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स्टेट पी.सी.एस.

  • 25 May 2022
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उत्तर प्रदेश Switch to English

गंगा के किनारे वनीकरण को बढ़ावा देगी सरकार

चर्चा में क्यों?

23 मई, 2022 को राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि गंगा नदी को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नदी के किनारे वनीकरण को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों को जैविक उर्वरकों के साथ बदलने की योजना बनाई है।

प्रमुख बिंदु

  • प्रवक्ता ने बताया कि योजना के तहत 27 ज़िलों (जहाँ से होकर गंगा बहती है) के दोनों किनारों पर 10 किमी. के दायरे में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • राज्य सरकार ने अगले छह महीनों में 27 ज़िलों में 503 स्थानों पर फैले गंगा तट के साथ 6,759 हेक्टेयर में वनीकरण का लक्ष्य रखा है। गौरतलब है कि कासगंज और कुछ अन्य क्षेत्रों में वृक्षारोपण अभियान पहले ही शुरू किया जा चुका है।
  • राज्य सरकार ने न केवल गंगा के किनारे, बल्कि उसकी सहायक नदियों के किनारे भी सघन वनरोपण अभियान की योजना बनाई है। सरकार का लक्ष्य गंगा तट और उसकी सहायक नदियों के किनारे औषधीय, दुर्लभ और पारंपरिक पौधों को लगाना है।
  • इससे न केवल वन क्षेत्र बढ़ाने और जलवायु में सुधार करने में मदद मिलेगी, बल्कि मिट्टी के कटाव को भी रोका जा सकेगा तथा इन क्षेत्रों में बाढ़ की गंभीरता को कम किया जा सकेगा।
  • जैविक खेती में उपज बढ़ाने और मिट्टी की रक्षा के लिये रासायनिक उर्वरकों और ज़हरीले कीटनाशकों को पूरी तरह से जैविक खाद से बदल दिया जाता है। चूँकि गंगा के मैदान की मिट्टी हर साल बाढ़ के कारण बदल जाती है, इसलिये पूरे बेसिन में जैविक खेती की काफी संभावनाएँ हैं।
  • उल्लेखनीय है कि भारत में गंगा के मैदान का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश में स्थित है। नदी बिजनौर, बदायूँ, अमरोहा, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, प्रयागराज, मिर्ज़ापुर और गाज़ीपुर सहित राज्य के 27 ज़िलों से होकर बहती है।

राजस्थान Switch to English

राज्य के सभी ज़िलों में बनाई जाएंगी लव-कुश वाटिकाएँ

चर्चा में क्यों?

24 मई, 2022 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वन विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य में ईको-टूरिज़्म को बढ़ावा देने के लिये प्रत्येक ज़िले में लव-कुश वाटिका विकसित करने के निर्देश दिये।

प्रमुख बिंदु

  • प्रत्येक ज़िले में लव-कुश वाटिका विकसित करने में लगभग 2-2 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
  • मुख्यमंत्री ने वन अधिकारियों को वाटिकाओं में वन एवं वन्यजीवों से संबंधित ऐसे मॉडल स्थापित करने के निर्देश दिये, जिनसे बच्चों को पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण की शिक्षा मिल सके।
  • मुख्यमंत्री ने सभी घोषणाओं को समय पर सुनियोजित तरीके से पूरा कराने, वन क्षेत्र में वन्यजीवों से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिये सख्त कदम उठाने तथा अभयारण्य घूमने आने वाले पर्यटकों को वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये।
  • उन्होंने चूरू के तालछापर अभ्यारण्य में वन्यजीव प्रबंधन प्रशिक्षण केंद्र की प्रगति, चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किये जाने, जोधपुर में ‘पँश्री कैलाश सांखला स्मृति वन’ को शुरू करने, फतेहपुर-सीकर में सिटी नेचर पार्क के निर्माण सहित अन्य कार्यों की समीक्षा की।
  • बैठक में प्रमुख शासन सचिव वन एवं पर्यावरण श्री शिखर अग्रवाल ने बताया कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर 1 जुलाई, 2022 से प्रतिबंध के लिये आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

राजस्थान Switch to English

आरएसएलडीसी का ‘सीएक्सओ कॉन्क्लेव’

चर्चा में क्यों?

