दृष्टि ज्यूडिशियरी का पहला फाउंडेशन बैच 11 मार्च से शुरू अभी रजिस्टर करें
ध्यान दें:

स्टेट पी.सी.एस.

  • 21 Sep 2022
  • 1 min read
  • Switch Date:  
उत्तर प्रदेश Switch to English

उन्नाव के नवाबगंज में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के नवाबगंज में जेवर से भी बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • दिल्ली-एनसीआर की तर्ज़ पर लखनऊ-कानपुर राज्य राजधानी क्षेत्र में तीन और शहरों- सीतापुर, रायबरेली तथा हरदोई को भी शामिल किया गया है। इससे पहले लखनऊ और कानपुर के अलावा उन्नाव और बाराबंकी शहर ही शामिल थे।
  • केडीए के उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट बनने के लिये लगभग 10 हज़ार एकड़ ज़मीन की ज़रूरत होगी। ज़मीन को चिह्नित करने का कार्य शुरू हो गया है।
  • अरविंद सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 9 महीने लगे हैं। नवाबगंज के पास इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाना इसलिये भी ज़रूरी है, क्योंकि अमौसी एयरपोर्ट का विस्तार अब और नहीं हो सकता।
  • शासन के निर्देश पर केडीए ने राज्य राजधानी क्षेत्र के तहत जो कॉन्सेप्ट प्लान बनाया है, उसमें नवाबगंज पक्षी विहार से एयरपोर्ट की न्यूनतम दूरी 5 किमी. रखी गई है, ताकि पक्षियों के हैबीटेट पर कोई असर न पड़े।
  • इस एयरपोर्ट का फायदा न सिर्फ राज्य राजधानी क्षेत्र, बल्कि बुंदेलखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश के शहरों, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश तक के लोगों को मिलेगा।

बिहार Switch to English

बिहार में चावल से लेकर चीनी तक के लिये निवेश प्रस्ताव, 20 नई यूनिट लगाने की योजना

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश के लिये 529 करोड़ रुपए के नए प्रस्ताव आए हैं। इन प्रस्ताव में 20 नई यूनिट लगाने की योजना है। राज्य की निवेश प्रोत्साहन परिषद ने इसे प्रारंभिक स्वीकृति दे दी है।

प्रमुख बिंदु

  • ये प्रस्ताव राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद की 41वीं बैठक में आए हैं। खाद्य प्रसंस्करण की सात प्रमुख यूनिटों की स्थापना में 419 करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव हैं। वैशाली में खाद्य प्रसंस्करण की प्रस्तावित यूनिट में 213 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है। इस यूनिट में केच-अप, टोमैटो पेस्ट और न्यूट्रिशनल पाउडर का निर्माण होगा।
  • गोपालगंज स्थित विष्णु शुगर मिल्स लिमिटेड 90 करोड़ रुपए की लागत से मोलासेस बेस्ड इथेनॉल डिस्टिलरी, पश्चिमी चंपारण स्थित मछौलिया सुगर इंडस्ट्रीज़ भी मोलासेस बेस्ट डिस्टलरी प्लांट पर 27 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
  • इसके अलावा हरिनगर सुगर मिल्स लिमिटेड पश्चिमी चंपारण में 80 करोड़ रुपए की लागत से चीनी मिल प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसी तरह औरंगाबाद औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के सत्तू और फ्रूट उत्पाद के कारखाने प्रस्तावित हैं।
  • खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े अन्य प्रस्तावों में 110 करोड़ रुपए के निवेश से 13 राइस मिल लगाने के प्रस्ताव हैं। ये यूनिट अरवा और उसना चावल से जुड़ी हैं। ये सभी राइस मिलें सीतामढ़ी, मधुबनी के विद्यानगर, किशनगंज के कासीपुर बेलवा, रोहतास के करघर, औरंगाबाद में खेरहरी, बांका, पश्चिमी चंपारण, भोजपुर में जगदीशपुर और पूर्णिया में स्थापित की जानी हैं।
  • निवेश प्रोत्साहन परिषद में टेक्सटाइल और लेदर यूनिट लगाने के भी 46 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव हैं। किशनगंज के सुल्तानगंज में जूट के धागे, फाइबर उत्पाद, सिलाई, बुनाई और कढ़ाई की यूनिट लगाना प्रस्तावित है। इसी तरह भागलपुर, पूर्णिया, बांका और पूर्वी चंपारण में टेक्सटाइल और लेदर यूनिट के लिये प्रथम क्लियरेंस दिया गया है।
  • अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य-
    • फ्लाइ ऐश ईंट निर्माण के लिये मुज़फ्फरपुर मोहनपुर में, भागलपुर, पटना, बेगूसराय में यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव हैं। हालाँकि, इस पर केवल सात करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावित हैं।
    • इसके अलावा पूर्णिया, पटना और मुज़फ्फरपुर ज़िलों में पीवीसी पाइप्स आदि के लघु उद्योग स्थापित किये जाने हैं।
    • लगभग 177 करोड़ रुपए की 21 अन्य यूनिट लगाने के प्रस्ताव हैं। जनरल मैन्युफैक्चरिंग, नवीकृत ऊर्जा, फ्लोर मिल, पेपर कप और प्लेट, कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, मशीन मैनुफैक्चरिंग, हॉस्पीटल, ऑक्सीजन प्लांट और वुडन फर्नीचर यूनिट लगनी हैं।
    • निवेश प्रोत्साहन परिषद की 41वीं बैठक में 765 करोड़ रुपए के 53 प्रस्तावों पर प्रथम क्लियरेंस की मुहर लगी, 164 करोड़ रुपए के 11 प्रस्तावों को वित्तीय क्लियरेंस दी गई तथा 10 इकाइयों के फर्स्ट क्लियरेंस के आवेदनों को निरस्त कर दिया गया।

