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त्रिशूर पूरम

  • 17 Apr 2024
  • 1 min read

स्रोत: द हिंदू 

हाल के एक फैसले में केरल उच्च न्यायालय ने त्रिशूर पूरम उत्सव के दौरान हाथियों एवं कलाकारों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिये निर्देश जारी किये हैं।

  • त्रिशूर पूरम केरल के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सार का एक भव्य उत्सव है।
  • मलयालम महीने मेडम (अप्रैल-मई) में मनाया जाने वाला पूरम, त्रिशूर के थेक्किंकडु मैदानम में आयोजित किया जाता है और इसे सभी पूरम (वार्षिक त्योहार) की जननी माना जाता है।
  • इसकी शुरुआत कोचीन के महाराजा (1790-1805) सक्थन थंपुरन के नाम से मशहूर राजा राम वर्मा ने 10 अलग-अलग मंदिरों की भागीदारी के साथ की थी।
  • पारंपरिक पोशाक और पारंपरिक ऑर्केस्ट्रा संगीत से सज़े राजसी हाथी उत्सव का हिस्सा हैं।
  • त्रिशूर पूरम से पहले अराट्टुपुझा पूरम केरल का सबसे बड़ा त्योहार था।

Thrissur Pooram

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