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परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों पर RBI की रिपोर्ट

  • 30 Apr 2021
  • 8 min read

चर्चा में क्यों?

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (ARCs) पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ARC उद्योग की वृद्धि समय के साथ लगातार नहीं हुई है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (NBFCs) और बैंक की गैर-निष्पादनकारी परिसंपत्तियाँ (NPA) के आँकड़े सदैव एक समान नहीं रहे हैं। 

  • हालाँकि इसने एक नए ARC के लिये सरकार के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि इस तरह की इकाई परिसंपत्ति संकल्प तंत्र को और मज़बूत करेगी।

प्रमुख बिंदु:

परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनि (ARC) के बारे में

  • यह एक विशेष वित्तीय संस्थान है जो बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ‘नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स’ (Non Performing Assets- NPAs) खरीदता है ताकि वे अपनी बैलेंसशीट को स्वच्छ रख सकें।
    • जब ऋण लेने वाला व्यक्ति 90 दिनों तक ब्याज अथवा मूलधन का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसको दिया गया ऋण गैर-निष्पादित परिसंपत्ति माना जाता है|
  • यह बैंकों को सामान्य बैंकिंग गतिविधियों में ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। बैंकों द्वारा बकाएदारों पर अपना समय और प्रयास बर्बाद करने के बजाय वे ARC को अपना NPAs पारस्परिक रूप से सहमत मूल्य पर बेच सकते हैं।
  • सिक्योरिटाइज़ेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स एंड एनफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट’(SARFAESI) Act, 2002 भारत में ARCs की स्थापना के लिये कानूनी आधार प्रदान करता है।
    • सरफेसी अधिनियम न्यायालयों के हस्तक्षेप के बिना गैर-निष्पदनकारी संपत्ति के पुनर्निर्माण में मदद करता है। इस अधिनियम के तहत बड़ी संख्या में ARCs का गठन और उन्हें भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के साथ पंजीकृत किया गया ।
  • RBI को ARCs को विनियमित करने की शक्ति मिली है।

ARC उद्योग का विकास:

  • ARC की संख्या: ARC उद्योग वर्ष 2003 में परिसंपत्ति पुनर्निमाण कंपनी इंडिया लिमिटेड (ARCIL) की स्थापना के साथ शुरू हुआ था। स्थापना के प्रारंभिक वर्षों में सामान्य स्थिति रही लेकिन वर्ष 2008 में और वर्ष 2016 में ARC की संख्या में गिरावट देखी गई।
  • कुछ ARCs के बीच व्यवसाय की एकाग्रता: उद्योग में प्रबंधन के तहत परिसंपत्ति (AUM) और सुरक्षा प्राप्तियों (SRs) के संदर्भ में ध्यान केंद्रित किया गया है।
    • जब वाणिज्यिक बैंकों या वित्तीय संस्थानों की गैर-निष्पादित संपत्तियों को वसूली के उद्देश्य से ARC द्वारा अधिग्रहीत किया जाता है तब ARCs द्वारा प्रतिभूति ‘रिसीप्ट्स’ जारी की जाती है।
    • AUMs को सुरक्षा प्राप्तियों (SRs) की बकाया राशि की मदद से मापा जा सकता है। 
  • प्रबंधन के तहत परिसंपत्ति (AUM) में गिरावट: वित्त वर्ष 2014 में प्रमुख बढ़ोतरी को छोड़कर ARCs’ AUM में वृद्धि काफी हद तक रूझानहीन रही है। 
    • वित्तीय वर्ष 2013-14 के आसपास AUM में उच्च वृद्धि की अवधि के अलावा, बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ के NPA की मात्रा की तुलना में ARC का AUM एक गिरावट की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
    • वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान बैंकों द्वारा ARC परिसंपत्ति की बिक्री में गिरावट आई है, जो संभवतः बैंकों के अन्य रिज़ॉल्यूशन चैनलों जैसे इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) और SARFAESI के कारण हो सकती है।

भारत के ARC संबंधित मुद्दे:

  • भारतीय ARC रिज़र्व बैंक के साथ पंजीकृत निजी क्षेत्र की संस्थाएँ हैं। अन्य देशों में सार्वजनिक क्षेत्र के AMC ने अक्सर सरकारी धन या सरकार-समर्थित सुविधाओं की आसान पहुँच बनाता है।
    • भारत में ARC के लिये पूंजी की कमी को अक्सर चिंता के रूप में उजागर किया गया है।
  • इन कंपनियों के पूंजी आधार को व्यापक बनाने और इस तरह से विनियामक छुट के बावजूद वे मुख्य रूप से पूंजी के घरेलू स्रोतों (विशेष रूप से बैंकों) पर निर्भर हैं।
  • बैंक ARC को NPA की आपूर्ति करते हैं, इन संस्थाओं में हिस्सेदारी रखते हैं और उन्हें उधार भी देते हैं, जो बैंकों और इन संस्थानों के बीच निधियों के चक्रीय गति पर निगरानी करना आवश्यक बनाता है।

नए ARC के बारे में:

  • कोविड-19 महामारी के बाद गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ और बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार ARC को अत्यधिक केंद्रित कार्रवाई में बदल सकता है अर्थात् कोरोना वायरस महामारी से संबंधित विनियामक छूट हटाए जाने के बाद बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) में बढ़ोतरी होने की उम्मीद की जा रही है।
  • बजट में प्रस्तावित ARC राज्य के स्वामित्व वाले और निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा स्थापित किया जाएगा और इसमें केंद्र का कोई इक्विटी योगदान नहीं होगा।
    • ARC जिसमें एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) होगी, खराब परिसंपत्तियों के प्रबंधन और बिक्री के लिये कार्य करेगी और इन्हें 2-2.5 लाख करोड़ रुपए की तनावग्रस्त संपत्ति को हल करने के लिये लगभग 70 बड़े खातों को सुलझाने होंगे।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के NPA की पहचान करने के लिये एक नई परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी की शुरुआत भी मौजूदा ARCs के संचालन को आकार दे सकती है।
  • भारतीय ARC उद्योग में “बेहतर पूंजीकृत और बेहतर डिजाइन के साथ तैयार की गई इकाई” के प्रवेश के लिये एक संभावना परिलक्षित हुई है और इस तरह के निकाय परिसंपत्ति संकल्प तंत्र को और मजबूत करेंगे।

ARC पर समिति:

  •  RBI ने सुदर्शन सेन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है जो वित्तीय क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र में परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (ARCs) के कामकाज की व्यापक समीक्षा करने के लिये  तथा बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये उन्हें सक्षम करने हेतु कुछ उपायों की सिफारिश करता है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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