बिहार Switch to English
नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा शुरू की
चर्चा में क्यों?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम चंपारण (बेतिया) ज़िले से समृद्धि यात्रा की शुरुआत की है।
मुख्य बिंदु:
- अवधि और कवरेज: समृद्धि यात्रा का पहला चरण 16 से 24 जनवरी, 2026 तक चलेगा।
- यह 9 ज़िलों को शामिल करता है और इसका समापन वैशाली ज़िले में होगा।
- यात्रा का उद्देश्य: यात्रा का उद्देश्य चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करना, ज़िला स्तर पर उनके क्रियान्वयन का आकलन करना, पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करना, नए कार्यों की आधारशिला रखना तथा शासन में जनसहभागिता को सुदृढ़ करना है।
- विकास कार्य: पहले दिन कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 153 करोड़ रुपये की लागत वाली 125 परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
- साथ ही 29 करोड़ रुपये की लागत वाली 36 परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जो मुख्य रूप से अवसंरचना और औद्योगिक विकास पर केंद्रित हैं।
- शासन महत्त्व: समृद्धि यात्रा नागरिकों से सीधे फीडबैक प्राप्त करने, योजनाओं का स्थानीय आकलन करने और समावेशी एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के लिये एक महत्त्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करती है।
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
गुजरात ने ‘पोषण उड़ान 2026’ शुरू किया
चर्चा में क्यों?
गुजरात ने मकर संक्रांति उत्सव के दौरान ‘पोषण उड़ान 2026’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक उत्सवों और सामुदायिक सहभागिता का उपयोग करते हुए पूरे राज्य में पोषण तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है।
मुख्य बिंदु:
- पहल: ‘पोषण उड़ान 2026’ पूरे राज्य में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिये पतंग उत्सव की लोकप्रियता का उपयोग करता है, जिसमें पोषण और स्वास्थ्य संदेशों वाली पतंगें उड़ाई जाती हैं।
- इसका उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और माताओं के लिये संतुलित आहार तथा स्वास्थ्य के महत्त्व को रेखांकित करना है।
- एकीकरण: यह कार्यक्रम आँगनवाड़ी केंद्रों पर ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवाओं) के अंतर्गत संचालित किया जाता है।
- कार्यान्वयन: यह राज्यव्यापी पोषण जागरूकता अभियान गुजरात के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है।
- फोकस: पहल का मुख्य ज़ोर आहार विविधता, जंक फूड के सेवन को घटाने, सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता प्रथाओं पर है ताकि पोषण संबंधी परिणामों में सुधार हो सके।
- लक्षित समूह: जागरूकता अभियान में स्कूल के बच्चे, किशोरियाँ, गर्भवती और धात्री महिलाएँ तथा स्थानीय समुदाय के अभिकर्त्ता शामिल होते हैं।
- स्वास्थ्य हस्तक्षेप: माताओं और बच्चों के लिये हीमोग्लोबिन परीक्षण, आयरन एवं फोलिक एसिड (IFA) टैबलेट वितरण, BMI (शरीर द्रव्यमान सूचकांक) जाँच तथा व्यक्तिगत पोषण परामर्श जैसी गतिविधियाँ संचालित की गईं।
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और पढ़ें: मकर संक्रांति उत्सव, पोषण अभियान, ICDS, BMI |
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