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टेक्स-RAMPS योजना

  • 14 Jan 2026
  • 15 min read

स्रोत: द हिंदू 

वस्त्र मंत्रालय ने गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान, जिसकी थीम है “भारत का वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई”, अपनी नई ‘टेक्स-RAMPS’ योजना के लिये 15 राज्यों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किये।

  • टेक्स-RAMPS (टेक्सटाइल्स फोकस्ड रिसर्च, असेसमेंट, मॉनिटरिंग, प्लानिंग एंड स्टार्ट-अप  योजना)
  • परिचय: इस योजना का उद्देश्य वस्त्र-संबंधी उत्पादों और उन पर हुए शोध की कवरेज, गुणवत्ता, समयबद्धता एवं विश्वसनीयता में सुधार करना है। यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वस्त्र डेटा प्रणालियों को सुदृढ़ बनाकर बेहतर योजना और निर्णय-निर्माण को सक्षम बनाती है।
  • योजना की प्रकृति: यह एक केंद्रीय क्षेत्रक योजना के रूप में लागू की जाएगी, जिसे पूरी तरह वस्त्र मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा। इसकी अवधि वित्त वर्ष 2025–26 से 2030–31 तक रहेगी, जो 16वें वित्त आयोग के चक्र के अनुरूप होगी।
  • कार्यक्षेत्र और कवरेज: यह योजना प्रमुखतः वस्त्र उद्योग के प्रमुख उप-वर्गों जैसे हैंडलूम, हस्तशिल्प, परिधान और तकनीकी वस्त्रों में एकीकृत योजना को प्रोत्साहित करती है।
  • वित्तीय सहायता: प्रत्येक राज्य या केंद्रशासित प्रदेश को प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये की वार्षिक सहायता और प्रत्येक ज़िले को प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये दिये जाएंगे, जो ज़िला कार्ययोजनाओं के विकास और क्रियान्वयन से संबंधित होंगे।
  • मुख्य घटक: अनुसंधान और नवाचार, डेटा, एनालिटिक्स और डायग्नोस्टिक्स, इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल्स स्टैटिस्टिकल सिस्टम (ITSS), क्षमता विकास, स्टार्टअप एवं नवाचार सहयोग।
  • अपेक्षित परिणाम: इन समझौता ज्ञापनों (MoU) से सहकारी संघवाद को बढ़ावा मिलेगा, वस्त्र डेटा प्रणालियों में सुधार होगा, महत्त्वपूर्ण डेटा अंतरालों को समाप्त करने में मदद मिलेगी और साक्ष्य-आधारित योजना को गति मिलेगी। इससे भारत को 350 अरब अमेरिकी डॉलर के वस्त्र उद्योग के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

और पढ़ें: भारत का वस्त्र उद्योग

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