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मध्य प्रदेश स्टेट पी.सी.एस.

  • 15 Sep 2021
  • 0 min read
मध्य प्रदेश Switch to English

राष्ट्रीय कामधेनु ब्रीडिंग सेंटर कीरतपुर

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चर्चा में क्यों?

14 सितंबर, 2021 को अपर मुख्य सचिव जे.एन. कंसोटिया ने बताया कि उत्तर भारत के लिये मध्य प्रदेश के होशंगाबाद ज़िले के पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, कीरतपुर (इटारसी) में नेशनल कामधेनु ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना का कार्य पूर्ण हो गया है।

प्रमुख बिंदु

  • इस केंद्र का उद्देश्य भारतीय गो-भैंस वंशीय नस्लों का संरक्षण एवं संवर्धन, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, आनुवंशिक गुणवत्ता का उन्नयन, प्रमाणित जर्मप्लाज्म का प्रदाय और देशी नस्लों को विलुप्ति से बचाना है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा देश में दो नेशनल कामधेनु ब्रीडिंग सेंटर (एनकेबीसी) की स्थापना की स्वीकृति दी गई है। उत्तर भारत में मध्य प्रदेश के कीरतपुर में और दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर ज़िले में एनकेबीसी की स्थापना की जा रही है।
  • प्रथम चरण में गायों की 13 नस्लें- साहीवाल, गिर, कांकरेज, रेड सिंधी, राठी, थारपारकर, मालवी, निमाड़ी, केनकथा, खिलारी, हरियाणवी, गंगातीरी एवं गावलाव और भैंस की चार नस्लें- नीली राबी, जाफराबादी, भदावरी तथा मुर्रा संधारित की जानी हैं। 
  • वर्तमान में कीरतपुर केंद्र पर गायों की गिर, साहीवाल, थारपरकर, निमाड़ी, मालवी, कांकरेज, रेड सिंधी, राठी एवं खिलारी नस्ल की 195 और भैंस की मुर्रा, नीली राबी, भदावरी और जाफराबादी नस्ल की 107 सहित हरियाणा, राठी, कांकरेज, निमाड़ी, मालवी, केनकथा और जाफराबादी नस्लों के 9 सांड उपलब्ध हैं।
  • राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के प्रबंध संचालक एच.बी.एस. भदौरिया ने बताया कि ब्रीडिंग सेंटर केंद्र सरकार की शत-प्रतिशत 25 करोड़ रुपए की सहायता से 270 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है।

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