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स्टार्टअप रैंकिंग-2021 में उत्तराखंड ने हासिल की लीडर्स श्रेणी

  • 06 Jul 2022
  • 3 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग-2021 में उत्तराखंड ने लीडर्स श्रेणी हासिल की है, जबकि गुजरात और कर्नाटक को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य की रैंकिंग मिली है।

प्रमुख बिंदु

  • स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिये सरकार की ओर से किये जा रहे सुधार के चलते उत्तराखंड स्टार्टअप रैंकिंग में एक पायदान आगे बढ़ा है। नवाचार आइडिया को स्टार्टअप के रूप में स्थापित करने के लिये सरकार की ओर से सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है, जिससे केंद्र की स्टार्टअप रैंकिंग में राज्य को कामयाबी मिल रही है।
  • गौरतलब है कि वर्ष 2018 की रैंकिंग में उत्तराखंड को इमर्ज़िग (उभरते) और 2019 में एस्पायरिंग (आकांक्षी) श्रेणी में जगह मिली थी।
  • उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल ने बताया कि सरकार की नीतियों से स्टार्टअप रैंकिंग में लगातार सुधार हो रहा है। मान्यताप्राप्त स्टार्टअप को सरकार वित्तीय प्रोत्साहन के साथ तकनीकी सहयोग भी प्रदान कर रही है।
  • सरकार की ओर से स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में नवाचार आइडिया पर 128 स्टार्टअप को मान्यता दी गई है। प्रदेश की स्टार्टअप नीति, 2018 के तहत सरकार की ओर से स्टार्टअप को कारोबार स्थापित करने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है, जिसमें एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, स्टांप शुल्क में शत-प्रतिशत छूट, उत्पाद का पेटेंट कराने के लिये 1 से 5 लाख रुपए की सहायता, स्टार्टअप को 10 से 15 हजार रुपए तक मासिक भत्ता भी दिया जा रहा है।
  • नवाचार आइडिया को कारोबार में स्थापित करने के लिये सरकार ने 13 इन्क्यूबेशन सेंटरों को मान्यता दी है। जहाँ पर स्टार्टअप को प्रोजेक्ट तैयार करने के लिये मशीनरी, तकनीकी सहयोग की सुविधा उपलब्ध होती है। राज्य में इन्क्यूबेशन सेंटर खुलने से राज्य को स्टार्टअप को प्रोजेक्ट बनाने के लिये दूसरे क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ता है।
  • स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिये सरकार ने वर्ष 2018 में स्टार्टअप नीति लागू की है। अब सरकार स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन सेंटर में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये सुविधाएँ बढ़ाने को नीति में संशोधन की तैयारी कर रही है।
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