दृष्टि के NCERT कोर्स के साथ करें UPSC की तैयारी और जानें
ध्यान दें:

State PCS Current Affairs



मध्य प्रदेश

कुनो से राजस्थान की ओर चीतों का अंतरराज्यीय पुनर्स्थापन

  • 10 Mar 2026
  • 16 min read

चर्चा में क्यों?

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने कहा है कि कुनो राष्ट्रीय उद्यान (मध्य प्रदेश) से राजस्थान के बारां ज़िले तक दो चीतों का जाना उनके प्राकृतिक क्षेत्रीय व्यवहार को दर्शाता है और यह चीतों के लिये अंतरराज्यीय वन्यजीव गलियारा स्थापित करने के महत्त्व को रेखांकित करता है।

मुख्य बिंदु:

  • आवागमन: KP-2 और KP-3 नामक दो चीतों को लगभग 60–70 किमी की दूरी तय करने के बाद कुनो राष्ट्रीय उद्यान से राजस्थान के बारां ज़िले के मंगरोल रेंज तथा बांझ अमली संरक्षण रिज़र्व तक जाते हुए ट्रैक किया गया।
    • NTCA के अनुसार परिदृश्य की सीमाओं को पार करते हुए उनका यह फैलाव प्राकृतिक क्षेत्रीय व्यवहार को दर्शाता है, जिसकी अपेक्षा प्रोजेक्ट चीता कार्ययोजना के अंतर्गत की गई थी।
  • निगरानी और समन्वय: दोनों चीतों की GPS और रेडियो कॉलर के माध्यम से 24×7 निगरानी की जा रही है। इसके लिये मध्य प्रदेश और राजस्थान की संयुक्त फील्ड टीमें निगरानी एवं समन्वय के लिये तैनात की गई हैं।
  • अंतरराज्यीय गलियारा: यह आवागमन लगभग 17,000 वर्ग किमी क्षेत्र में प्रस्तावित कुनो–गांधी सागर अंतरराज्यीय वन्यजीव गलियारे की आवश्यकता को दर्शाता है, जो राजस्थान के 7 ज़िलों और मध्य प्रदेश के 8 ज़िलों में फैला होगा। इसका उद्देश्य चीतों की संख्या के बीच सुरक्षित आवागमन और आनुवंशिक आदान-प्रदान को सुगम बनाना है।
    • प्रोजेक्ट चीता, भारत सरकार की पहल है, जिसके तहत 1952 से भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को उपयुक्त आवासों में पुनः स्थापित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अफ्रीका से चीतों को लाकर कुनो राष्ट्रीय उद्यान में बसाया गया है, ताकि उनकी एक स्थायी संख्या विकसित की जा सके।
  • मानव-वन्यजीव सुरक्षा: अंतरराज्यीय निगरानी से मानव-चीता संघर्ष को कम करने और चीतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
  • पारिस्थितिक प्रभाव: यह शिकारी-शिकार संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है और मध्य प्रदेश व राजस्थान में पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन को मज़बूत करता है।
    • साथ ही यह भारत के व्यापक वन्यजीव संरक्षण और पुनर्स्थापन प्रयासों के अंतर्गत योजनाबद्ध वन्यजीव गलियारों की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

और पढ़ें: कुनो राष्ट्रीय उद्यान, NTCA, प्रोजेक्ट चीता, गांधी-सागर

close
Share Page
images-2
images-2