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मिलन सैन्य अभ्यास 2026

  • 18 Feb 2026
  • 13 min read

स्रोत: टीओआई

भारतीय नौसेना ने 13वें मिलन सैन्य अभ्यास 2026 में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के मध्य सांस्कृतिक एवं सामाजिक आदान-प्रदान को सुगम बनाने के उद्देश्य से विशाखापत्तनम में एक समर्पित मिलन विलेज की स्थापना की है।

  • मिलन सैन्य अभ्यास के 13वें संस्करण में 70 से अधिक देशों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिनमें जर्मनी, फिलीपींस तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश, जो पहली बार इसमें हिस्सा ले रहे हैं, भी सम्मिलित हैं।

मिलन सैन्य अभ्यास

  • परिचय: मिलन (MILAN) भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित एक द्विवार्षिक (प्रत्येक दो वर्ष में आयोजित) बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है। इसका प्रारंभ वर्ष 1995 में अंडमान एवं निकोबार कमान के अधीन केवल चार विदेशी नौसेनाओं इंडोनेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका तथा थाईलैंड की सहभागिता के साथ हुआ था। समय के साथ इसका विकास हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सर्वाधिक व्यापक समुद्री सैन्य सहभागिताओं में से एक के रूप में हुआ।
  • मुख्य उद्देश्य: यह अभ्यास समुद्री साझेदार देशों के मध्य परस्पर समझ, विश्वास तथा पेशेवर संवाद को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है, जिससे एक स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी एवं नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सके।
  • संरचनात्मक चरण: इस अभ्यास के अंतर्गत दो मुख्य चरण (फेज़) शामिल हैं: हार्बर फेज़ (संगोष्ठियाँ, विषय-विशेषज्ञों के मध्य विचार-विमर्श तथा ज्ञान-साझेदारी) और सी फेज़ (अंतःक्रियाशीलता, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR), पनडुब्बी-रोधी युद्धक्षमता तथा सामरिक संचालनाभ्यास)।
  • नीतिगत सामंजस्य: यह अभ्यास भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी 2014, महासागर विज़न एवं हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक विश्वसनीय सुरक्षा भागीदार के रूप में उसकी भूमिका को सुदृढ़ करने हेतु एक महत्त्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

और पढ़ें: भारत की समुद्री रणनीति

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