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HALEU-थोरियम ईंधन

  • 26 Mar 2026
  • 12 min read

स्रोत: टीएच

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) द्वारा किये गए एक अध्ययन के अनुसार भारत के रिएक्टरों हेतु HALEU-थोरियम ईंधन (HALEU-Th) की उपयुक्तता के बारे में चिंताएँ व्यक्त की हैं, जबकि देश त्रिस्तरीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के तहत अपने विशाल थोरियम भंडार का उपयोग करके परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने की संभावनाओं का पता लगा रहा है।

  • परिचय: HALEU-थोरियम ईंधन समृद्ध यूरेनियम (U-235) और थोरियम का एक संयोजन है। इसमें थोरियम एक उर्वर सामग्री के रूप में कार्य करता है, जो विखंडनीय U-233 उत्पन्न कर सकता है। यह प्रक्रिया ईंधन की दीर्घकालिक स्थिरता और निरंतरता बनाए रखने में मदद करती है।
  • लाभ: सिमुलेशन परिणामों से यह दर्शाया गया कि HALEU-थोरियम ईंधन पारंपरिक ईंधनों की तुलना में दो मुख्य लाभ प्रदान करता है: उच्च ऊर्जा उत्पादन (बर्न-अप) प्रदान करता है तथा काफी निम्न रेडियोधर्मी अपशिष्ट उत्पन्न करता है।
  • चिंता का विषय: अध्ययन के अनुसार, HALEU-थोरियम ईंधन रिएक्टर की सुरक्षा प्रणालियों (जैसे– शटडाउन रॉड्स) की प्रभावशीलता को कम कर सकता है। इसके लिये महत्त्वपूर्ण डिज़ाइन परिवर्तनों की आवश्यकता होगी, जो इसे तत्काल उपयोग के लिये अनुपयुक्त बनाते हैं।
  • वैश्विक विकास: उन्नत रिएक्टरों और लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR) के लिये विकसित ANEEL (एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी फॉर एनरिच्ड लाइफ) ईंधन का उपयोग किया जा रहा है। इसका परीक्षण अमेरिका में किया गया है और भारत में शांति अधिनियम जैसी नीतिगत पहलों के बाद प्रेशराइज़्ड हेवी वाटर रिएक्टरों (PHWRs) में भी इसके संभावित उपयोग पर विचार किया जा रहा है।

और पढ़ें: FBR के विकल्प के रूप में HALEU ईंधन चक्र

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