उत्तर प्रदेश Switch to English
दुधवा टाइगर रिज़र्व में हिमालयी ग्रिफॉन गिद्धों की मृत्यु
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश में दुधवा टाइगर रिज़र्व के बफर ज़ोन में 25 से अधिक हिमालयी ग्रिफॉन गिद्ध मृत पाए गए।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: मृत गिद्ध लखीमपुर खीरी ज़िले में दुधवा टाइगर रिज़र्व के बफर ज़ोन के एक कृषि क्षेत्र में पाए गए।
- संभावित कारण: अधिकारियों के अनुसार, इनकी मृत्यु द्वितीयक विषाक्तता के कारण हुई हो सकती है, जिसमें गिद्ध उन जानवरों के शव खाते हैं जिन्होंने पहले विषैले पदार्थ का सेवन किया होता है।
- स्थिति: हिमालयी ग्रिफॉन गिद्ध (Gyps himalayensis)
- IUCN स्थिति: निकट संकटग्रस्त
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (WPA), 1972 के अंतर्गत स्थिति: इन्हें अनुसूची IV के तहत संरक्षण प्राप्त है।
- आवास: हिमालय और तिब्बती पठार के उच्च-ऊँचाई वाले क्षेत्र।
|
और पढ़ें: हिमालयी ग्रिफॉन, दुधवा टाइगर रिज़र्व |
राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English
उपराष्ट्रपति ने संविधान का सिंधी संस्करण दो लिपियों में जारी किया
चर्चा में क्यों?
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर सिंधी भाषा में भारत के संविधान के अद्यतन संस्करण का विमोचन किया।
मुख्य बिंदु:
- विमोचन: उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत के संविधान के नवीनतम सिंधी अनुवाद का विमोचन किया।
- प्रयुक्त लिपियाँ: सिंधी भाषा में संविधान को दो लिपियों में प्रकाशित किया गया है—देवनागरी लिपि (पहला संस्करण) और फारसी लिपि (दूसरा संस्करण)।
- अवसर: यह विमोचन 10 अप्रैल, 2026 को सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर हुआ, जो सिंधी भाषा और संस्कृति के उत्सव तथा प्रचार-प्रसार के लिये मनाया जाता है।
- सिंधी भाषा:
- सिंधी भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है।
- सिंधी भाषा को 21वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1967 के माध्यम से शामिल किया गया था।
|
और पढ़ें: भारत का संविधान, आठवीं अनुसूची |

%20(1).gif)























.jpg)
