रैपिड फायर
भारतीय सेना का प्रौद्योगिकी रोडमैप
- 08 Apr 2026
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भारतीय सेना ने नई दिल्ली में आधिकारिक तौर पर एक 'रणनीतिक प्रौद्योगिकी रोडमैप' जारी किया है, जो विशेष रूप से मानवरहित विमान प्रणालियों (UAS) और 'लोइटरिंग म्यूनिशन' पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य सैन्य परिचालन आवश्यकताओं को घरेलू औद्योगिक क्षमताओं के साथ तालमेल में लाना है।
- रणनीतिक स्वदेशीकरण: यह रोडमैप उद्योग, अकादमिक जगत और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों को ठोस और दीर्घकालिक दिशा प्रदान करता है, जिससे वे अपने निवेश को सेना की विशिष्ट प्राथमिकताओं वाले क्षेत्रों में केंद्रित कर सकें।
- ऑपरेशनल सेतु: यह परिचालन आवश्यकताओं और प्रौद्योगिकी विकास के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है, जिससे भारत में एक संरचित तथा मांग-आधारित ड्रोन पारितंत्र के विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
- आधुनिक युद्ध कौशल: वैश्विक संघर्षों से मिले सबक को रेखांकित करते हुए यह रोडमैप ड्रोन तकनीक के माध्यम से 'बड़े पैमाने पर तैनाती' और 'सटीक लक्ष्य भेदन' के बीच एक आवश्यक संतुलन बनाने पर ज़ोर देता है।
- आत्मनिर्भरता: यह पहल ‘समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण’ को बढ़ावा देती है, जिसमें सशस्त्र बलों, रक्षा उद्योग और स्टार्ट-अप्स को एकजुट कर एक मज़बूत तथा आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण क्षेत्र का निर्माण किया जाता है।
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