बिहार Switch to English

राज्य सरकार ने गया एयरपोर्ट पर घटाया VAT

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को एयरपोर्ट कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने गया एयरपोर्ट पर विमानों को ईंधन लेने में बड़ी सहूलियत देते हुए अपने हिस्से के वैट चार्ज को 29 प्रतिशत से घटाकर मात्र चार प्रतिशत कर दिया है।

प्रमुख बिंदु

  • राज्य सरकार ने गया व बोधगया में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा करने व गया एयरपोर्ट के रास्ते ज़्यादा-से-ज़्यादा यात्रियों की आवाजाही बढ़ाने को लेकर यह निर्णय लिया है। इससे गया व बोधगया को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। विमानों की आवाजाही बढ़ने से गया एयरपोर्ट को भी लाभ होगा और विमानों के लैंडिंग चार्ज के रूप में आमदनी बढ़ेगी।
  • राज्य सरकार के इस निर्णय से गया एयरपोर्ट पर विमानों को सस्ता ईंधन मिल पाएगा और इस कारण यहाँ ईंधन लेने के लिये दूसरे रूट के विमानों की भी आवाजाही बढ़ जाएगी। मुख्यरूप से घरेलू विमानों के गया एयरपोर्ट तक पहुँचने से यात्रियों की आवाजाही भी बढ़ सकती है।
  • ज़्यादातर विमान, जो दूसरे रूट से भी आवाजाही कर रहे हैं, वह सस्ता ईधन लेने के लिये गया एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे और गया एयरपोर्ट का रूट तय करेंगे। इससे गया आने व गया से बाहर जाने वाले यात्रियों को लाभ होगा। घरेलू विमानों की आवाजाही बढ़ जाएगी और गया एयरपोर्ट देश के कई बड़े शहरों से जुड़ जाएगा। यहाँ तक कि बैंकॉक से कोलकाता के लिये उड़ान भरने वाले विमान भी वाया गया का रूट पसंद करेंगे।
  • गया में ईधन लेने से विमानों को एक हज़ार लीटर ईंधन पर कम-से-कम 20 हज़ार रुपए की बचत होगी। अमूमन कोई भी विमान ईंधन रिफिलिंग के वक्त दो हज़ार लीटर के करीब फ्यूल लेती हैं। इस तरह विमानन कंपनियों को एक बार ईधन लेने में कम-से-कम 40 हज़ार रुपए की बचत होगी। इसका लाभ उठाने के लिये अब चेन्नई से दिल्ली व दिल्ली से कोलकाता के लिये उड़ान भरने वाले विमान भी गया एयरपोर्ट का रूट ही पसंद करेंगे।