24 मई, 2022 को राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) की ओर से ‘सीएक्सओ कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं को इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप ट्रेंड कर रोज़गार के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने पर मंथन हुआ।

प्रमुख बिंदु

  • आरएसएलडीसी अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. आरुषी मलिक ने प्रदेश में मौज़ूद युवा कार्यबल को ताकत बताते हुए कहा कि युवाओं को ज़्यादा प्रतिस्पर्द्धी बनाने के लिये राजस्थान स्किल्स प्रतियोगिता कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
  • दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में ऑटोमोटिव, रिटेल, स्वास्थ्य एवं लॉजिस्टिक्स पर तकनीकी सत्र आयोजित हुए।
  • इस दौरान विभिन्न उद्योगों, क्षेत्रीय कौशल परिषद, प्रशिक्षण प्रदाता, उद्योग संघ और कौशल विकास से संबंधित अन्य हितधारकों ने पैनल डिस्कस में भाग लेते हुए अपनी ज़रूरतों से अवगत कराया और उसी के अनुरूप पाठ्यक्रमों में वांछित बदलाव करने के सुझाव दिये।
  • उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को इंडस्ट्री से कनेक्ट करने और युवाओं को ‘ऑन जॉब ट्रेनिंग’ कराकर व्यावहारिक ज्ञान देने पर बल दिया।
  • कार्यक्रम में कौशल, उद्यमिता एवं नियोजन राज्य मंत्री अशोक चांदना ने अनांबिका जोशी एवं अशोक वर्मा को ‘स्किल आइकन’ के रूप में सम्मानित किया और प्रशिक्षण पूरा करने वाले 7 अभ्यर्थियों को विभिन्न कंपनियों में नौकरी के ‘ऑफर लेटर’ सौंपे।

राजस्थान Switch to English

मुख्यमंत्री ने ई-ह्वीकल पॉलिसी को मंज़ूरी दी

चर्चा में क्यों?

24 मई, 2022 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान इलेक्ट्रिक ह्वीकल पॉलिसी (आरईवीपी) को मंज़ूरी दे दी। साथ ही, ऐसे वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन देने के लिये प्रस्तावित एकमुश्त अंशदान और एसजीएसटी पुनर्भरण के लिये 40 करोड़ रुपए के अतिरिक्त बजट प्रावधान को भी स्वीकृति दी।

प्रमुख बिंदु

  • उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2019-20 के बजट में इलेक्ट्रिक ह्वीकल नीति लाने की घोषणा की गई थी।
  • घोषणा के अनुसार इन वाहनों के क्रेताओं को एसजीएसटी का पुनर्भरण किये जाने के साथ ही, ऐसे वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन देने के लिये एकमुश्त अनुदान के रूप में बैटरी क्षमता अनुसार दुपहिया वाहनों को 5 से 10 हज़ार रुपए प्रति वाहन एवं तिपहिया वाहनों को 10 से 20 हज़ार रुपए प्रति वाहन दिया जाएगा।
  • प्रदेश में ई-ह्वीकल्स को मोटर ह्वीकल टैक्स के दायरे से भी बाहर रखा गया है। नई नीति में ई-ह्वीकल विक्रेताओं को सभी प्रकार का पुनर्भरण 7 दिनों में करने का प्रावधान किया गया है।
  • इस नीति के लागू होने से प्रदेश में डीज़ल-पेट्रोल के वाहनों द्वारा होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी। 

मध्य प्रदेश Switch to English

उत्कृष्ट कार्यों के लिये 3 नवीन पुरस्कार

चर्चा में क्यों?

24 मई, 2022 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 3 नवीन पुरस्कार मध्य प्रदेश गौरव सम्मान, मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (शासकीय योजनाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु) एवं मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार हेतु) को संचालित किये जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित ये पुरस्कार प्रतिवर्ष मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस 1 नवंबर को दिये जाएंगे।
  • मध्य प्रदेश गौरव सम्मान-
    • प्रदेश के नागरिकों/संस्थाओं को विभिन्न श्रेणियों में उनके द्वारा किये गए असाधारण कार्यों के लिये दिये जाएंगे।
    • प्रतिवर्ष कुल 10 पुरस्कार दिये जाएंगे।
    • प्रति पुरस्कार 5 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।
    • एक ही कार्यक्षेत्र या श्रेणी में एक से अधिक व्यक्ति के पात्र होने पर पुरस्कार राशि बराबर-बराबर वितरित की जाएगी।
    • केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासी आवेदन कर सकेंगे।
  • मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (टीम)-
    • शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये ज़िला प्रशासन की टीम को दिया जाएगा।
    • विभिन्न श्रेणियों में कुल 5 पुरस्कार दिये जाएंगे।
    • प्रत्येक श्रेणी में 10 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।
  • मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (नवाचार)-
    • शासकीय योजनाओं के नवाचार के लिये शासकीय सेवकों को दिया जाएगा।
    • विभिन्न श्रेणियों में कुल 15 पुरस्कार दिये जाएंगे।
    • प्रत्येक श्रेणी में 1 लाख रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी।
    • एक ही कार्यक्षेत्र या श्रेणी में एक से अधिक शासकीय सेवक के पात्र होने पर पुरस्कार राशि बराबर-बराबर वितरित की जाएगी।

