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सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान: आकांक्षी ज़िले

  • 10 Jun 2021
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये 

सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान, आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम के बारे में तथ्यात्मक जानकारी

मेन्स के लिये 

सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान, आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम के लाभ

चर्चा में क्यों?

हाल ही में नीति आयोग और पीरामल फाउंडेशन ने 112 आकांक्षी ज़िलों में 'सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान (Surakshit Hum Surakshit Tum Abhiyan)' शुरू किया।

  • यह अभियान कोविड-19 के उन रोगियों को घरेलू देखभाल सहायता प्रदान करने में प्रशासन की सहायता के लिये शुरू किया गया था, जो लक्षणहीन (Asymptomatic) हैं या जिनमें हल्के लक्षण हैं।
  • इनमें से अधिकांश ज़िले झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र में हैं।

प्रमुख बिंदु

अभियान के बारे में:

  • यह अभियान एक विशेष पहल आकांक्षी ज़िला सहयोगी (Aspirational Districts Collaborative) का हिस्सा है जिसमें स्थानीय नेता, नागरिक समाज और स्वयंसेवक जिला प्रशासन के साथ मिलकर आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme- ADP) के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में उभरती समस्याओं का समाधान करते हैं।
  • इस अभियान का नेतृत्त्व ज़िला मजिस्ट्रेटों द्वारा किया जाएगा, जिसमें 1000 से अधिक स्थानीय गैर-सरकारी संगठन भी शामिल होंगे, जो इनबाउंड/आउटबाउंड कॉल के माध्यम से रोगियों से जुड़ने के लिये 1 लाख से अधिक स्वयंसेवकों को सूचीबद्ध और प्रशिक्षित करेंगे।
  • स्वयंसेवकों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने, मनो-सामाजिक सहायता प्रदान करने और प्रशासन को रोगियों के बारे में समय पर अपडेट करने के लिये शिक्षित करके प्रत्येक 20 प्रभावित परिवारों का समर्थन करने हेतु प्रशिक्षित किया जाएगा।

उद्देश्य:

  • इन 112 ज़िलों में प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक पहुँचने का लक्ष्य है।
  • इस अभियान से घर पर लगभग 70% कोविड-19 मामलों के प्रबंधन, स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव को कम करने और लोगों में भय के प्रसार को रोकने के लिये ज़िला स्तर पर तैयारियों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
  • यह कोविड-19 के स्थायी प्रभाव को संबोधित करके आकांक्षी ज़िलों में भारत के सबसे गरीब समुदायों को दीर्घकालिक सहायता प्रदान करेगा।

आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम

परिचय:

  • इसे जनवरी 2018 में 'आकांक्षी ज़िलों का परिवर्तन' कार्यक्रम (Transformation of Aspirational Districts’ Programme- TADP) के रूप में लॉन्च किया गया था।
  • आकांक्षी ज़िले भारत के वे ज़िले हैं जो खराब सामाजिक-आर्थिक संकेतकों से प्रभावित हैं।
  • इन ज़िलों में सुधार से भारत के मानव विकास में समग्र सुधार हो सकता है।

मंत्रालय:

  • भारत सरकार के स्तर पर यह कार्यक्रम नीति आयोग द्वारा संचालित है। इसके अलावा अलग-अलग मंत्रालयों ने ज़िलों की प्रगति की जिम्मेदारी संभाली है।

उद्देश्य:

  • आकांक्षी ज़िलों की वास्तविक समय की प्रगति की निगरानी करना।

केंद्र-बिंदु क्षेत्र:

  • ADP 5 मुख्य क्षेत्रों 49 संकेतकों पर आधारित है, जो लोगों के स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि तथा जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास व बुनियादी ढाँचे में सुधार पर ध्यान केंद्रित करता है।
  • राज्यों के मुख्य चालक के रूप में ADP प्रत्येक ज़िले की क्षमता पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है, साथ ही तत्काल सुधार के लिये कम लाभ वाले क्षेत्रों की पहचान करना, प्रगति को मापना और ज़िलों को रैंक प्रदान करना चाहता है।

कार्यक्रम की व्यापक रूपरेखा (Triple-C):

  • अभिसरण (केंद्र और राज्य योजनाओं का) जो सरकार के क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर स्तरों को एक साथ लाता है।
  • सहयोग (केंद्रीय, राज्य स्तर के 'प्रभारी' अधिकारियों और ज़िला कलेक्टरों का) जो सरकार, बाज़ार और नागरिक समाज के बीच प्रभावशाली भागीदारी को सक्षम बनाता है।
  • जन आंदोलन की भावना से प्रेरित ज़िलों के बीच प्रतिस्पर्द्धा ज़िला स्तर पर सरकारों की जवाबदेही को बढ़ावा देती है।

स्रोत: द हिंदू

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