राजस्थान Switch to English

राजस्थान सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2022 ध्वनिमत से पारित

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2022 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सहकारिता मंत्री आंजना उदयलाल ने विधेयक सदन में प्रस्तुत किया था।  

प्रमुख बिंदु

  • विधेयक पर चर्चा के बाद सहकारिता मंत्री ने इसके उद्देश्यों व कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संशोधित विधेयक में सहकारी समितियों के दक्ष कार्यकरण के लिये लंबी सेवा वाले एवं अनुभवी सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दृष्टि से राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 की धारा 28 की उप धारा (7-क) को हटाया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 (2002 का अधिनियम सं. 16) की धारा 28 की विद्यमान उप-धारा (7-क) यह उपबंध करती थी कि कोई भी व्यक्ति समिति के सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिये पात्र नहीं होगा, यदि वह राजस्थान सहकारी सोसाइटी (संशोधन) अधिनियम, 2016 (2016 का अधिनियम सं. 11) के प्रारंभ के पश्चात् उसी सोसाइटी की समिति के सदस्य के रूप में लगातार दो बार के लिये निर्वाचित या सहयोजित किया जा चुका है, जब तक कि ऐसी समिति के सदस्य के रूप में उसका दूसरा कार्यकाल समाप्त होने की तारीख से पाँच वर्ष की कालावधि व्यतीत नहीं हो चुकी है।
  • इससे पहले विधेयक को सदस्यों द्वारा प्रचारित करने के प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया।

राजस्थान Switch to English

राजस्थान विधानसभा (अधिकारियों तथा सदस्यों की परिलब्धियाँ और पेंशन) (संशोधन) विधेयक, 2022 ध्वनिमत से पारित

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान विधानसभा (अधिकारियों तथा सदस्यों की परिलब्धियाँ और पेंशन) (संशोधन) विधेयक, 2022 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

प्रमुख बिंदु

  • संसदीय कार्यमंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विधेयक को सदन में प्रस्तुत किया।
  • इस संशोधित विधेयक के अनुसार राजस्थान विधानसभा (अधिकारियों तथा सदस्यों की परिलब्धियाँ और पेंशन) अधिनियम 1956 धारा 4-घ में नई उप-धारा (2) जोड़ी गई है।
  • इस संशोधन के बाद राजस्थान के पूर्व सदस्य रेल, वायुयान, पोत या स्टीमर में किसी भी श्रेणी में विदेश यात्रा करने पर वास्तविक किराए का पुनर्भरण प्राप्त कर सकेंगे, लेकिन ऐसी यात्रा के लिये विधानसभा अध्यक्ष से अनुमोदन आवश्यक होगा। पूर्व में यह सुविधा भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर यात्रा के लिये ही देय थी।
  • इससे पहले विधेयक को सदस्यों द्वारा प्रचारित करने के प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया।

मध्य प्रदेश Switch to English

मंत्रिपरिषद ने मेधावी विद्यार्थी योजना में संशोधन की दी स्वीकृति

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना’ में संशोधनों की स्वीकृति देने के साथ ही कई अन्य महत्त्वपूर्ण निर्णय लिये गए।

