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परम पोरुल सुपरकंप्यूटिंग सुविधा

  • 26 May 2022
  • 5 min read

परम पोरुल, राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत NIT तिरुचिरापल्ली में एक अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन किया गया।

  • परम पोरुल सुपरकंप्यूटिंग सुविधा NSM के चरण-2 के तहत स्थापित की गई है, इसमें इस्तेमाल अधिकांश घटकों का निर्माण और संयोजन देश में किया गया है। साथ ही मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप सी-डैक द्वारा विकसित स्वदेशी सॉफ्टवेयर स्टैक का भी इसमें इस्तेमाल किया गया है।

परम पोरुल की विशेषताएंँ: 

  • परम पोरुल सिस्टम विभिन्न वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों की कंप्यूटिंग ज़रूरतों को पूरा करने के लिये CPU (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट) नोड्स, GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) नोड्स, हाई मेमोरी नोड्स, हाई थ्रूपुट स्टोरेज और हाई-परफॉर्मेंस InfiniBand इंटरकनेक्ट के मिश्रण से लैस है।
  • यह प्रणाली परिचालन लागत को कम करते हुए उच्च शक्ति उपयोग प्रभावशीलता प्राप्त करने के लिये डायरेक्ट कॉन्टैक्ट लिक्विड कूलिंग तकनीक का उपयोग करती है।
  • शोधकर्त्ताओं के लाभ के लिये विभिन्न वैज्ञानिक डोमेन जैसे- मौसम एवं जलवायु, जैव सूचना विज्ञान, कम्प्यूटेशनल रसायन विज्ञान, आणविक गतिशीलता, पदार्थ विज्ञान, कम्प्यूटेशनल फ्लूड डायनेमिक्स और इसी तरह के कई अनुप्रयोगों को प्रणाली द्वारा स्थापित किया गया है।

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के बारे में:

  • राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन 2015 में शुरू किया गया था ताकि देश की अनुसंधान क्षमताओं में सुधार कर उन्हें एक सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड से जोड़ा जा सके, इस क्षेत्र में राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN) रीढ़ का कार्य कर रहा है।
  • वर्ष 2015 में राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन को राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN) के साथ एक सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड स्थापित कर देश में अनुसंधान और क्षमताओं को बढ़ाने के लिये लॉन्च किया गया था।
    • NKN परियोजना का उद्देश्य शक्तिशाली भारतीय नेटवर्क स्थापित करना है जो सुरक्षित और विश्वसनीय कनेक्टिविटी प्रदान करने में सक्षम होगा।
    • सुपरकंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर है जो कंप्यूटर के लिये वर्तमान में उच्चतम परिचालन दर पर या उसके निकट प्रदर्शन करता है।
  • इस मिशन के अंतर्गत  64 से अधिक पेटाफ्लॉप्स की संचयी गणना शक्ति के साथ 24 सुविधाओं (facilities) के निर्माण और कार्यान्वयन की योजना बनाई गई है।
    • पेटाफ्लॉप एक सुपरकंप्यूटर की प्रोसेसिंग गति के माप की इकाई है, जिसे प्रति सेकंड एक हज़ार ट्रिलियन फ्लोटिंग पॉइंट ऑपरेशन के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
  • यह सरकार के 'डिजिटल इंडिया' और 'मेक इन इंडिया' पहल के दृष्टिकोण का समर्थन करता है।
  • इस मिशन को संयुक्त रूप से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
  • मिशन की योजना तीन चरणों में बनाई गई थी: 
    • चरण I- इसमें सुपर कंप्यूटरों को असेंबल करना शामिल है।
    • चरण II- देश के भीतर कुछ घटकों के निर्माण पर विचार करना।
    • चरण III- इसके अंतर्गत सुपरकंप्यूटर भारत द्वारा डिज़ाइन किया गया है।
  • राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत हालिया घटनाक्रम: 
    • चरण 1 और चरण 2 के तहत, IIT’s, C-DAC, NIT, JNCASR और IISER में 22 पेटाफ्लॉप्स (PF) की कंप्यूटर शक्ति के साथ 15 सिस्टम बनाए गए हैं।
    • NSM ने चरण 2 के एक भाग के रूप में 1.66 पेटाफ्लॉप्स की सुपरकंप्यूटिंग क्षमता के साथ मार्च 2022 में आईआईटी रुड़की में "परम गंगा" स्थापित किया।
    • परम सिद्धि-एआई 5.26 पेटाफ्लॉप्स की क्षमता के साथ राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत निर्मित भारत का सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर है।
      • जापान का फुगाकू दुनिया का सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर है। 

स्रोत: पी.आई.बी.

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