल-विंडो सिस्टम: यह केंद्रीकृत तंत्र पर्यटन से संबंधित सभी अनुमोदन, मंजूरी और जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।
- यह सिस्टम नौकरशाही में विलंब कम करता है और विभागीय समन्वय को बेहतर बनाता है।
- पर्यटन के लिये प्रमुख क्षेत्र: बोधगया, विष्णुपाद और महाबोधि मंदिर गलियारे तथा अन्य धार्मिक तथा सांस्कृतिक स्थलों पर विशेष ज़ोरदिया गया है।
- आर्थिक प्रभाव: स्थानीय रोजगार सृजन, लघु और सूक्ष्म व्यवसायों को प्रोत्साहन तथा ज़िले की समग्र अर्थव्यवस्था के मज़बूत होने की संभावना है।
बोधगया मंदिर
- बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्म का एक पवित्र स्थल है।
- यह भगवान बुद्ध के जीवन और विशेष रूप से ज्ञान प्राप्ति से संबंधित है।
- महाबोधि मंदिर का निर्माण सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाने के बाद 260 ईसा पूर्व में कराया था।
- यह पूरी तरह से ईंटों से निर्मित सबसे शुरुआती बौद्ध मंदिरों में से एक है।
- इसे वर्ष 2002 से यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था।
- चीनी तीर्थयात्री ह्वेन त्सांग ने इस मंदिर का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।
- वर्तमान मंदिर संरचना का निर्माण गुप्त शासकों द्वारा 5वीं या 6वीं शताब्दी ईस्वी में कराया गया था।
महाबोधि मंदिर
- परिचय: यह वह स्थल है जहाँ गौतम बुद्ध ने महाबोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था। मूल मंदिर का निर्माण सम्राट अशोक ने ईसा पूर्व 3वीं शताब्दी में कराया था, जबकि वर्तमान संरचना 5वीं–6वीं शताब्दी की है।
- स्थापत्य विशेषताएँ: इसमें 50 मीटर ऊँचा भव्य मंदिर (वज्रासन), पवित्र बोधि वृक्ष और बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति से जुड़े छह अन्य पवित्र स्थल शामिल हैं, जो प्राचीन वोटिव स्तूपों से घिरे हुए हैं।
- यह गुप्त काल के प्रारंभिक ईंट से बने मंदिरों में से एक है और वज्रासन (डायमंड थ्रोन) को मूल रूप से सम्राट अशोक ने बुद्ध के ध्यान स्थल को चिह्नित करने के लिये स्थापित किया था।
- पवित्र स्थल: बोधि वृक्ष (उस वृक्ष का प्रत्यक्ष वंशज जिसके नीचे बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था), अनिमेष लोचन चैत्य (बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति के पश्चात ध्यानस्थ होने का स्थल) आदि।
- मान्यता: यह स्थल वर्ष 2002 से UNESCO विश्व धरोहर स्थल के रूप में सूचीबद्ध है।
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के 25 वर्ष
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार वर्ष 2025 में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की 25वीं वर्षगाँठ मना रही है, जो ग्रामीण संपर्कता और अवसंरचना विकास में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि को चिह्नित करती है।
मुख्य बिंदु
- प्रारंभ: यह योजना 25 दिसंबर, 2000 को प्रारंभ की गई।
- बजटीय सहायता: वर्ष 2025–26 में ग्रामीण संपर्कता प्रयासों को जारी रखने हेतु लगभग 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
- उद्देश्य: उन ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करना, जो पहले पूरी तरह असंबद्ध थीं।
- वित्त पोषण: केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 लागत-साझाकरण अनुपात अपनाया जाता है, जबकि उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिये यह अनुपात 90:10 है।
- PMGSY-IV योजना: चरण IV (2024–29) के तहत 25,000 बस्तियों को जोड़ने के लिये 62,500 किमी. सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 70,125 करोड़ रुपये है।
- प्रगति: योजना की शुरुआत के बाद से लगभग 8,25,114 किमी ग्रामीण सड़कों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से लगभग 7,87,520 किमी (95–96%) दिसंबर 2025 तक पूर्ण हो चुकी हैं।
- उन्नत निगरानी प्रणाली: OMMAS (ऑनलाइन प्रबंधन, निगरानी और लेखा प्रणाली), e-MARG (PMGGSY के तहत ग्रामीण सड़कों का इलेक्ट्रॉनिक रखरखाव), GPS ट्रैकिंग और त्रिस्तरीय गुणवत्ता प्रणाली के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है, जिससे कार्यान्वयन की पारदर्शिता तथा स्थायित्व बढ़ता है।
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
भारत में तीन नई एयरलाइंस
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार ने भारतीय विमानन क्षेत्र में प्रवेश के लिये तीन नई एयरलाइंस- शंख एयर, अल हिंद एयर तथा फ्लाई एक्सप्रेस को अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) प्रदान किये हैं।
मुख्य बिंदु
- नियामकीय स्वीकृति: यह NOC नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी की गई है, जो किसी भी नई एयरलाइन के परिचालन की प्रारंभिक वैधानिक शर्त होती है।
- अगला चरण: NOC प्राप्त करने के पश्चात, संबंधित एयरलाइंस अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं, जो वाणिज्यिक उड़ानों के लिये अनिवार्य है।
- परिचालन: इन एयरलाइंस द्वारा वर्ष 2026 से वाणिज्यिक उड़ान संचालन प्रारंभ किये जाने की संभावना है।
- एयरलाइंस का स्वरूप: प्रस्तावित एयरलाइंस को कम लागत और क्षेत्रीय केंद्रित मॉडल पर विकसित किये जाने की योजना है।
- द्वयाधिकार का अंत: यह पहल भारतीय विमानन क्षेत्र में व्याप्त अत्यधिक एकाधिकार को कम करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जहाँ वर्तमान में इंडिगो (लगभग 65%) और एयर इंडिया (लगभग 27%) मिलकर 90% से अधिक यात्री यातायात को नियंत्रित करती हैं।
- क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा: नई एयरलाइंस का प्रवेश द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों तक हवाई संपर्क के विस्तार के सरकारी उद्देश्य के अनुरूप है तथा यह उड़ान (UDAN) क्षेत्रीय संपर्क योजना के व्यापक लक्ष्यों को भी सुदृढ़ करता है।
.png)

%20(1).gif)





.jpg)






.png)