प्रमुख बिंदु

  • संशोधन के अनुसार ऐसे विद्यार्थियों को जिन्हें योजना में 1 बार लाभ प्राप्त हो जाने के बाद और आय की सीमा 6 लाख रुपए से अधिक होने पर भी पाठ्यक्रम के पूरे होने तक योजना के लाभ की पात्रता होगी।
  • साथ ही ‘लेटरल एंट्री’ के माध्यम से इंजीनियरिंग और फार्मेसी पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में प्रदेश की केंद्रीकृत कॉमन मेरिट सूची में प्रथम 15 प्रतिशत में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी एवं 10वीं और 12वीं की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल से 70 प्रतिशत या सीबीएससी/आईसीएसई की परीक्षा 85 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण विद्यार्थी यदि आदेश में शामिल संस्थाओं के इंजीनियरिंग एवं फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते है, तो ऐसे विद्यार्थी योजना के लिये पात्र होंगे। ऐसे विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये जेईई मेन्स रैंक की बाध्यता नहीं होगी।
  • मंत्रिपरिषद ने ज़िला दतिया में मोटर ड्राईविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MDTRI)  की स्थापना एवं संचालन की स्वीकृति दी।
  • मंत्रिपरिषद ने शासकीय सेवकों और पेंशनरों को सातवें वेतनमान में देय महँगाई-भत्ता एवं राहत की दर में एक अगस्त, 2022 (भुगतान माह सितंबर, 2022) से 3 प्रतिशत की वृद्धि की जाकर 34 प्रतिशत करने एवं राज्य शासन के छठवें वेतनमान में कार्यरत् शासकीय सेवकों तथा राज्य शासन के उपक्रम, निगम, मंडल तथा अनुदानप्राप्त संस्थाओं के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत् चौथे एवं पाँचवें वेतनमान में आनुपातिक आधार पर महँगाई-भत्ते में वृद्धि का 18 अगस्त, 2022 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया।
  • मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 में पेंशनरों/परिवार पेंशनरों को महँगाई राहत में वृद्धि के फलस्वरूप व्ययभार मध्य प्रदेश शासन एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियत अनुपात में वहन किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन की सहमति प्राप्त करने के बाद महँगाई राहत का आदेश जारी करने के लिये वित्त विभाग को अधिकृत किया गया।
  • कर्मचारियों को देय महँगाई-भत्ता में 3 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने पर इस वित्तीय वर्ष में 625 करोड़ रुपए का अतिरिक्त अनुमानित व्यय भार संभावित है। पेंशनर/परिवार पेंशनरों को छत्तीसगढ़ शासन से सहमति प्राप्त होने की स्थिति में महँगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने पर इस वित्तीय वर्ष में 304 करोड़ रुपए का अतिरिक्त अनुमानित व्यय भार संभावित है।
  • मंत्रिपरिषद द्वारा मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिये मानव संसाधन की भर्ती प्रक्रिया में गति लाने तथा नई तकनीकों में दक्ष आईटी विशेषज्ञों की सुगम उपलब्धता के दृष्टिगत निर्णय लिया गया है कि मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के अंतर्गत संचालित (COE, PeMTS, MPSSDI, CPCT, Email-PMU, TCU, SDC, Security Audit Lab) परियोजनाओं में स्वीकृत पद परिवर्तित करते हुए संविदा अथवा आउटसोर्स से सेवाएँ ली जा सकेंगी।

मध्य प्रदेश Switch to English

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को मिला राज्यस्तरीय ‘मोस्ट प्रोमीनेंट इंडस्ट्री’ का अवार्ड

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल को एसपीएसयू श्रेणी में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक शिक्षुओं को शिक्षुता प्रशिक्षण देने के लिये ‘मोस्ट प्रोमीनेंट इंडस्ट्री’ का अवार्ड प्रदान किया।

प्रमुख बिंदु

  • कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेन्शन सेंटर (मिंटो हॉल) भोपाल में आयोजित आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन एवं प्रशासन) दिलीप कुमार कापसे ने यह अवार्ड प्राप्त किया।
  • गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पावर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रेनिंग सेंटर द्वारा केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS) के अंतर्गत मध्य प्रदेश राज्य में सर्वाधिक 973 ट्रेड शिक्षुओं को इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिक, कोपा, स्टेनो अंग्रेज़ी एवं स्टेनो हिन्दी जैसे विषयों में कंपनी के अंतर्गत विभिन्न वृत्तों में एकवर्षीय प्रशिक्षण दिया गया है।

मध्य प्रदेश Switch to English

‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’ में प्रदेश के 1074 अनुसूचित जाति बहुल ग्राम चयनित

चर्चा में क्यों?

