रैपिड फायर
वर्ष 2025 में भारत का LFPR रिकॉर्ड 56.1%
- 23 Jan 2026
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दिसंबर 2025 में प्रकाशित आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के अनुसार, श्रम बल भागीदारी वार्षिक उच्चतम स्तर पर पहुँचने के साथ निरंतर सुधार दर्ज किया गया है, हालाँकि बेरोज़गारी दर सामान्यतः स्थिर बनी हुई है।
- मासिक आँकड़े वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) के दृष्टिकोण पर आधारित हैं, जो सर्वेक्षण से पूर्व के 7 दिनों में किसी व्यक्ति की गतिविधि की स्थिति (नियोजित, बेरोज़गार, या श्रम बल से परे) का मूल्यांकन करते हैं।
मुख्य बिंदु:
- श्रम बल भागीदारी दर (LFPR): 15 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिये LFPR ने जून 2025 से अपनी ऊर्ध्वगामी प्रवृत्ति जारी रखी, जो दिसंबर 2025 में 56.1% तक पहुँच गई।
- LFPR कार्यशील आयु वर्ग (15–59 वर्ष) की जनसंख्या का वह प्रतिशत है जो या तो नियोजित है या सक्रिय रूप से रोज़गार की तलाश कर रही है।
- कार्यशील जनसंख्या अनुपात (WPR): WPR अपने वार्षिक शिखर 53.4% पर पहुँच गया। ग्रामीण पुरुष के कार्यशील जनसंख्या अनुपात ने 76.0% के साथ मज़बूत प्रदर्शन दिखाया और महिलाओं का अनुपात 38.6% रहा, जो ग्रामीण रोज़गार की दृढ़ता को दर्शाता है।
- WPR कार्यशील आयु वर्ग की जनसंख्या का वह प्रतिशत है जो वास्तव में नियोजित है।
- बेरोज़गारी परिदृश्य: समग्र बेरोज़गारी दर (UR) 4.8% पर स्थिर रही। ग्रामीण UR 3.9% पर स्थिर रही हालाँकि शहरी बेरोज़गारी परिदृश्य मामूली रूप से बढ़कर 6.7% हो गई।
- शहरी महिला बेरोज़गारी परिदृश्य में अक्तूबर 2025 के वार्षिक शिखर 9.7% की दर से गिरावट आई और यह 9.1% पर पहुँच गई।
- ग्रामीण-शहरी विभाजन: एक स्पष्ट असमानता बनी हुई है, जहाँ ग्रामीण LFPR (59.0%) शहरी LFPR (50.2%) से काफी अधिक है, शहरी बेरोज़गारी निरंतर रूप से ग्रामीण स्तर से अधिक बनी हुई है।
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