मध्य प्रदेश Switch to English

मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्त्वपूर्ण निर्णय

चर्चा में क्यों?

23 मई, 2022 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्य प्रदेश ग्रामीण (सीमांत, छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक) ऋण विमुक्ति विधेयक, 2022 के प्रारूप के अनुमोदन के निर्णय के साथ ही कई अन्य महत्त्वपूर्ण निर्णय लिये गए।

प्रमुख बिंदु

  • मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिये निर्धारित दरों पर विभिन्न श्रेणियों में उपभोक्ताओं को 16 हज़ार 424 करोड़ 18 लाख रुपए की सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया। यह प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं के लिये गृह ज्योति योजना में स्वीकृत 5,584 करोड़ 40 लाख रुपए की सब्सिडी के अतिरिक्त है। इसके एवज़ में विद्युत वितरण कंपनियों को सब्सिडी दी जाएगी।
  • मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को फसल हानि/क्षति होने पर वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 17 हज़ार 72 करोड़ 30 लाख रुपए का वित्तीय आकार निर्धारित करते हुए इसे निरंतर बनाए रखे जाने का निर्णय लिया।
  • इसमें 2020-21 से 2022-23 तक के लिये 8 हज़ार 410 करोड़ रुपए केंद्रांश एवं 8 हज़ार 410 करोड़ रुपए राज्यांश और राज्यांश राशि का 3 प्रतिशत प्रशासनिक व्यय राशि रुपए 252 करोड़ 30 लाख रुपए शामिल है।
  • मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा से उत्पादित विद्युत की निकासी के लिये मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा ग्रीन इनर्जी कॉरिडोर परियोजना में किये जा रहे पोषण कार्यों के वित्त पोषण हेतु मेसर्स के.एफ. डब्ल्यू, जर्मनी से स्वीकृत ऋण राशि 124 मिलियन यूरो का संपूर्ण उपयोग करने की सहमति दी।
  • मंत्रिपरिषद द्वारा सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना (द्वितीय चरण), ज़िला खंडवा 2X660 मेगावॉट की पुनरीक्षित लागत 7 हज़ार 738 करोड़ रुपए का अनुमोदन दिया गया।
  • मंत्रिपरिषद ने मध्य प्रदेश ग्रामीण (सीमांत, छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक) ऋण विमुक्ति विधेयक, 2022 के प्रारूप तथा मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2022 का अनुमोदन किया।
  • मंत्रिपरिषद ने रामपुरा मनासा सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। परियोजना की लागत राशि 1208 करोड़ 89 लाख रुपए है। इस परियोजना की रबी के लिये सिंचाई क्षमता 65 हज़ार 400 हेक्टेयर होगी। परियोजना से मनासा तहसील के 215 ग्रामों के कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

हरियाणा Switch to English

इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब

चर्चा में क्यों?

24 मई, 2022 को हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि नांगल चौधरी (महेंद्रगढ़) में 900 एकड़ से अधिक क्षेत्र में उत्तर भारत में सबसे बड़े इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक हब के रूप में इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्य सचिव संजीव कौशल ने यह बात हरियाणा से गुज़रने वाली फ्रेट कॉरिडोर परियोजनाओं के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में कही।
  • उन्होंने इस इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब को दिल्ली-मुंबई डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्ट करने के लिये डीएफसीसीआईएल द्वारा कनेक्टिंग लाइन बनाए जाने के कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश भी दिये।
  • हरियाणा से 246 किमी. लंबाई के ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर गुजरेंगे, जिनके बनने से एक ओर जहाँ यातायात में सुगमता होगी तो वहीं ये कॉरिडोर हरियाणा के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देंगे।
  • 1506 किमी. लंबा वेस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों से होकर गुजरेगा और 177 किमी. स्ट्रेच हरियाणा में बनेगा।
  • इसी प्रकार, 1875 किमी. लंबा ईस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों से होकर गुज़रेगा और 72 किमी. स्ट्रेच हरियाणा में बनेगा।

छत्तीसगढ़ Switch to English

मुख्यमंत्री ने माँ दंतेश्वरी को अर्पित की 11 किमी. लंबी चुनरी

चर्चा में क्यों?

