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कृषि

‘किसान सारथी’ मंच

  • 17 Jul 2021
  • 4 min read

प्रिलिम्स के लिये

‘किसान सारथी’ मंच, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद

मेन्स के लिये

कृषि विकास हेतु सरकार द्वारा किये गए प्रयास

चर्चा में क्यों?

हाल ही में ‘भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद’ (ICAR) ने अपना 93वाँ स्थापना दिवस मनाया और इस अवसर पर ‘किसान सारथी’ मंच का शुभारंभ किया गया।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद

  • यह कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के ‘कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग’ (DARE) के तहत एक स्वायत्त संगठन है।
  • इसकी स्थापना जुलाई 1929 में हुई थी और इसे पूर्व में ‘इम्पीरियल काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च’ के नाम से जाना जाता था।
  • इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
  • यह पूरे देश में बागवानी, मत्स्य पालन और पशु विज्ञान सहित कृषि क्षेत्र में अनुसंधान एवं शिक्षा के समन्वय, मार्गदर्शन और प्रबंधन के लिये शीर्ष निकाय है।

प्रमुख बिंदु

किसान सारथी’ मंच:

  • इसे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया है।
  • यह किसानों को उनकी वांछित भाषा में 'सही समय पर सही जानकारी' प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करने हेतु एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
  • यह किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs) के वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष तौर कृषि और संबद्ध विषयों पर वार्ता करने एवं व्यक्तिगत सलाह लेने में मदद करेगा।
    • किसान इसका उपयोग कर खेती के नए तरीके भी सीख सकते हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र:

  • यह भारत में एक कृषि विस्तार केंद्र है। ये केंद्र आमतौर पर एक स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े ICAR और किसानों के बीच अंतिम कड़ी के रूप में काम करते हैं तथा व्यावहारिक कृषि अनुसंधान को लागू करने का लक्ष्य रखते हैं।
  • यह राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली (National Agricultural Research System- NARS) का अभिन्न अंग है।
    • पहला KVK वर्ष 1974 में पुद्दुचेरी में स्थापित किया गया था।
  • KVK का अधिदेश इसके अनुप्रयोग और क्षमता विकास के लिये प्रौद्योगिकी मूल्यांकन तथा प्रदर्शन है।
  • KVK भी गुणवत्तापूर्ण तकनीकी उत्पादों जैसे- बीज, रोपण सामग्री, पशुधन आदि का उत्पादन करते हैं और इसे किसानों को उपलब्ध कराते हैं।
  • KVK योजना भारत सरकार द्वारा 100% वित्तपोषित है और कृषि विश्वविद्यालयों, ICAR संस्थानों, संबंधित सरकारी विभागों तथा कृषि में काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (NGO) द्वारा स्वीकृत हैं।
  • KVK प्रयोगशालाओं और खेत के बीच एक सेतु का काम करते हैं। सरकार के अनुसार, ये वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये महत्त्वपूर्ण हैं।

Krishi-Vigyan-Kendra

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स्रोत: पी.आई.बी.

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