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राजस्थान स्टेट पी.सी.एस.

  • 10 Dec 2022
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चार दिवसीय फूड फेस्टिवल ‘56 भोग उत्सव- 2022’ का शुभारंभ

चर्चा में क्यों?

9 दिसंबर, 2022 को राजस्थान की उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने राजस्थान हाट (जल महल) में चार दिवसीय फूड फेस्टिवल ‘56 भोग उत्सव- 2022’ का शुभारंभ किया।

प्रमुख बिंदु

  • उद्योग मंत्री ने कहा कि उद्योग विभाग व उद्यम प्रोत्साहन संस्थान की ओर से आयोजित यह आयोजन प्रदेश के उत्पादों की छवि को निखारने का महत्त्वपूर्ण कार्य करेगा।
  • उत्सव में राजस्थान के स्वादिष्ट व्यंजन, प्रसिद्ध मसालों, मिठाइयों, नमकीन, विशिष्ट खाद्य पदार्थों एवं रसोई से जुड़े परंपरागत, प्राकृतिक एवं आधुनिक उपकरण एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे।
  • उद्योग मंत्री ने बताया कि प्रदेश भर के व्यजनों, मसालों की उत्कृष्टता एवं क्षेत्रीय विविधता से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को रूबरू करवाने के लिये यह विशेष आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य ज़िलों में चल रहे व्यंजनों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उनकी ख्याति राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना है।
  • राजस्थान के उद्योग आयुक्त महेंद्र पारख ने बताया कि प्रदेश के लगभग सभी ज़िलों से बेहतरीन व्यजनों को चयनित कर आगंतुकों के लिये प्रदर्शित किया जा रहा है। विभाग द्वारा ऐसे फूड फेस्टिवल प्रति वर्ष लगाने की योजना है, ताकि लोगों को स्तरीय जायके के साथ उत्पादकों को बेहतर ग्राहक मिल सके।
  • उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान व्यंजन प्रतियोगिता, चित्रकारी प्रतियोगिता, टॉक शो, क्वीज प्रतियोगिता एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में आईएएस केके पाठक के नेतृत्व में ‘रसोई-2019’ फूड फेस्टिवल का आगाज उद्योग विभाग द्वारा किया गया था, जो कि काफी सफल और लोकप्रिय भी रहा था।

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हर साल पेश होगा पृथक कृषि बजट

चर्चा में क्यों?

9 दिसंबर, 2022 को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यालय में किसानों, पशुपालकों, डेयरी संघों के पदाधिकारियों तथा जनजातीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद को संबोधित करते हुए कहा कि प्रति वर्ष कृषि के लिये अलग से बजट प्रस्तुत किया जाएगा ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिया जा सके।

प्रमुख बिंदु

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, पशुपालन एवं इससे जुड़े क्षेत्र राज्य की जीडीपी एवं अर्थव्यवस्था की धुरी है। राज्य सरकार इस बार के बजट के माध्यम से प्रदेश के किसानों तथा पशुपालकों की समृद्धि एवं खुशहाली के लिये आवश्यक प्रावधान करने के लिये पूरी तरह प्रयासरत है।
  • राज्य सरकार ने पहली बार अलग से कृषि बजट लाने का ऐतिहासिक निर्णय किया है। राज्य सरकार सभी उपयोगी सुझावों को कृषि बजट में सम्मिलित करने का पूरा प्रयास करेगी।
  • उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब दो-तिहाई आबादी विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं पानी की कमी के बावजूद अपनी मेहनत से कृषि के क्षेत्र में प्रदेश को हमेशा अग्रणी पायदान पर रखने का सार्थक प्रयास करती है। राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि बजट में ऐसे प्रावधान करें, जिससे राज्य के किसानों तथा पशुपालकों की आय बढ़े और वे खुशहाल हों।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषकों के कल्याण के लिये विगत वर्षों में राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना, कृषक कल्याण कोष का गठन, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना, ऋण माफी, सहकारी फसली ऋण ऑनलाइन पंजीयन एवं वितरण योजना, राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति जैसे कई अहम फैसले लिये गए हैं, जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। राजस्थान में तकनीक और नवाचारों के माध्यम से कृषि और डेयरी क्षेत्रों का तेजी से विकास किया जा सकता है।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के किसान नवीन तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर उन्नत कृषि की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में पानी की कमी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा लायी गई बूंद-बूंद और फव्वारा सिंचाई पद्धति को बढ़ावा मिल रहा है। सरकार ने खेतों में सोलर पैनल लगाकर किसानों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की योजना लागू की है।

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