हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:

राजस्थान स्टेट पी.सी.एस.

  • 19 Oct 2021
  • 0 min read
  • Switch Date:  
राजस्थान Switch to English

ग्लोबल यूथ टोबेको सर्वे-स्टेट फैक्ट शीट कार्यशाला

Star marking (1-5) indicates the importance of topic.

चर्चा में क्यों?

18 अक्तूबर, 2021 को राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज द्वारा ग्लोबल यूथ टोबेको सर्वे के अनुसार प्रदेश के 13 से 15 आयु वर्ग के बच्चों में तंबाकू सेवन का प्रतिशत 4.1 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत 8.5 प्रतिशत से बेहतर है।

प्रमुख बिंदु

  • चिकित्सा मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से ग्लोबल यूथ टोबेको सर्वे-स्टेट फैक्ट शीट रिलीज कार्यशाला के दौरान कहा कि राज्य सरकार की जन-घोषणा में की गई प्रतिबद्धता के अनुसार राज्य में तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों की प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है कि स्टेट फैक्ट शीट में प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल हैं।
  • डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं में नशे की लत रोकने के लिये राज्य में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के विक्रय, वितरण, भंडारण एवं विज्ञापन को 30 मई, 2019 से प्रतिबंधित किया है। इसके बाद भारत सरकार द्वारा भी इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट को प्रतिबंधित कर दिया गया। 
  • उन्होंने बताया कि राज्य में हुक्का बार संचालन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है। हुक्का बार संचालन प्रतिबंध के नियमों के उल्लंघन पर 1 से 3 लाख रुपए का जुर्माना तथा 6 महीने से 1 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान किया गया है।
  • चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘निरोगी राजस्थान’ अभियान के तहत भी प्रत्येक राजस्व गाँव में एक महिला एवं एक पुरुष स्वास्थ्य मित्र, जो किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते हों, का चयन किया था। कुल 94 हज़ार स्वास्थ्य मित्रों का चयन कर ग्रामस्तर पर स्वास्थ्य गतिविधियों के प्रचार-प्रसार का कार्य प्रारंभ किया गया, जिसमें नशामुक्ति एवं तंबाकू नियंत्रण को भी प्रमुखता से शामिल किया गया।
  • कार्यशाला में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज, मुंबई के प्रोफेसर मुरलीधरण ने बताया कि सर्वे में प्रदेश की 34 स्कूलों के 2 हज़ार 735 बच्चों से विभिन्न सवाल पूछे गए थे। सर्वे के अनुसार 90 फीसद बच्चों ने माना कि तंबाकू सेवन की आदत सबसे पहले स्कूल से ही पड़ी। शहरों की बजाय गाँवों के बच्चों में तंबाकू सेवन की आदत ज़्यादा देखी गई। उन्होंने बताया कि इस आयु वर्ग की लड़कियों में तंबाकू सेवन का प्रतिशत नहीं के समान है।

 Switch to English
एसएमएस अलर्ट
Share Page