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स्टेट पी.सी.एस.

  • 26 May 2022
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उत्तर प्रदेश Switch to English

उत्तर प्रदेश सरकार को मिला ‘माइन मित्र’ से 400 करोड़ रुपए का राजस्व

चर्चा में क्यों?

25 मई, 2022 को उत्तर प्रदेश सरकार के एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने पोर्टल ‘माइन मित्र’ के माध्यम से खनन व्यवसाय से 400 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है।

प्रमुख बिंदु

  • ‘माइन मित्र’ पोर्टल का उपयोग खनिज प्रबंधन सेवाओं के माध्यम से ट्रांजिट पास जारी करने के लिये किया जाता है।
  • राज्य सरकार द्वारा खनन व्यवसाय में पारदर्शिता लाने, अवैध गतिविधियों की जाँच करने और आम लोगों, किसानों, पट्टेदारों और ट्रांसपोर्टरों को जवाबदेह ई-सेवाएँ प्रदान करने के लिये ‘माइन मित्र’ पोर्टल विकसित किया गया है।
  • पोर्टल का उद्देश्य खनन उद्योग में एकाधिकार को समाप्त करना, कानूनी खनन को प्रोत्साहित करना, व्यापार में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और राज्य के राजस्व में वृद्धि हेतु नए उद्यमियों के लिये एक समान अवसर प्रदान करना है।
  • इस पोर्टल को भूविज्ञान और खनन निदेशालय के परामर्श से विकसित किया गया है। वर्तमान में यह पट्टेदारों, स्टॉकिस्टों और ट्रांसपोर्टरों के लिये ऑनलाइन खनिज प्रबंधन, नागरिकों और किसानों के लिये सेवाएँ, एकीकृत खनन निगरानी प्रणाली और उपभोक्ताओं एवं आपूर्तिकर्त्ताओं के लिये ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘मिनरल मार्ट’ जैसी कई सेवाएँ प्रदान कर रहा है।

राजस्थान Switch to English

राजीविका की महिलाओं के जैविक उत्पादों का होगा प्रमाणीकरण

चर्चा में क्यों?

24 मई, 2022 को राजीविका के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण के लिये राजीविका और राजस्थान राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए।

प्रमुख बिंदु

  • इस एमओयू के तहत राजीविका के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों का प्रमाणीकरण राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था द्वारा किया जाएगा।
  • राजीविका द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों द्वारा आठ ज़िलों के 19 ब्लॉक के 353 गाँवों में 2780 हेक्टेयर में जैविक खेती की जाएगी।
  • महिला किसानों के जैविक उत्पादों का प्रमाणीकरण होने से प्रमाणित जैविक उत्पादों का विपणन करने में आसानी होगी। इससे इन जैविक उत्पादों की उत्पादक महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की राह प्रशस्त होने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
  • राजस्थान बीज एवं प्रमाणीकरण संस्था स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जैविक खेती व प्रमाणीकरण में तीन वर्ष तक सहयोग प्रदान करेगी।

मध्य प्रदेश Switch to English

प्रोबायोटिक डार्क चॉकलेट

चर्चा में क्यों?

हाल ही में ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय की एमएससी फूड टेक्नोलॉजी की छात्रा चांदनी रॉय ने चॉकलेट प्रेमियों के लिये इम्यूनिटी बूस्टर प्रोबायोटिक अर्क चॉकलेट बनाई है।

प्रमुख बिंदु

  • इस चॉकलेट में चांदनी रॉय ने प्रोबायोटिक का इस्तेमाल किया है तथा शक्कर की मात्रा न्यूनतम रखी है।
  • सेहतमंद प्रोबायोटिक चॉकलेट में कोको पाउडर, मिल्क पाउडर, नारियल तेल तथा प्रोबायोटिक (लैक्टोबैसिलस बुल्गारिस, लैक्टोबैसिलस कैसी, लैक्टोबैसिलस एसिडोफिल्स) का इस्तेमाल किया गया है।
  • चांदनी रॉय ने बताया कि प्रोबायोटिक डार्क चॉकलेट खाने के बहुत फायदे हैं। डार्क चॉकलेट में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट ब्लडप्रेशर को सामान्य करते हैं और हृदय में क्लॉटिंग के रिस्क को कम करते हैं। चॉकलेट में पाए जाने वाले फ्लोवोनाइड त्वचा से हानिकारक किरणों को रोकने में मदद करते हैं।

मध्य प्रदेश Switch to English

कुसुम-‘अ’ योजना में परफार्मेंस गांरटी 5 लाख से घटकर एक लाख रुपए हुई

चर्चा में क्यों?

