उत्तर प्रदेश Switch to English
AAI सर्वेक्षण में बरेली हवाई अड्डा अग्रणी
चर्चा में क्यों?
बरेली हवाई अड्डे ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान और राष्ट्रीय स्तर पर 7वाँ स्थान प्राप्त किया।
मुख्य बिंदु
- AAI ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण: यह भारत के हवाई अड्डों पर यात्रियों की संतुष्टि का आकलन करने हेतु किया जाने वाला द्विवार्षिक मूल्यांकन है, जिसका उद्देश्य हवाई अड्डा सेवाओं की रैंकिंग और सुधार करना है।
- राज्य स्तरीय उपलब्धि: ग्राहक संतुष्टि में उत्तर प्रदेश में शीर्ष स्थान।
- राष्ट्रीय रैंकिंग: सर्वेक्षण किये गए 62 हवाई अड्डों में 7वाँ स्थान।
- शीर्ष राष्ट्रीय स्थान: राजा भोज हवाई अड्डा (भोपाल) और खजुराहो हवाई अड्डा, संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
- मूल्यांकन के मानदंड: चेक-इन की दक्षता, सुरक्षा प्रक्रियाएँ, स्वच्छता, साइनेज, कर्मचारियों का व्यवहार तथा यात्री सुविधाएँ सहित 30 से अधिक संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
- महत्त्व: यह उपलब्धि उड़ान- उड़े देश का आम नागरिक (UDAN) योजना के तहत क्षेत्रीय संपर्क सुदृढ़ीकरण, हवाई अड्डा सेवाओं और यात्री सुविधाओं में हुए सुधारों की प्रभावशीलता को रेखांकित करती है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI)
- भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India- AAI) भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अंतर्गत एक सांविधिक निकाय है। इसका गठन वर्ष 1995 में राष्ट्रीय हवाई अड्डा प्राधिकरण और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा प्राधिकरण को मिलाकर किया गया था।
- यह भारतीय हवाई क्षेत्र और आस-पास के समुद्री क्षेत्रों में हवाई यातायात प्रबंधन सेवाएँ भी प्रदान करता है।
- AAI के कार्यों में हवाई अड्डे का विकास, हवाई क्षेत्र नियंत्रण, यात्री और कार्गो टर्मिनल प्रबंधन तथा संचार एवं नेविगेशन सहायता का प्रावधान शामिल हैं।
- AAI 2.8 मिलियन वर्ग समुद्री मील हवाई क्षेत्र में हवाई नेविगेशन सेवाएँ प्रदान करता है।
राजस्थान Switch to English
कोटा‑हाड़ौती ट्रैवल मार्ट 2026
चर्चा में क्यों?
हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चंबल नदी तट पर प्रथम कोटा–हाड़ौती ट्रैवल मार्ट 2026 का आयोजन किया गया।
मुख्य बिंदु
- आयोजक: इस कार्यक्रम का आयोजन होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान (HFR) द्वारा राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से तथा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के समर्थन से किया गया।
- उद्घाटन: इस ट्रैवल मार्ट का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा किया गया।
- उद्देश्य: इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य हाड़ौती क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय पर्यटन उद्योग के विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत करना है। इसके अंतर्गत क्षेत्र के वन्यजीव अभ्यारण्य, चंबल नदी आधारित पर्यटन अनुभव, ऐतिहासिक किले तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया।
- हाड़ौती का विस्तार: यह मार्ट हाड़ौती क्षेत्र के चार ज़िलों- कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां पर केंद्रित है।
- पर्यटन को बढ़ावा: इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय पर्यटन को समग्र पहचान दिलाने का प्रयास किया गया। साथ ही, इस आयोजन के दौरान राजस्थान पर्यटन विभाग और होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए, जिससे हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन संवर्द्धन के प्रयासों को और सुदृढ़ता मिली।
मध्य प्रदेश Switch to English
इंदौर में दूषित जल से मृत्यु
चर्चा में क्यों?
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल के सेवन से सात लोगों की मृत्यु तथा 40 से अधिक व्यक्तियों के अस्पताल में भर्ती होने की गंभीर घटना का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया।
मुख्य बिंदु
- संदूषण का कारण: पीने के पानी की मुख्य पाइपलाइन एक सार्वजनिक शौचालय के नीचे से होकर गुजरती है, जिसमें रिसाव होने के कारण सीवेज जल पेयजल में मिल गया।
- इसके अतिरिक्त, पानी की कई वितरण लाइनें क्षतिग्रस्त पाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप दूषित जल सीधे घरों तक पहुँच गया।
- NHRC की कार्रवाई: इस घटना को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखते हुए, NHRC ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है।
- आयोग ने मुख्य सचिव को दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
- अवलोकन: आयोग ने स्पष्ट किया कि निवासियों द्वारा कई दिनों तक दूषित जल की शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी और समयोचित कार्रवाई नहीं की गई, जो जीवन के अधिकार तथा स्वास्थ्य के अधिकार का घोर उल्लंघन है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)
- परिचय:
- भारत का NHRC मानव अधिकारों को बढ़ावा और संरक्षण देने के लिये स्थापित एक स्वायत्त वैधानिक निकाय है।
- स्थापना:
- इसका गठन 12 अक्तूबर 1993 को मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम (PHRA), 1993 के तहत किया गया था, जिसे बाद में वर्ष 2006 और वर्ष 2019 में संशोधित किया गया था।
- आयोग की स्थापना पेरिस सिद्धांतों के अनुरूप की गई थी, जो मानव अधिकारों को बढ़ावा देने और संरक्षण के लिये अपनाए गए अंतर्राष्ट्रीय मानक हैं।
- पेरिस सिद्धांत मानव अधिकारों के संवर्द्धन और संरक्षण के लिये पेरिस (अक्तूबर, 1991) में अपनाए गए अंतर्राष्ट्रीय मानकों का समूह है तथा 20 दिसंबर, 1993 को संयुक्त राष्ट्र (UN) की महासभा द्वारा अनुमोदित किया गया था।
- ये सिद्धांत विश्व भर में राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं (NHRI) के कार्यों का मार्गदर्शन करते हैं।
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