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अर्थ ऑवर 2026

  • 30 Mar 2026
  • 15 min read

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

भारत ने अर्थ ऑवर 2026 (28 मार्च, 2026, रात 8:30–9:30 बजे) में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें इंडिया गेट, कुतुब मीनार और लाल किले जैसे प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी लाइटें बंद रखीं।

  • परिचय: अर्थ ऑवर एक वैश्विक पहल है, जिसका आयोजन वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) द्वारा किया जाता है, जो व्यक्तियों, सरकारों और संस्थानों से जलवायु परिवर्तन तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक घंटे के लिये गैर-आवश्यक लाइटें बंद करने का आह्वान करती है।
    • अर्थ ऑवर 2026 इस अभियान के 20 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है, जो एक साधारण पहल से विकसित होकर स्थिरता और जलवायु कार्रवाई के लिये एक शक्तिशाली वैश्विक आह्वान बन गया है।
  • विषय: इस वर्ष का विषय ‘गिव एन ऑवर फॉर अर्थ’ सभी को केवल लाइट बंद करने से आगे बढ़कर प्रकृति के लिये 60 मिनट समर्पित करने हेतु प्रोत्साहित करता है, जैसे– प्रकृति से जुड़ना, उसका पुनर्स्थापन करना, उसके बारे में सीखना या दूसरों को उसकी देखभाल के लिये प्रेरित करना।
  • उत्पत्ति: इसकी शुरुआत वर्ष 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में एक प्रतीकात्मक ‘लाइट्स ऑफ’ आंदोलन के रूप में हुई थी और तब से यह विश्व के सबसे बड़े जन-आधारित पर्यावरण अभियानों में से एक बन गया है।
    • यह अभियान अब 190 से अधिक देशों और क्षेत्रों में लाखों लोगों को जोड़ चुका है, जो केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई ही नहीं बल्कि पृथ्वी के हित में व्यापक सकारात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है।
  • भारत में भागीदारी: भारत में यह पहल 2009 से वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड-भारत के तहत उल्लेखनीय रूप से विस्तारित हुई है, जिसमें 58 शहरों की भागीदारी, व्यापक संस्थागत समर्थन और बढ़ती डिजिटल भागीदारी शामिल है।
    • स्विच-ऑफ (लाइटें बंद करने) से इतर, भारत में यह अभियान स्वच्छता अभियान, नेचर वॉक,  साइक्लोथॉन, नागरिक विज्ञान पहल और शैक्षिक कार्यक्रमों जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देता है, जो दीर्घकालिक पर्यावरणीय कार्रवाई के लिये प्रोत्साहित करते हैं।

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