25 मई, 2022 को मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (कुसुम-‘अ’) में अब परफार्मेंस गारंटी 5 लाख रुपए प्रति मेगावाट से घटाकर एक लाख रुपए कर दी गई है।

प्रमुख बिंदु

  • हरदीप सिंह डंग ने यह जानकारी ऊर्जा भवन में कुसुम-‘अ’ के 71 कृषकों को लेटर ऑफ अवार्ड वितरित करते हुए दी। कार्यक्रम में 6 विकासकों द्वारा मध्य प्रदेश पॉवर मैंनेजमेंट कंपनी के मध्य विक्रय-क्रय अनुबंध (पीपीए) का भी आदान-प्रदान किया गया।
  • मंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना’ में एक हज़ार ऐसे किसानों के खेतों पर सोलर पंप लगाने का काम प्राथमिकता से शुरू किया जा रहा है, जहाँ विद्युत की उपलब्धता नहीं है।
  • प्रदेश में 50 हज़ार किसानों के खेत पर सोलर पंप लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया जा रहा है। इससे बिजली-डीज़ल का खर्चा बचने के साथ 8 घंटे बिजली मिलने से किसानों के अन्य कार्य भी सरलतापूर्वक पूरे हो सकेंगे।
  • गौरतलब है कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा 2019 से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (कुसुम-‘अ’) योजना लागू की गई है, जिसके तहत कृषि पंपों के सौरीकरण के लिये 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इस योजना को राज्य सरकार के विभागों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसमें किसानों को केवल बाकी का 40 प्रतिशत ही विभाग को जमा करना होता है।

हरियाणा Switch to English

अरावली की पहाड़ियों से निकलेगी 4.69 किलोमीटर लंबी सुरंग

चर्चा में क्यों?

25 मई, 2022 को हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेश अग्रवाल ने बताया कि अरावली की पहाड़ियों में69 किमी. लंबी सुरंग का निर्माण किया जाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • अरावली की पहाड़ियों पर बनने वाली यह सुरंग दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग अटल टनल (मनाली से लाहौल स्पीति घाटी तक02 किमी.) की तरह होगी।
  • यह सुरंग कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के समानांतर7 किमी. लंबे हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर में बनाई जाएगी।
  • हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर का निर्माण हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड करवाएगी।
  • यह कॉरिडोर कुंडली से मानेसर तक नए विकसित हो रहे औद्योगिक व रिहायशी क्षेत्रों के लिये लाइफ लाइन बनेगा, साथ ही पहाडि़यों के बीच से निकलने वाली69 किमी. लंबी सुरंग दिल्ली-एनसीआर के लिये दर्शनीय स्थल होगा।
  • हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सुरंग निर्माण के लिये निविदा प्रक्रिया चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर माह तक पूरी करने लेने का दावा किया है।
  • इस आशय से हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सुरंग निर्माण क्षेत्र की 20 कंपनियों के अधिकारियों के साथ मंत्रणा की है।
  • हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेश अग्रवाल का कहना है कि निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत 30 माह की समयावधि में हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर सुरंग का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
  • गौरतलब है कि अरावली संसार की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, जो 692 किमी. लंबी है। इसका विस्तार हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली तक है।

झारखंड Switch to English

आयरलैंड दौरे के लिये झारखंड की तीन महिला खिलाड़ी चयनित

चर्चा में क्यों?

25 मई, 2022 को सिमडेगा हॉकी के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने बताया कि आयरलैंड दौरे के लिये जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में झारखंड के सिमडेगा की तीन खिलाड़ियों का चयन हुआ है।

प्रमुख बिंदु

  • मनोज कोनबेगी ने बताया कि हाकी इंडिया ने आगामी अंडर-23, 5 नेशन टूर्नामेंट के लिये 20 सदस्यों की भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की घोषणा की है, जिसमें सिमडेगा की ब्यूटी डुंगडुंग, दीपिका सोरेंग व महिमा टेटे का नाम शामिल हैं।
  • गौरतलब है कि ब्यूटी डुंगडुंग पूर्व से ही जूनियर भारतीय महिला हाकी टीम की नियमित सदस्य हैं। दीपिका सोरेंग व महिमा टेटे पहली बार जूनियर भारतीय टीम में चयनित हुई हैं।
  • तीनों चयनित खिलाड़ी 19 जून से 26 जून, 2022 तक डबलिन, आयरलैंड में आयोजित हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम की सदस्य के रूप में भाग लेंगी।

छत्तीसगढ़ Switch to English

झीरम घाटी शहीद मेमोरियल

चर्चा में क्यों?

25 मई, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर के लालबाग मैदान में झीरम घाटी शहीद मेमोरियल का लोकार्पण किया और झीरम घाटी के शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने मेमोरियल परिसर में ही 100 फीट ऊँचे तिरंगे का भी ध्वजारोहण किया, जो शहीदों के सम्मान के रूप में सदैव लहराता रहेगा।
  • झीरम घाटी में शहीद 32 लोगों की यादों को आम लोगों के दिलों में सदैव ज़िंदा रखने के लिये जगदलपुर के लागबाग मैदान में झीरम घाटी शहीद स्मारक का निर्माण किया गया है।
  • गौरतलब है कि आज से ठीक 9 साल पहले 25 मई, 2013 को बस्तर के झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओं नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार, योगेंद्र शर्मा और पुलिस के जवानों सहित 32 लोग शहीद हो गए थे।
  • झीरम घाटी में शहीद 32 जनप्रतिनिधियों एवं जवानों की मूर्तियाँ उनके नाम के साथ स्थापित की गई हैं, जो उनकी पहचान को सदैव जीवित रखेंगी।
  • उल्लेखनीय है कि राज्य में शहीदों के बलिदान की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिये 25 मई को झीरम घाटी श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाता है।

छत्तीसगढ़ Switch to English

छत्तीसगढ़ नेशनल पार्क क्षेत्र में वन संसाधन मान्यता-पत्र देने वाला दूसरा राज्य

चर्चा में क्यों?

