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स्कूल नवाचार दूत प्रशिक्षण कार्यक्रम

  • 17 Jul 2021
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद

मेन्स के लिये:

स्कूल नवाचार दूत प्रशिक्षण और इसके लाभ तथा शिक्षा में क्षेत्र में भारत सरकार की अन्य पहलें

चर्चा में क्यों?

हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री ने संयुक्त रूप से स्कूल नवाचार दूत प्रशिक्षण (School Innovation Ambassador Training Program- SIATP) की शुरुआत की।

  • जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने एक आदि-प्रशिक्षण पोर्टल लॉन्च किया है जो प्रशिक्षण इनपुट का भंडार भी है।

प्रमुख बिंदु:

परिचय:

  • स्कूली शिक्षकों के लिये अभिनव और अपनी तरह के अनूठे प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य 50,000 स्कूल शिक्षकों को नवाचार, उद्यमिता, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), डिज़ाइन थिंकिंग, उत्पाद विकास, विचार निर्माण आदि में प्रशिक्षण देना है।
  • यह छात्रों को भविष्य के लिये तैयार करने हेतु शिक्षकों को परिवर्तन-एजेंट और नवाचार दूत बनाएगा।

डिज़ाइन और सहयोग:

  • कार्यक्रम को शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा स्कूली शिक्षकों के लिये "उच्च शैक्षिक संस्थान के संकाय सदस्यों हेतु नवाचार दूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" के आधार पर डिज़ाइन किया गया है।
    • प्रशिक्षण केवल ऑनलाइन माध्यम से दिया जाएगा।
  • यह शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल, जनजातीय मामलों के मंत्रालय, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और AICTE का एक सहयोगी प्रयास है।

लाभ:

  • यह देश भर में बड़ी संख्या में आदिवासी स्कूलों के बच्चों में रचनात्मकता का विकास कर उन्हें लाभान्वित करेगा।
  • यह नवाचार क्षमताओं वाले लाखों छात्रों का पोषण करेगा, नवाचार की संस्कृति विकसित करेगा और एक नए एवं जीवंत भारत की नींव रखेगा।
  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के छात्रों को SIATP से बहुत लाभ होगा क्योंकि यह जनजातीय बच्चों को सर्वोत्तम संभव शिक्षा देने के लिये जनजातीय मामलों के मंत्रालय का एक प्रयास है।
    • जनजातीय बच्चों के लिये EMRS एक और महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम है जिसके तहत अगले तीन वर्षों में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 740 EMRS स्थापित किये जाएंगे।
    • इसकी शुरुआत वर्ष 1997-98 में दूरस्थ क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिये की गई थी।

अन्य महत्त्वपूर्ण संबंधित पहलें:

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद

  • इस परिषद की स्थापना नवंबर 1945 में राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष सलाहकार निकाय के रूप में की गई थी।
  • इसका उद्देश्य तकनीकी शिक्षा के लिये उपलब्ध सुविधाओं पर सर्वेक्षण करना और समन्वित तथा एकीकृत तरीके से देश में विकास को बढ़ावा देना है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अनुसार, AICTE में निहित हैं:
    • मानदंडों और मानकों के नियोजन, निर्माण और रखरखाव के लिये सर्वोच्च प्राधिकरण।
    • प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में वित्तपोषण, निगरानी और मूल्यांकन करना। 
    • प्रमाणन और पुरस्कारों की समानता बनाए रखना।
    • गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
    • देश में तकनीकी शिक्षा का प्रबंधन।

इनोवेशन सेल

  • यह देश भर के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है।
    • इसे वर्ष 2018 में AICTE परिसर में स्थापित किया गया था।
  • इसका उद्देश्य युवा छात्रों को नए विचारों से अवगत कराकर उन्हें प्रोत्साहित करना है, जिसके परिणामस्वरूप उनके प्रारंभिक वर्षों में नवीन गतिविधियाँ होती हैं, जिन्हें HEI में नेटवर्क ऑफ  इनोवेशन क्लब (Network of Innovation Club) के माध्यम से बढ़ावा दिया जाता है।

स्रोत: पी.आई.बी.

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