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झारखंड

टाटा स्टील का झारखंड में ग्रीन स्टील परियोजनाओं में निवेश

  • 22 Jan 2026
  • 14 min read

चर्चा में क्यों?

टाटा स्टील ने झारखंड सरकार के साथ ग्रीन स्टील परियोजनाओं में 11,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिये एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं।

मुख्य बिंदु

  • समझौता ज्ञापन: झारखंड सरकार और टाटा स्टील के बीच आशय पत्र (LoI) और सहयोग समझौते के माध्यम से निवेश को औपचारिक रूप दिया गया है। 
    • यह समझौता विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान दावोस, स्विट्ज़रलैंड में संपन्न हुआ, जहाँ नीदरलैंड और जर्मनी से तकनीकी सहयोग मिला।
  • मुख्य उद्देश्य: इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य कम कार्बन उत्सर्जन वाली, पर्यावरण-अनुकूल इस्पात उत्पादन पद्धतियों को अपनाकर सतत औद्योगीकरण को बढ़ावा देना है।
  • प्रौद्योगिकी: इस योजना में निवेश के हिस्से के रूप में HISARNA और EASyMelt की ग्रीन स्टील निर्माण प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं।
    • HISARNA: स्वदेशी कोयले और निम्न श्रेणी के लौह अयस्क का उपयोग करके उन्नत लौह निर्माण प्रक्रिया से CO₂ उत्सर्जन में लगभग 80% तक कमी आती है।
    • EASyMelt: पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस स्टील उत्पादन को आधुनिक बनाता है, सिंथेटिक गैस के माध्यम से कोक के उपयोग को कम करता है तथा CO₂ उत्सर्जन को लगभग 50% तक कम करता है। 
  • राज्य द्वारा मान्यता: WEF के दौरान, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को श्वेत बैज से सम्मानित किया गया, जो सतत विकास और औद्योगिक नवाचार के प्रति राज्य के दृष्टिकोण की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता को दर्शाता है।
    • मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि यह निवेश स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन, कौशल विकास और समावेशी आर्थिक संवृद्धि को प्रोत्साहित करेगा।
  • महत्त्व: समग्र रूप से यह निवेश झारखंड के हरित औद्योगीकरण के दृष्टिकोण के अनुरूप है, राज्य के विनिर्माण आधार को मज़बूत करता है और भारत के कार्बन उत्सर्जन में कमी और सतत विकास लक्ष्यों (SDG) का समर्थन करता है।

और पढ़ें: विश्व आर्थिक मंच (WEF)ग्रीन स्टील,  सतत विकास

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