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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 16 नवंबर, 2023

  • 16 Nov 2023
  • 7 min read

मडिगा उप-वर्गीकरण:

भारत के प्रधानमंत्री ने हाल ही में हैदराबाद (तेलंगाना) में एक घोषणा की, जिसमें अनुसूचित जाति (SC) के अंतर्गत मडिगा समुदाय के उप-वर्गीकरण के लिये एक समिति बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, मडिगा समुदाय तेलंगाना में कुल SC आबादी का लगभग 50% है।
    • वर्ष 1994 से मडिगा समुदाय आरक्षण लाभों के समान वितरण की आवश्यकता पर बल देते हुए, SC श्रेणी के उप-वर्गीकरण का समर्थन कर रहा है।
  • मडिगा समुदाय का तर्क है कि SC श्रेणी के आरक्षण का लाभ मुख्य रूप से माला समुदाय (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों में दलित समुदाय) को मिला है, जिससे मडिगा समुदाय में बहिष्कार की भावना उत्पन्न हो गई है।
    • उप-वर्गीकरण का उद्देश्य सभी SC उप-जातियों के बीच आरक्षण के लाभों का समान वितरण करना है।
  • मडिगा ऐतिहासिक रूप से चमड़े के कारखाने, चमड़े के कार्य और छोटे हस्तशिल्प के काम से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में अधिकांश खेतिहर मज़दूर हैं।       

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एंटिफंगल उपचार में सुधार 

हाल ही में नेचर में प्रकाशित एक अध्ययन में एंटीफंगल एजेंट एम्फोटेरिसिन B (AmB) के सफल संशोधन का पता चला, जिसके परिणामस्वरूप चूहों तथा मानव गुर्दे की कोशिकाओं में विषाक्तता कम हो गई।

  • AmB, दशकों से गंभीर फंगल संक्रमण के खिलाफ एक महत्त्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है।
    • यह समुच्चय की संरचना बनाकर संचालित होता है जो एर्गोस्टेरॉल (बैक्टीरिया और फंगल कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक अणु) से बँधता है।
    • अपनी प्रभावकारिता के बावजूद AmB मनुष्यों में, विशेष रूप से गुर्दे की कोशिकाओं में अपनी उच्च विषाक्तता के लिये जाना जाता है।
  • शोधकर्त्ताओं ने स्टेरोल्स को बाँधने के लिये ज़िम्मेदार इसके अणु के विशिष्ट भागों को संशोधित करके AmB की जैविक गतिविधि को बढ़ाने का लक्ष्य रखा तथा इसका एक वेरिएंट AM-2-19 विकसित किया।
    • AM-2-19 ने एंटीफंगल उपचार के रूप में उच्च प्रभावकारिता बनाए रखते हुए मानव गुर्दे की कोशिकाओं तथा चूहों में फंगल एर्गोस्टेरॉल को विशेष रूप से बाँधकर एवं निकालकर विषाक्तता को कम किया। यह रोगाणुरोधी प्रतिरोध के प्रति भी तुलनात्मक रूप से लचीला है।

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पी. सैलिनारम: चरम वातावरण में अनुकूलन का अनावरण

हाल ही में किये गए शोध में पी. सैलिनारम के रहस्यों को उजागर किया गया है, जो एक छोटा हरा शैवाल है तथा कठोर खारा-क्षारीय स्थितियों में जीवित रहता है।

  • जीव के आणविक तंत्र का अध्ययन करते हुए अनुसंधान ने हाइपरसॉमिक स्थितियों में अधिकांश प्रकाश संश्लेषक जीवन के विपरीत इसके अद्वितीय अनुकूलन, प्रकाश संश्लेषण और ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) संश्लेषण को बढ़ावा देने का खुलासा किया।
    • हाइपरऑस्मोटिक स्थितियाँ उस स्थिति को संदर्भित करती हैं जहाँ किसी कोशिका या जीव के आंतरिक वातावरण की तुलना में आसपास के वातावरण में विलेय की सांद्रता अधिक होती है।
  • अपने लचीलेपन के अलावा यह माइक्रोएल्गा कार्बन कैप्चर और बायोमास उत्पादन की क्षमता को प्रदर्शित करता है, जिससे टिकाऊ जैव प्रौद्योगिकी प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है।

व्यापार घाटा बढ़ा

अक्तूबर 2023 में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 31.46 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुँच गया। 

  • व्यापार घाटा उस स्थिति को दर्शाता है जहाँ एक निश्चित अवधि के दौरान किसी देश के आयात का मूल्य उसके निर्यात मूल्य से अधिक हो जाता है
  • आयात में वृद्धि के चलते यह 12.3% बढ़कर 65.03 बिलियन अमेरिकी डॉलर की हुई, विशेष रूप से सोने और तेल में यह उल्लेखनीय थी, सोने का आयात दोगुना होकर 7.23 बिलियन अमेरिकी डॉलर एवं तेल आयात बढ़कर 17.66 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हुआ।
    • इस तरह के घाटे चालू खाते को महत्त्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं और बाद में मुद्रा मूल्यों को प्रभावित करते हैं।

और पढ़ें… चालू खाता घाटा

झारखण्ड स्थापना दिवस

भारतीय संसद द्वारा बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 पारित होने के बाद 15 नवंबर, 2000 को बिहार से अलग झारखंड राज्य की स्थापना की गई थी। 15 नवंबर, 2000 को बिहार के दक्षिणी हिस्से को अलग कर झारखंड की स्थापना भारत संघ के 28वें राज्य के रूप में हुई थी। इसमें छोटानागपुर का पठार तथा संथाल परगना के वन क्षेत्र आते हैं। 

  • इस दिन को आदिवासी नेता बिरसा मुंडा (Birsa Munda) की जयंती के रूप में मनाया जाता है। 
  • झारखंड अपने समृद्ध खनिज संसाधनों जैसे- यूरेनियम, अभ्रक, बॉक्साइट, ग्रेनाइट, सोना, चाँदी, ग्रेफाइट, मैग्नेटाइट, डोलोमाइट, फायरक्ले, क्वार्ट्ज, फील्डस्पार, कोयला (भारत का 32%), लोहा, ताँबा (भारत का 25%) आदि के लिये प्रसिद्ध है। 

और पढ़ें… बिरसा मुंडा

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