प्रयागराज शाखा पर IAS GS फाउंडेशन का नया बैच 10 जून से शुरू :   संपर्क करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 26 अक्तूबर, 2023

  • 26 Oct 2023
  • 7 min read

भारतीय सेना को मिली वर्टिकल विंड टनल

हिमाचल प्रदेश में भारतीय सेना के विशेष बल प्रशिक्षण स्कूल (Special Forces Training School- SFTS) ने सेना की पहली वर्टिकल विंड टनल (VWT) प्राप्त कर ली है, जो विशेष बलों और लड़ाकू फ्री-फॉलर्स के लिये प्रशिक्षण बुनियादी ढाँचे को बढ़ाती है।

  • VWT को सशस्त्र बलों के कर्मियों के कॉम्बैट फ्री फॉल (CFF) कौशल में सुधार करने हेतु डिज़ाइन किया गया है, जो वास्तविक जीवन की फ्रीफॉल स्थितियों का अनुकरण करने हेतु एक नियंत्रित वातावरण का निर्माण करता है। VWT विभिन्न CFF स्थितियों की नकल करते हुए विशिष्ट वायु वेग उत्पन्न करके कार्य करता है।
  • यह फ्रीफाॅल परिदृश्यों की एक विस्तृत शृंखला का अनुकरण करके शुरुआती और अनुभवी फ्री-फाॅलर्स एवं CFF प्रशिक्षकों दोनों की सहायता करता है, जिससे हवाई ऑपरेटिंग वातावरण में व्यक्तिगत प्रतिक्रियाओं का आकलन करने में सहायता मिलती है।

और पढ़ें… रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, भारतीय नौसेना

कोसोवो और सर्बिया के बीच बढ़ता तनाव

यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका, जर्मनी, फ्राँस व इटली के राजनयिकों के साथ कोसोवो तथा सर्बिया से दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के प्रयास में अपनी वार्त्ता फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।

  • कोसोवो और सर्बिया दोनों यूरोपीय संघ में शामिल होने की इच्छा रखते हैं, लेकिन उन्हें पहले अपने मतभेदों को सुलझाने के लिये कहा गया है। पश्चिमी शक्तियाँ राजनीतिक संकटों को हल करने के लिये यूरोपीय संघ द्वारा प्रस्तावित 10-सूत्रीय योजना के कार्यान्वयन पर ज़ोर दे रही हैं।
    • विवाद का एक प्रमुख मुद्दा कोसोवो में सर्ब-बहुसंख्यक नगर पालिकाओं के संघ (ASM) की स्थापना है, जिसे कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
  • दोनों देशों के बीच संघर्ष वर्ष 2008 से शुरू हुआ जब कोसोवो ने सर्बिया से एकतरफा स्वतंत्रता की घोषणा की। कोसोवो की स्वतंत्रता को बड़ी संख्या में देशों ने मान्यता दी है लेकिन सर्बिया कोसोवो की संप्रभुता को मान्यता नहीं देता है जिसके कारण सीमा विवाद उत्पन्न हो गया।

और पढ़ें…कोसोवो-सर्बिया संघर्ष, उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन

RISUG: प्रतिवर्ती पुरुष गर्भनिरोधक

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने पुरुष गर्भनिरोधक रिवर्सिबल इनहिबिशन ऑफ स्पर्म अंडर गाइडेंस (Reversible Inhibition of Sperm Under Guidance- RISUG) पर सात वर्ष के अध्ययन का निष्कर्ष जारी किया है, जिसमें इसे सुरक्षित और प्रभावी पाया गया है।

  • RISUG एक गैर-हार्मोनल इंजेक्टेबल गर्भनिरोधक है जो पूर्ण प्रतिवर्तीता के साथ लंबे समय गर्भधारण से मुक्ति प्रदान करता है।
  • RISUG स्टाइरीन मैलिक एनहाइड्राइड (Styrene Maleic Anhydride-SMA) से बने ‘पॉलिमर जेल’ को इंजेक्ट करके कार्य करता है। शुक्रवाहिका (Vas Deferens) में डाइमिथाइल सल्फोक्साइड (Dimethyl Sulfoxide- DMSO) नामक विलायक को इंजेक्ट करके इसे परिवर्तित कर सकता है, जो पॉलिमर जेल को घोलता है और इसे शरीर से बाहर निकाल देता है।

वर्ष 2030 तक भारतीय अर्थव्यवस्था होगी जापान से आगे: S&P ग्लोबल

एस एंड पी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था वर्ष 2030 तक जापान तथा जर्मनी से आगे निकल जाएगी। इसके अनुमान के अनुसार, भारत की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) जो वर्ष 2022 में 3.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर थी, वर्ष 2030 तक बढ़कर 7.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर हो सकती है। 

  • वर्ष 2023-2024 में 3.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ भारत अब विश्व में पाँचवे स्थान पर है।
  • ऐसा अनुमान है कि इस तीव्र वृद्धि के साथ भारत की अर्थव्यवस्था कुछ वर्षों में जापान को पीछे छोड़ देगी तथा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगी।
  • भारत अपनी अनुकूल दीर्घकालिक विकास संभावनाओं, अपनी युवा जनसांख्यिकीय प्रोफाइल और बढ़ती शहरी घरेलू आय के कारण बढ़ने के लिये तैयार है। 
  • भारत की युवा जनसंख्या संरचना तथा बढ़ती शहरी घरेलू आय इसकी अनुकूल दीर्घकालिक आर्थिक विकास संभावनाओं का संचालन कर रही है, जो इसे इस तरह से बढ़ने में सहायता प्रदान करेगी।
  • तेज़ी से बढ़ते घरेलू उपभोक्ता बाज़ार और औद्योगिक क्षेत्र के साथ मिलकर भारत का मध्यम वर्ग, भारत को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिये एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनाता है।

अंटार्कटिका के प्राचीन भूदृश्य का खुलासा:

हाल ही में वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिका के बर्फीले विस्तार के नीचे एक उल्लेखनीय खोज की है, जो इसके वर्तमान भूदृश्य से बहुत समय पहले की स्थिति पर प्रकाश डालती है। 

  • पूर्वी अंटार्कटिका के विल्क्स लैंड क्षेत्र में एक विशाल प्राचीन परिदृश्य की खोज की गई है, जिसमें प्राचीन नदियों द्वारा बनाई गई घाटियाँ और पर्वतमालाएँ शामिल हैं।
  • यह एक बीते युग का संकेत देता है जब अंटार्कटिका की जलवायु काफी गर्म थी, जो संभवतः वन्य जीवन की गतिविधियों की विविध शृंखला का समर्थन करती थी।
    • प्लेट विवर्तनिकी के कारण अलग होने से पहले अंटार्कटिका गोंडवाना महाद्वीप का भाग हुआ  करता था।
      • अंटार्कटिका में अत्यधिक बर्फ पड़ने से पूर्व इसकी स्थलाकृति और वनस्पति संभवतः आज के ठंडे समशीतोष्ण वर्षावनों की तरह दिखती थी।

और पढ़ें…तेज़ी से पिघल रही अंटार्कटिक की बर्फ

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2