25 मई, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर विधानसभा के मंगलपुर में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान वनवासियों को नेशनल पार्क क्षेत्र में वन संसाधन मान्यता-पत्र दिये जाने की घोषणा की।

प्रमुख बिंदु

  • ओडिशा के बाद छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य होगा, जो नेशनल पार्क क्षेत्र में वन संसाधन मान्यता-पत्र प्रदान करेगा।
  • वन संसाधन मान्यता-पत्र मिलने से वनवासियों को रोज़गार के साथ-साथ आय के लिये अधिक-से-अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
  • इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित अन्य घोषणाएँ भी कीं-
  • कोटमसर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु आदिवासी युवकों को 15 जिप्सी वाहन दिये जाएंगे।
  • सुकमा के दोरनापाल, कूकनार और तोंगपाल में स्वामी आत्मानंद स्कूल आरंभ किये जाएंगे।
  • कनकापाल से लेदा और जीरम से एलमनार तक सड़क बनाई जाएगी।
  • मावलीपदर, नेतानार, पंडरीपानी और माड़पाल में आदर्श देवगुड़ी की स्थापना की जाएगी।

उत्तराखंड Switch to English

उत्तराखंड में बनाए जाएंगे 31 नए हेलीपैड

चर्चा में क्यों?

25 मई, 2022 को नागरिक उड्डयन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि प्रदेश में सैलानियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से हेली सेवाओं को विस्तार देने के लिये 31 स्थानों पर नए हेलीपैड बनाने की तैयारी की जा रही है।

प्रमुख बिंदु

  • ये हेलीपैड देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा ज़िलों में बनाए जाएंगे। हेलीपैड बनाने का खर्च प्रदेश सरकार स्वयं वहन करेगी।
  • राज्य पर्यटन विभाग ने ज़िलाधिकारियों को अपने ज़िलों के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के निकट हेलीपैड के लिये ज़मीन चिह्नित करने के निर्देश दिये हैं, जिससे जल्द-से-जल्द इन ज़मीनों का अधिग्रहण कर यहाँ हेलीपैड तैयार कर हेली सेवाओं का संचालन किया जा सके।
  • प्रदेश में उड़ान योजना के तहत देहरादून से चिन्यालीसौड़, देहरादून से गौंचर, देहरादून से टिहरी, देहरादून से श्रीनगर, देहरादून से अल्मोड़ा व हल्द्वानी से पिथौरागढ़ के लिये हेली सेवाओं का संचालन किया जा रहा है।
  • तीर्थांटन को देहरादून से केदारनाथ व चमोली ज़िले के विभिन्न स्थानों से केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के लिये हेली सेवाएँ संचालित की जा रही हैं। इन्हें मिलाकर प्रदेश में 51 स्थानों पर हेलीपैड बने हुए हैं।
  • गौरतलब है कि उत्तराखंड में नैसर्गिक सुंदरता से भरी पड़ी है। कहीं ऊँचे-ऊँचे पर्वत तो कहीं मखमली बुग्याल पर्यटकों को अपनी ओर बरबस आकर्षित करते हैं। यहाँ सुदूरवर्ती पर्वतों के बीच बनी प्राकृतिक झीलें पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होने के साथ ही पौराणिक महत्त्व की भी हैं।
  • सरकार का प्रयास ऐसे पर्यटन स्थलों के आस-पास हेलीपैड तैयार करने का है, ताकि पर्यटक हेली सेवाओं के ज़रिये इन स्थानों तक पहुँच सकें और उन्हें कम-से-कम पैदल चलना पड़े। इसके साथ ही वे आकाश से भी बर्फ से लदी पहाड़ियों का सौंदर्य देख पाएंगे।
  • प्रदेश सरकार की योजना निजी हेली कंपनियों के माध्यम से इन स्थानों पर हेली सेवाएँ शुरू करने की है। इससे न केवल सरकार को राजस्व मिलेगा, बल्कि पर्यटकों को भी इससे सहूलियत मिल सकेगी।
  • उत्तराखंड आपदा के लिहाज़ से भी संवेदनशील राज्य है। आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में हेलीकॉप्टर का प्रयोग किया जाता है। नए स्थानों पर बने हेलीपैड आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिये भी महत्त्वपूर्ण साबित होंगे।

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