दृष्टि ज्यूडिशियरी का पहला फाउंडेशन बैच 11 मार्च से शुरू अभी रजिस्टर करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


शासन व्यवस्था

5 राज्यों के आकांक्षी ज़िलों के लिये यूएसओएफ योजना

  • 22 Nov 2021
  • 6 min read

प्रिलिम्स के लिये:

नीति आयोग,आकांक्षी ज़िले, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत

मेन्स के  लिये:

यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड एवं इसके उद्देश्य 

चर्चा में क्यों?   

हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांँच राज्यों- आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा के आकांक्षी ज़िलों से अछूते गांँवों में 4 जी आधारित मोबाइल सेवाओं के प्रावधान हेतु सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि/यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (Universal Service Obligation Fund- USOF) योजना को मंज़ूरी दी है।

  • नीति आयोग के एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम का उद्देश्य देश भर के 112 सबसे कम विकसित ज़िलों का तीव्रता के साथ प्रभावी रूप से विकास करना है।

प्रमुख बिंदु 

  • योजना के बारे में: 
    • इस योजना में पांँच राज्यों के 44 आकांक्षी ज़िलों के 7,287 गांँवों में 4जी आधारित मोबाइल सेवाएंँ उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। इसे यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (Universal Service Obligation Fund- USOF) द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा।
    • इससे आत्मनिर्भरता, सीखने की सुविधा, सूचना और ज्ञान के प्रसार, कौशल उन्नयन तथा विकास, आपदा प्रबंधन, ई-गवर्नेंस पहल, उद्यमों की स्थापना व ई-कॉमर्स सुविधाओं आदि के लिये उपयोगी डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
    • यह घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत आदि के उद्देश्यों को पूरा करने के लिये डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को हासिल करना चाहता है।
  • यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF):
    • USOF के बारे में:
      • USOF इस बात को सुनिश्चित करता है कि ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों में लोगों तक आर्थिक रूप से उचित कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सेवाओं की सार्वभौमिक गैर-भेदभावपूर्ण पहुंँच सुनिश्चित हो।
      • इसकी स्थापना वर्ष 2002 में संचार मंत्रालय द्वारा की गई थी।
      • यह एक गैर-व्यपगत निधि है, अर्थात्, लक्षित वित्तीय वर्ष के तहत खर्च न की गई राशि व्यपगत नहीं होती है और अगले वर्षों के खर्च के लिये प्रयोग की जाती है।
      • इस फंड के सभी प्रकार के क्रेडिट के लिये संसदीय अनुमोदन की आवश्यकता होती है और इसे भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत वैधानिक समर्थन प्राप्त है।
    • उद्देश्य:
      • आर्थिक: नेटवर्क विस्तार और आईसीटी सेवाओं को बढ़ावा देना।
      • सामाजिक: एक्सेस गैप को समाप्त कर कम सेवा वाले और असेवित क्षेत्रों/समूहों को मुख्यधारा में लाना।
      • राजनीतिक: नागरिकों को सूचना के माध्यम से अपने राजनीतिक अधिकारों का प्रयोग करने में सक्षम बनाना। 
      • संवैधानिक: लक्षित सब्सिडी के माध्यम से दूरसंचार/डिजिटल क्रांति के लाभ का समान वितरण और राष्ट्रीय संसाधनों का उचित आवंटन (संयुक्त यूएसओ लेवी)।
    • महत्त्व:
      • ग्रामीण क्षेत्रों के लिये ग्राम सार्वजनिक टेलीफोन (VPT), ग्रामीण सामुदायिक फोन (RCP), ग्रामीण घरेलू टेलीफोन (RDEL) और मोबाइल बुनियादी ढाँचा स्थापित किया जाता है।
      • सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती दूरसंचार सेवाओं तक पहुँच के साथ यह शहरी प्रवास को रोकने में मदद कर सकता है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर पैदा करना सुनिश्चित कर सकता है।
      • ग्रामीण क्षेत्रों में आईसीटी सेवाओं की बढ़ती जागरूकता और ग्रामीण लोगों की भागीदारी से स्वास्थ्य, शिक्षा आदि से संबंधित सुविधाओं को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
      • यह ग्रामीण बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ-ग्रामीण) और ग्रामीण नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ-ग्रामीण) के विकास को सुनिश्चित कर सकता है।
      • यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) को ग्रामीण आबादी के सामाजिक विकास के उद्देश्य से सरकारी योजनाओं के लाभों का विस्तार करने के लिये सही उपकरण के रूप में भी माना जाता है।

स्रोत: पीआईबी

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2