चर्चित स्थान
लितानी नदी और टायर शहर
- 25 Mar 2026
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इज़रायल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष के बढ़ने से दक्षिणी लेबनान पर ध्यान बढ़ गया है, इज़रायल लितानी नदी तक एक सुरक्षा क्षेत्र चाहता है, हालाँकि भारी बमबारी यूनेस्को विश्व धरोहर टायर शहर के लिये खतरा उत्पन्न करती है।
लितानी नदी
- लितानी नदी पूरी तरह से लेबनान के भीतर बहने वाली सबसे लंबी नदी है और दक्षिणी लेबनान में एक महत्त्वपूर्ण जल संसाधन है।
- यह बेका घाटी से निकलती है, सीरियाई सीमा के समानांतर दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और टायर शहर के पास भूमध्य सागर में गिरती है।
रणनीतिक महत्त्व:
- बफर ज़ोन: यह नदी ब्लू लाइन (लेबनान और इज़रायल को अलग करने वाली संयुक्त राष्ट्र मान्यता प्राप्त सीमा) के समानांतर प्रवाहित होती है।
- इज़रायल लितानी नदी के दक्षिणी क्षेत्र को हिज़्बुल्लाह की रॉकेट फायर और सीमापार घुसपैठ के खिलाफ एक महत्त्वपूर्ण सुरक्षा बफर के रूप में देखता है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1701: वर्ष 2006 के लेबनान युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 1701 पारित किया।
- इसने अनिवार्य किया कि ब्लू लाइन और लितानी नदी के बीच का क्षेत्र लेबनान की सरकार और UNIFIL (लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल) के अलावा किसी भी सशस्त्र कार्मिक, संपत्ति और हथियारों से पूरी तरह मुक्त हो।
टायर शहर
- परिचय: टायर (अरबी में सूर) लेबनान के दक्षिणी तट पर लितानी नदी के मुहाने के दक्षिण में स्थित है। यह फोनीशियन (1500-300 ईसा पूर्व) काल में एक प्रमुख समुद्री शक्ति तथा भूमध्यसागरीय व्यापार और नौवहन का महत्त्वपूर्ण केंद्र था।
- विशेषता: यह टायरियन पर्पल रंग (जो म्यूरैक्स समुद्री घोंघों से प्राप्त होता था) के लिये प्रसिद्ध था और प्राचीन व्यापार नेटवर्क एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका थी।
- ऐतिहासिक विकास: सिकंदर महान (332 ईसा पूर्व) ने इसे द्वीप से प्रायद्वीप में परिवर्तित कर दिया। बाद में यूनानी और रोमन शासन के अधीन इसका विकास हुआ, जिसके परिणामस्वरूप यहाँ हिप्पोड्रोम, स्नानागार और स्तंभयुक्त सड़कों जैसे महत्त्वपूर्ण शास्त्रीय संरचनाएँ निर्मित हुए।
- यूनेस्को मान्यता: इसकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को मान्यता देते हुए इसे वर्ष 1984 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
