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उत्तराखंड स्टेट पी.सी.एस.

  • 24 Sep 2021
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उत्तराखंड ने आयुष्मान भारत योजना, आयु कार्डों पर शुल्क में छूट दी

चर्चा में क्यों?

23 सितंबर, 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत योजना- ABY) की तीसरी वर्षगाँठ पर राज्य में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिये शुल्क में छूट देने की घोषणा की। अभी तक कार्ड बनाने के लिये 30 रुपए शुल्क लगता था।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आरोग्य मंथन-3.0’ में यह घोषणा की।
  • उन्होंने योजना के तहत अस्पतालों के दावों के निपटारे के लिये सात दिनों की समय-सीमा भी तय की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना (AAUY) के तहत कवर किया है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत अब तक कुल 3.5 लाख लोगों का इलाज हो चुका है और इस पर 460 करोड़ रुपए खर्च किये जा चुके हैं।
  • स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि योजना के तहत कुल 102 सरकारी और 113 निजी अस्पताल पैनल में शामिल हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि पैनल में शामिल प्रत्येक अस्पताल में योजना के संबंध में डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएँ। 
  • उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक ऐसी योजना पर काम कर रही है, जिससे सभी निजी अस्पतालों का इन योजनाओं के पैनल में होना अनिवार्य हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी छूटे हुए परिवारों को योजना के तहत लाने के लिये प्रखंड स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे।

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देहरादून में बनेगा नेत्र संग्रह केंद्र

चर्चा में क्यों?

हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गांधी शताब्दी नेत्र अस्पताल (GCEH), देहरादून को नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस के तहत नेत्र संग्रह केंद्र शुरू करने की अनुमति दी गई है।

प्रमुख बिंदु

  • राज्य स्वास्थ्य सेवाओं की महानिदेशक (DG) डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने अस्पताल के अधिकारियों को इस साल 1 नवंबर से पहले केंद्र शुरू करने का निर्देश दिया है। 
  • इसके शुरू होते ही GCEH यह सुविधा देने वाला राज्य का पहला केंद्र होगा।
  • राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने कहा कि केंद्र के लिये GCEH में आवश्यक बुनियादी ढाँचे और सुविधाओं का विकास किया जाएगा। देहरादून के आसपास के क्षेत्रों, विशेषकर गढ़वाल संभाग में रहने वाले लोगों को नेत्र प्रत्यारोपण का लाभ मिलेगा। 
  • उन्होंने कहा कि GCEH केवल नेत्र संग्रह केंद्र के रूप में कार्य करेगा और एकत्रित नेत्रगोलक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), ऋषिकेश या हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट, देहरादून के नेत्र बैंकों में रखा जाएगा।

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