  • 20 सितंबर, 2022 को मध्य प्रदेश जन-संपर्क विभाग द्वारा बताया गया कि ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’में मध्य प्रदेश के 1074 अनुसूचित जाति बहुल ग्राम का चयन किया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • वर्ष 2021-22 में योजना के श्रेष्ठ क्रियान्वयन के लिये राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के 3 ज़िलों का चयन किया गया है, जिसमें गुना ज़िला द्वितीय और सीहोर ज़िला तृतीय स्थान पर है।
  • गौरतलब है कि अनुसूचित जाति बहुल ग्रामों के समेकित विकास के लिये केंद्र सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’संचालित की जा रही है। योजना में 500 या उससे अधिक आबादी वाले ऐसे गाँवों का चयन किया गया है, जिनकी 50 प्रतिशत से अधिक आबादी अनुसूचित जाति की है।
  • आदर्श ग्रामों में ग्रामवासियों को शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं का अधिकाधिक लाभ पहुँचाया जाएगा। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं में सभी व्यक्तियों के आधार कार्ड बनाना, पात्र व्यक्तियों को निराश्रित, वृद्धावस्था तथा विकलांग पेंशन योजना का लाभ दिलाना, शत-प्रतिशत बच्चों का आँगनबाड़ी तथा शालाओं में प्रवेश कराना, पात्रतानुसार सभी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कराना, प्रत्येक घर में शौचालय की व्यवस्था, पात्र परिवारों को उज्ज्वला गैस योजना का लाभ प्रदान करना और प्रत्येक घर में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाना आदि शामिल हैं।
  • ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’में चयनित ग्रामों की अधो-संरचना विकास के लिये बृहद् स्तर पर कार्य किया जाएगा। इसमें ग्राम में शाला भवन, आँगनबाड़ी भवन, आंतरिक सड़क निर्माण, नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट पदार्थों के निराकरण की समुचित व्यवस्था आदि शामिल हैं।
  • केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम में अधो-संरचना विकास के लिये गैप फिलिंग करने 20 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही राज्य की विभिन्न योजनाओं के साथ सामंजस्य कर ग्राम में अधो-संरचना विकास के कार्य किये जाएंगे।
  • उल्लेखनीय है कि देश में ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश प्रारंभ से ही शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वर्तमान में 1074 ग्राम के संदर्भ में 5 लाख 53 हज़ार 108 व्यक्तियों को पात्रतानुसार लाभान्वित किया जा चुका है।

मध्य प्रदेश Switch to English

कमर्शियल वाहनों की फिटनेस के लिये बनेंगे ऑटोमेटिव व्हीकल फिटनेस सेंटर

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को मध्य प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों पर लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से कमर्शियल वाहनों की फिटनेस के लिये ऑटोमेटिव व्हीकल फिटनेस सेंटर की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है।

प्रमुख बिंदु

  • परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि सेंटर्स की स्थापना से फिटनेस प्रमाण-पत्र देने के पूर्व वाहनों की फिजिकल चेकिंग एक ही स्थान पर हो जाएगी। वर्तमान में वाहनों का फिटनेस मैन्युअली किया जा रहा है।
  • गौरतलब है कि वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों में ऑटोमेटिव मोटर फिटनेस सेंटर की स्थापना के निर्देश दिये गए हैं।
  • एक सेंटर की स्थापना पर लगभग 15 करोड़ रुपए का व्यय होगा। एक सेंटर की स्थापना से एक साल में लगभग 40 हज़ार वाहनों की फिटनेस एवं जाँच की जा सकेगी।
  • फिटनेस सेंटर में वाहन की चेकिंग के दौरान पॉल्यूशन, ऑयल लीकेज, ब्रेक, लाइट्स, व्हील अलाइनमेंट, स्पीड गवर्नर आदि की मशीनों से जाँच के बाद ही फिटनेस प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

झारखंड Switch to English

राज्यपाल ने दी पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक को मंज़ूरी

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को राज्यपाल रमेश बैस ने झारखंड विधानसभा से पारित पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक, 2022 पर स्वीकृति प्रदान कर दी।

