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कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में नाबालिगों के लिये सोशल मीडिया पर प्रतिबंध

  • 07 Mar 2026
  • 18 min read

स्रोत: द हिंदू 

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश द्वारा नाबालिगों के लिये सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा ने संवैधानिक बहस को जन्म दिया है, क्योंकि इंटरनेट को विनियमित करना मूल रूप से केंद्र सरकार के अनन्य अधिकार क्षेत्र में आता है।

  • राज्य स्तर पर पहल: कर्नाटक (16 वर्ष से कम आयु के उपयोगकर्त्ताओं पर प्रतिबंध) और आंध्र प्रदेश (13 वर्ष से कम आयु के उपयोगकर्त्ताओं पर प्रतिबंध) ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के कारण बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभावों को कम करने का प्रयास कर रहे हैं।
  • संघ का अनन्य क्षेत्राधिकार: भारतीय संविधान की 7 वीं अनुसूची के तहत दूरसंचार और इंटरनेट विनियमन पूरी तरह से संघ सूची (प्रविष्टि 31: डाक एवं तार, टेलीफोन, वायरलेस, प्रसारण और संचार के अन्य समान रूप) के अंतर्गत आते हैं।
    • परिणामस्वरूप, भारत का डिजिटल क्षेत्र केंद्रीय विधि द्वारा शासित है, मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 द्वारा। 
    • ऐसे उपाय जो सीधे तौर पर डिजिटल मध्यस्थों को शर्तें निर्धारित करते हैं, परंपरागत रूप से केंद्र सरकार की कार्रवाई की आवश्यकता होती है।
    • इंटरनेट की संरचना के कारण, केंद्र सरकार के सहयोग के बिना किसी राज्य-विशिष्ट प्रतिबंध को लागू करना व्यावहारिक रूप से कठिन है, क्योंकि केंद्र सरकार ही गेटवे और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को नियंत्रित करती है।
  • राज्य द्वारा संभावित औचित्य: राज्य, राज्य या समवर्ती सूचियों के अंतर्गत आने वाले विषयों, जैसे: ‘सार्वजनिक व्यवस्था,’ ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य,’ या ‘बाल कल्याण’ का हवाला देकर इन प्रतिबंधों को उचित ठहराने का प्रयास कर सकते हैं।
  • मूल अधिकार बनाम उचित प्रतिबंध: डिजिटल अधिकारों के समर्थकों का तर्क है कि व्यापक प्रतिबंध किसी बच्चे (नाबालिग) की वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19(1)(A)) और सूचना के अधिकार का उल्लंघन करते हैं। 
    • किसी भी प्रकार का प्रतिबंध केवल तभी स्वीकार्य है जब वह अनुच्छेद 19(2) के अंतर्गत ‘युक्तिसंगत प्रतिबंध’ की कसौटी पर खरा उतरे और अनुपातिकता के सिद्धांत के अनुरूप हो।
  • वैश्विक उदाहरण: यह स्थानीय बहस एक वैश्विक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया बच्चों के लिये राष्ट्रव्यापी सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू करने वाला पहला देश बन गया है तथा इंडोनेशिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्त्ताओं के लिये इसी तरह के नियमों की घोषणा की है।
और पढ़ें: बच्चों के लिये सोशल मीडिया नियमन
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