राजस्थान
राजस्थान बजट 2026-27
- 12 Feb 2026
- 35 min read
चर्चा में क्यों?
राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये राज्य बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया, जिसमें वित्तीय सुदृढ़ीकरण, पूंजीगत व्यय में वृद्धि, कृषि सशक्तीकरण, अवसंरचना विस्तार और सामाजिक क्षेत्र को प्राथमिकता देने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, साथ ही FRBM मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया।
- राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया।
मुख्य बिंदु:
- बजट का आकार: वर्ष 2026-27 के लिये कुल बजट व्यय लगभग ₹6.11 लाख करोड़।
- वित्तीय स्थिति (₹ लाख में):
- अनुमानित राजस्व प्राप्तियाँ: 32574013
- अनुमानित राजस्व व्यय: 35005407
- पूंजीगत प्राप्तियाँ: 28543386
- पूंजीगत व्यय: 26090222
- राजस्व घाटा: 2431393
- राजकोषीय घाटा: 7949252 (लगभग GSDP का 3.69%)
- प्राथमिक घाटा: 3581730
- बजट अधिशेष: 21770
- बाज़ार उधार: 2765278
- वेज़ एंड मीन्स एडवांस (अल्पकालिक ऋण): 17000000
- कुल प्राप्तियाँ: 61117400
- कुल व्यय: 61095630
- क्षेत्रवार कुल व्यय (₹ लाख में):
- शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति: 6898947
- चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण: 3252630
- कृषि एवं संबद्ध गतिविधियाँ: 1829068
- ग्रामीण विकास: 3359821
- उद्योग एवं खनिज: 141006
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण: 4506
- शिक्षा एवं नवाचार:
- कॉलेजों में मेंटरिंग, इनक्यूबेशन और उद्यमिता समर्थन के लिये VIBRANT कार्यक्रम की शुरुआत।
- घुमंतू/प्रवासी परिवारों के बच्चों के लिये राज-पहल (Raj-PAHAL) कार्यक्रम, जिसके अंतर्गत ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ और अस्थायी शिक्षा शिविर शामिल हैं।
- 400 विद्यालयों को निर्धारित बजट प्रावधान के साथ सीएम-राइज़ (राजस्थान इनोवेटिव स्कूल ऑफ एक्सीलेंस) में उन्नत किया जाएगा।
- युवा एवं कौशल विकास:
- लगभग 50,000 विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिये DREAM कार्यक्रम।
- वैश्विक रोज़गार अवसरों को बढ़ाने हेतु 1,000 युवाओं को विदेशी भाषाओं (अंग्रेज़ी, जापानी, फ्रेंच, जर्मन, कोरियाई) में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- किसान एवं जलवायु पहलें:
- किसानों को जलवायु-अनुकूल प्रथाओं के लिये प्रोत्साहित करने हेतु कार्बन क्रेडिट पायलट परियोजना।
- AI और उपग्रह समर्थन के साथ डिजिटल कृषि मिशन (राज-एम्स)।
- भौगोलिक उपदर्शन प्रमाणन (GI) टैगिंग और बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने के लिये मिशन राज-गिफ्ट (Raj-GIFT)।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में सुदृढ़ीकरण:
- दुर्घटनाओं, प्रसव और हृदयाघात जैसी आपात स्थितियों के लिये राज-सुरक्षा (RAJ-SURAKSHA) आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली।
- राज-ममता (Raj-MAMTA) मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, जिसके अंतर्गत जयपुर स्थित SMS मेडिकल कॉलेज में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना।
- IPD सुविधाओं में व्यापक उन्नयन, जिसमें JK लोन अस्पताल में 500 बिस्तरों का टॉवर और RUHS में नवजात ICU सहित 200 बिस्तरों का बाल चिकित्सा IPD शामिल है।
- महिला सशक्तीकरण एवं आजीविका समर्थन:
- ज़िला स्तर पर ₹100 करोड़ के प्रावधान के साथ ग्रामीण महिला BPO की स्थापना।
- मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना के तहत ऋण सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 लाख की गई।
- मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों के लिये ऋण सीमा बढ़ाकर ₹1 करोड़ तक की गई।
- पर्यटन विकास:
- जैसलमेर के खुरी में एक अल्ट्रा-लक्ज़री विशेष पर्यटन क्षेत्र का विकास।
- कुलधरा में पर्यटक सुविधा केंद्र की स्थापना।
- प्रमुख धरोहर स्थलों को जोड़ने वाला एक व्यापक थार सांस्कृतिक सर्किट।
- झुंझुनू में युद्ध संग्रहालय की स्थापना।
- वरिष्ठ नागरिक एवं सामाजिक योजनाएँ:
- वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना: 6,000 वरिष्ठ नागरिकों के लिये हवाई यात्रा तथा 50,000 के लिये AC ट्रेन से तीर्थ स्थलों की यात्रा की व्यवस्था।
- IT एवं साइबर सुरक्षा:
- नई IT नीति की घोषणा तथा साइबर अपराध पर नियंत्रण के उद्देश्य से राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना।
- कर्मचारी कल्याण:
- सरकारी कर्मचारियों की मांगों की समीक्षा के लिये एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन, जिसमें आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन पर विचार शामिल है।
- जल एवं सिंचाई परियोजनाएँ:
- शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल परियोजना के लिये ₹32,000 करोड़ का बड़ा आवंटन।
- वन्यजीव एवं पर्यावरण:
- आवास विकास, मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण तथा इको-टूरिज़्म को बढ़ावा देने हेतु लगभग ₹1,500 करोड़ के प्रावधान के साथ PRITHWI (प्रोजेक्ट फॉर रेज़िलिएंट एंड इंटीग्रेटेड टेरेस्ट्रियल हैबिटैट्स एंड वाइल्डलाइफ वैलोराइजेशन इनिशिएटिव) की शुरुआत।
- सार्वजनिक परीक्षण एजेंसी: प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की तर्ज पर राजस्थान राज्य परीक्षण एजेंसी (RSTA) के गठन का प्रस्ताव।
- विज़न 2047 के लिये कार्ययोजना: यह बजट ‘विकसित राजस्थान 2047’ रणनीति को साकार करने हेतु एक कार्ययोजना के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें प्रति व्यक्ति आय ₹2 लाख से अधिक होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।