24 मई, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान दंतेवाड़ा ज़िले में माँ दंतेश्वरी का दर्शन कर उन्हें डेनेक्स की महिलाओं द्वारा तैयार की गई 11 किमी. लंबी चुनरी ओढ़ाई, जिससे इन महिलाओं का नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हो गया।

प्रमुख बिंदु

  • गौरतलब है कि डेनेक्स (दंतेवाड़ा नेक्स्ट) की 300 महिलाओं ने केवल 7 दिनों में अपने हुनर से 11 किमी. लंबी यह चुनरी तैयार की है।
  • इससे पहले भी डेनेक्स में काम करने वाली महिलाएँ 8,000 मीटर लंबी चुनरी बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित कर चुकी हैं। इस चुनरी को 2017 में मध्य प्रदेश के मंदसौर में नर्मदा नदी पर चढ़ाया गया था।
  • मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में मावली माता और भैरव जी के दर्शन भी किये।
  • इस दौरान मंदिर परिसर में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की सुमधुर ध्वनि से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया था।
  • ज़िला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि डेनेक्स की महिलाओं ने जो चुनरी बनाई है, उससे उनके हुनर को पूरे देश में जगह मिलेगी और इससे उनके काम की ख्याति दुनिया भर में फैलेगी।
  • गौरतलब है कि ‘दंतेवाड़ा नेक्स्ट’ (डेनेक्स) एक कपड़ा निर्माता कंपनी है, जिसे ज़िला प्रशासन ने जनवरी 2021 में शुरू किया था। वर्तमान में ज़िले में इसकी पाँच इकाईयाँ हैं।

छत्तीसगढ़ Switch to English

प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं उद्यानिकी फसलों की मौसम आधारित बीमा दावा राशि के वितरण का शुभारंभ

चर्चा में क्यों?

24 मई, 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के सुदूर अंचल दंतेवाड़ा से राज्य के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं उद्यानिकी फसलों की मौसम आधारित बीमा दावा राशि के वितरण का शुभारंभ किया।

प्रमुख बिंदु

  • रबी एवं उद्यानिकी फसलों की बीमा योजना के तहत राज्य के 17 ज़िलों के लगभग डेढ़ लाख किसानों को 307 करोड़ 19 लाख रुपए की दावा राशि मिलेगी।
  • उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने किसानों को फसल बीमा दावा राशि के भुगतान में विलंब न हो, इसके मद्देनज़र राजधानी रायपुर से इस कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बजाय दंतेवाड़ा से ही ऑनलाइन शुभारंभ किया। इससे पूर्व गोधन न्याय योजना की राशि का वितरण उन्होंने सरगुजा संभाग में भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान रामानुजगंज से किया था।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत राज्य के 17 ज़िलों के लगभग 1 लाख 45 हज़ार किसानों को 297 करोड़ 9 लाख रुपए तथा उद्यानिकी फसलों के मौसम आधारित बीमा योजना के अंतर्गत 4,747 कृषकों को 10 करोड़ 10 लाख रुपए का भुगतान किया जा रहा है। खरीफ 2021 में राज्य के 3 लाख 97 हज़ार कृषकों को 752 करोड़ रुपए की दावा राशि का भुगतान किया गया है।
  • कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने कहा कि पूरे देश में छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में सबसे अधिक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने और राज्य के किसानों को इसका लाभ दिलाने में छत्तीसगढ़ देश में पहले नंबर पर है। किसानों को रबी फसलों के बीमा दावा का भुगतान के मामले में भी छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है।
  • गौरतलब है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2016 से लागू है। इसके तहत किसानों को खरीफ फसलों धान, मक्का, मूँगफली, सोयाबीन, अरहर, मूंग और उड़द के लिये मात्र 2 प्रतिशत तथा रबी फसलों गेहूँ, चना, राई-सरसों एवं अलसी के लिये 1.5 प्रतिशत प्रीमियम राशि देनी होती है। शेष बीमा प्रीमियम राशि का आधा-आधा हिस्सा राज्यांश एवं केंद्रांश होता है।

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