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दूरसंचार एवं डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में भारत–जर्मनी के मध्य सहयोग

  • 19 Feb 2026
  • 21 min read

स्रोत: पीआईबी 

भारत–जर्मनी सामरिक साझेदारी के अंतर्गत दूरसंचार एवं डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में संरचित सहयोग को आगे बढ़ाने हेतु दोनों देशों के मध्य एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। यह पहल वर्ष 2026 में आयोजित भारत–जर्मनी शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित संयुक्त आशय घोषणापत्र (Joint Declaration of Intent – JDI) पर आधारित है। 

  • संयुक्त अभिप्राय घोषणा (JDI) फ्रेमवर्क: यह दूरसंचार तथा डिजिटल शासन के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग के लिये एक दूरदर्शी एवं गैर-बाध्यकारी फ्रेमवर्क है। यह डिजिटल पारितंत्र में पारदर्शिता, विश्वसनीयता, नवाचार तथा प्रत्यास्थता जैसे साझा मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है। 
  • भारत में डिजिटल परिवर्तन एवं प्रमुख उपलब्धियाँ: भारत ने अपने डिजिटल सशक्तीकरण की निम्नलिखित उपलब्धियों को रेखांकित किया— 
    • 1.23 बिलियन से अधिक दूरसंचार उपभोक्ता तथा लगभग 1 बिलियन इंटरनेट उपयोगकर्त्ता 
    • देश के लगभग 99.9% ज़िलों तक 5G कवरेज का विस्तार। 
    • प्रति GB औसत डेटा शुल्क लगभग 0.10 अमेरिकी डॉलर, जो वैश्विक स्तर पर न्यूनतम दरों में सम्मिलित है। 
    • एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 250 बिलियन लेन-देन संसाधित किये जाते हैं; इसे अनेक साझेदार देशों द्वारा अंतर-संचालनीय डिजिटल भुगतान मॉडल के रूप में अपनाया जा रहा है। 
  • जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता: जर्मनी ने क्वांटम एंक्रिप्शन  तथा सुरक्षित सूचना प्रसारण के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किये, जिनमें 35 किमी. के लिंक पर लगातार 11 दिनों तक क्वांटम संचार के सफल प्रदर्शन का उदाहरण भी शामिल था, जो सुरक्षित संचार अवसंरचना के विकास की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। 
  • सहयोग के प्राथमिक क्षेत्र: दोनों पक्षों ने जिन प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता प्रदान की उनमें 5G एवं 5G-एडवांस्ड प्रौद्योगिकी सहित 6G मानकीकरण में प्रारंभिक सहभागिता, नेटवर्क आधुनिकीकरण, विश्वसनीय दूरसंचार संरचनाएँ, आपूर्ति शृंखला की प्रत्यास्थता, एज-आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता, औद्योगिक-स्तरीय नेटवर्क स्लाइसिंग, ओपन RAN (रेडियो एक्सेस नेटवर्क) ईकोसिस्टम आदि शामिल हैं। 
  • बहुपक्षीय सहयोग: भारत ने जर्मनी से निम्नलिखित विषयों पर समर्थन का अनुरोध किया— 
    • अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) में रेडियोकम्युनिकेशन ब्यूरो के निदेशक पद हेतु भारत की उम्मीदवारी। 
    • वर्ष 2027–30 कार्यकाल के लिये ITU परिषद में भारत का पुनर्निर्वाचन 
    • वर्ष 2030 में ITU प्लेनिपोटेंशियरी कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी हेतु भारत का प्रस्ताव।
और पढ़े: भारत-जर्मनी संबंध 
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