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मुल्लापेरियार बाँध में जलस्तर

  • 29 Oct 2021
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

मुल्लापेरियार, पेरियार नदी, इडुक्की बाँध

मेन्स के लिये:

बाँध सुरक्षा और आपदा प्रबंधन 

चर्चा  में क्यों?

हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने केरल में मूसलाधार बारिश के बीच मुल्लापेरियार बाँध में बनाए जा सकने वाले अधिकतम जल स्तर पर पर्यवेक्षी समिति को तत्काल और दृढ़ निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

  • जल शक्ति मंत्रालय ने केरल और तमिलनाडु के बीच मुल्लापेरियार बाँध के मुद्दे को निपटाने के लिये तीन सदस्यीय पर्यवेक्षी समिति का गठन किया है।

Mullaperiyar-Dam

प्रमुख बिंदु 

  • परिचय:
    • दशकों पुराने विवाद का केंद्र:
      • मुल्लापेरियार बाँध के जलस्तर को खतरे के नीचे रखना, केरल के लिये महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इसके आसपास रहने वाले लाखों लोगों को इससे खतरा है।
      • जबकि तमिलनाडु के लिये इस बाँध की उपयोगिता यह है कि इससे राज्य के पाँच ज़िलों को जलापूर्ति की जाती है।
    • विवाद के हालिया कारण:
      • हाल ही में भारी बारिश ने मुल्लापेरियार बाँध में जल प्रवाह बढ़ा दिया है। मुल्लापेरियार बाँध का अतिरिक्त पानी नीचे की ओर इडुक्की जलाशय में जा सकता है, जिससे बाढ़ आ सकती है।
      • वर्ष 2018 में सर्वोच्च न्यायालय  ने सहमति व्यक्त की थी कि बाढ़ या अन्य आपदाओं से बचाव के लिये तत्काल एहतियात के तौर पर मुल्लापेरियार जलाशय में जलस्तर 142 फीट की अनुमेय सीमा से दो या तीन फीट नीचे बनाए रखा जाना चाहिये।
  • मुल्लापेरियार बाँध:
    • यह केरल के इडुक्की ज़िले में मुल्लायर और पेरियार नदियों के संगम पर स्थित है।
    • इसका संचालन तथा रखरखाव तमिलनाडु द्वारा अपने पाँच दक्षिणी ज़िलों की पेयजल और सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये किया जाता है।
      • ब्रिटिश शासन के दौरान किये गए 999 साल के पट्टे के समझौते के अनुसार, परिचालन अधिकार तमिलनाडु को सौंप दिये गए थे।
    • जलाशय से डायवर्ट किये गए पानी का उपयोग पहले निचले पेरियार (तमिलनाडु द्वारा) में बिजली उत्पादन के लिये किया जाता है, जो वैगई नदी की एक सहायक नदी सुरुलियार में बहते हुए तमिलनाडु के थेनी और चार अन्य ज़िलों में लगभग 2.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई करती है।

पेरियार नदी

  • पेरियार नदी 244 किलोमीटर की लंबाई के साथ केरल राज्य की सबसे लंबी नदी है।
  • इसे ‘केरल की जीवनरेखा’ (Lifeline of Kerala) के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह केरल राज्य की बारहमासी नदियों में से एक है।
  • पेरियार नदी पश्चिमी घाट (Western Ghat) की शिवगिरी पहाड़ियों (Sivagiri Hill) से निकलती है और ‘पेरियार राष्ट्रीय उद्यान’ (Periyar National Park) से होकर बहती है।
  • पेरियार की मुख्य सहायक नदियाँ- मुथिरपूझा, मुल्लायार, चेरुथोनी, पेरिनजंकुट्टी हैं।

इडुक्की बाँध 

  • 168.91 मीटर ऊँचा इडुक्की बाँध कुरावनमाला और कुरथीमाला- दो पहाड़ों के बीच स्थित है।
  • यह एशिया के सबसे ऊँचे मेहराबदार बाँधों में से एक है और तीसरा सबसे ऊँचा मेहराबदार बाँध है।
  • यह पेरियार नदी पर केरल में कुरवन और कुरथी पहाड़ियों के बीच खड्ड में बनाया गया है।
  • इसका निर्माण और स्वामित्व केरल राज्य विद्युत बोर्ड के पास है। यह 780 मेगावाट पनबिजली का उत्पादन करता है।

स्रोत: द हिंदू

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