प्रमुख बिंदु

  • राज्यपाल के पास यह विधेयक दूसरी बार भेजा गया था। इससे पूर्व इस विधेयक के हिन्दी और अंग्रेज़ी संस्करण में त्रुटि रहने के कारण राज्यपाल ने वापस लौटा दिया था। इसके बाद सुधार करते हुए विधानसभा के मानसून सत्र में इसे पारित कराकर दोबारा राज्यपाल के पास भेजा गया था।
  • पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय का मुख्यालय जमशेदपुर होगा और क्षेत्राधिकार संपूर्ण झारखंड में रहेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सर्च कमेटी की अनुशंसा पर राज्यपाल करेंगे।
  • विश्वविद्यालय के निर्माण का उद्देश्य जनजातीय भाषा और आदिवासी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को सहेजना, उन पर शोध करना तथा आदिवासी समाज के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है।
  • जनजातीय विश्वविद्यालय सभी वर्गों, जातियों और पंथों के लिये खुला रहेगा। ज़रूरत के हिसाब से किसी भी ज़िले में रीजनल सेंटर खोला जा सकेगा। विश्वविद्यालय में 10 संकाय में छात्र शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
  • इस विश्वविद्यालय के खुलने से झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और ओडिशा के छात्रों को भी लाभ मिलेगा। इस विश्वविद्यालय का निर्माण जमशेदपुर के गालूडीह और घाटशिला के बीच करने की योजना है।    

छत्तीसगढ़ Switch to English

महासमुंद ज़िले का ‘खाकी के रंग स्कूल के संग’ कार्यक्रम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले में पुलिस द्वारा प्रायोजित ‘खाकी के रंग स्कूल के संग’कार्यक्रम को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया है।

प्रमुख बिंदु

  • ज़िले के पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल और उनकी टीम को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई द्वारा सम्मानित किया गया।
  • गौरतलब है कि साइबर अपराध के प्रति आमजनों में जागरूकता लाने के लिये यह कार्यक्रम चलाया गया। इसमें मात्र दो माह में ही 20 हज़ार से अधिक स्कूली बच्चों के मध्य साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।
  • महासमुंद पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता के लिये बनाए गए वीडियो को लॉन्च किया गया। इस वीडियो को व्यापक जन- सराहना मिल रही है।
  • उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप महासमुंद पुलिस द्वारा ‘खाकी के रंग स्कूल के संग’कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को विभिन्न विषयों पर जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके सिखाए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ Switch to English

मुख्यमंत्री ट्रॉफी इंडिया इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज-2022

चर्चा में क्यों?

20 सितंबर, 2022 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री ट्रॉफी इंडिया इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज-2022 का आगाज़ हुआ। यह प्रतियोगिता 25 सितंबर तक चलेगी।

प्रमुख बिंदु

  • छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्ट्स बैडमिंटन एरिना में पूरा टूर्नामेंट खेला जा रहा है।   
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस बैडमिंटन स्पर्धा में भारत के साथ ही श्रीलंका, थाइलैंड, कनाडा, अमेरिका, मालदीव, मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया, जापान, युगांडा और जाम्बिया के 550 बैडमिंटन खिलाड़ी प्रतियोगिता में शामिल होने पहुँचे हैं।
  • इस आयोजन में पहले दो दिन, यानी 20 व 21 सितंबर को क्वालीफाईंग राउंड खेला जाना है। वहीं 22 सितंबर से 25 सितंबर तक मुख्य ड्रॉ होंगे। इस दौरान पुरुष एकल, पुरुष युगल, महिला एकल, महिला युगल एवं मिश्रित युगल मुकाबले खेले जाएंगे। इस प्रतियोगिता में पुरस्कार राशि 15 हज़ार अमेरिकी डॉलर रखी गई है।
  • गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ में पहली बार बैडमिंटन का अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार छत्तीसगढ़ में खेलों को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं।
  • इसके लिये छत्तीसगढ़ में विभिन्न खेलों के लिये अकादमी का निर्माण व सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ ही छत्तीसगढ़ में खेलों के आयोजन की पहल भी की जा रही है। इसी कड़ी में यहाँ मुख्यमंत्री ट्रॉफी इंडिया इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज-2022 का आयोजन किया जा रहा है।

 Switch to English
close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2