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रानी वेलु नाचियार की जयंती

  • 05 Jan 2026
  • 12 min read

स्रोत: पी. आई. बी.

प्रधानमंत्री ने 3 जनवरी, 2026  को रानी वेलु नाचियार की 296वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।  

  • परिचय: रानी वेलु नाचियार, जिन्हें ‘वीरमंगाई’ के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म 3 जनवरी, 1730 को वर्तमान तमिलनाडु के रामनाथपुरम के रामनाथराजम साम्राज्य में हुआ था।
  • औपनिवेशिक प्रतिरोध की अग्रणी: उन्हें पहली भारतीय रानी के रूप में सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ संगठित सशस्त्र प्रतिरोध की शुरुआत की और राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन से बहुत पहले स्वदेशी शासन की स्थापना का दावा किया।
    • उनका विद्रोह दक्षिण भारत में संगठित औपनिवेशिक विरोध के प्रारंभिक चरण का प्रतिनिधित्व करता है।
  • शिवगंगा की शासक: अपने पति मुथुवदुगनाथापेरिया उदैयाथेवर के निधन के बाद उन्होंने वर्ष 1780 में शिवगंगा के सिंहासन को सॅंभाला और वर्ष 1790 तक शासन किया। इस क्षेत्र में देशी राजनीतिक सत्ता को पुनर्स्थापित किया।
    • उनकी मृत्यु 25 दिसंबर, 1796 को हुई, जो उनके शासनकाल के खत्म होने के कुछ वर्ष बाद था।
  • सैन्य नवाचार: उन्होंने भारतीय सैन्य इतिहास में दर्ज मानव बम का उपयोग औपनिवेशिक सेनाओं के खिलाफ रणनीतिक हथियार के रूप में किया।
    • उन्होंने पहली प्रशिक्षित महिला सैन्य इकाई का भी गठन किया, जिससे अठारहवीं सदी के अंत में महिलाओं की युद्ध में भागीदारी को संस्थागत रूप दिया गया।
  • विशेषज्ञता: एक बहुभाषी शासक, वह फ्रेंच, अंग्रेज़ी और उर्दू में निपुण थीं, जो उनकी बौद्धिक गहराई और कूटनीतिक कौशल को दर्शाता है।

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