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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

  • 03 Sep 2022
  • 10 min read

प्रिलिम्स के लिये:

स्किल इंडिया मिशन, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम, पूर्व सीख को मान्यता/रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग।

मेन्स के लिये:

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और इसका महत्त्व।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा को सूचित किया कि वर्ष 2021-22 के दौरान प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) योजना के तहत 3 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY):

  • पृष्ठिभूमि:
    • सरकार द्वारा वर्ष 2015 में कौशल भारत मिशन शुरू किया गया था, जिसके तहत प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) चलाई गई है।
    • इसका उद्देश्य वर्ष 2022 तक भारत में 40 करोड़ से अधिक लोगों को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित करना है एवं समाज में बेहतर आजीविका और सम्मान के लिये भारतीय युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण व प्रमाणन प्रदान करना है।
    • कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा PMKVY का कार्यान्वयन किया गया है।
  • PMKVY 1.0:
    • प्रारंभ: भारत की सबसे बड़ी कौशल प्रमाणन योजना ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ 15 जुलाई, 2015 (विश्व युवा कौशल दिवस) को शुरू की गई थी।
    • उद्देश्य: युवाओं को मुफ्त लघु अवधि का कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना एवं मौद्रिक पुरस्कार के माध्यम से कौशल विकास को प्रोत्साहित करना।
    • मुख्य घटक: लघु अवधि का प्रशिक्षण, विशेष परियोजनाएँ, पूर्व शिक्षण को मान्यता, कौशल और रोज़गार मेला आदि
    • परिणाम: वर्ष 2015-16 में 19.85 लाख उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया था।
  • PMKVY 2.0:
    • कवरेज: PMKVY 2.0 को भारत सरकार के अन्य मिशनों जैसे- मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत आदि के साथ संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया था।
    • बजट: 12,000 करोड़ रुपए।
    • दो घटकों के माध्यम से कार्यान्वयन:
      • केंद्र प्रायोजित केंद्र प्रबंधित (CSCM): यह घटक राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा लागू किया गया था। PMKVY, वर्ष 2016-20 की अवधि के वित्तपोषण का 75% और संबंधित भौतिक लक्ष्यों को CSCM के तहत आवंटित किया गया है।
      • केंद्र प्रायोजित राज्य प्रबंधित (Centrally Sponsored State Managed-CSSM): यह घटक राज्य सरकारों द्वारा राज्य कौशल विकास मिशनों (State Skill Development Missions-SSDMs) के माध्यम से लागू किया गया था। PMKVY के तहत वर्ष 2016-20 की अवधि के वित्तपोषण का 25% और संबंधित भौतिक लक्ष्यों को CSSM के तहत आवंटित किया गया है।
    • परिणाम: PMKVY 1.0 और PMKVY 2.0 के तहत देश में एक बेहतर मानकीकृत कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से 1.2 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित/रोज़गार उन्मुख बनाया गया है।
  • PMKVY 3.0:
    • कवरेज: 717 ज़िलों, 28 राज्यों/आठ केंद्रशासित प्रदेशों में इसे लॉन्च किया गया। PMKVY 3.0 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक कदम है।
    • कार्यान्वयन: इसे राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और ज़िलों से अधिक ज़िम्मेदारियों और समर्थन के साथ अधिक विकेन्द्रीकृत संरचना में लागू किया जाएगा।
      • राज्य कौशल विकास मिशन (SSDM) के मार्गदर्शन में ज़िला कौशल समितियाँ (DSCs) ज़िला स्तर पर कौशल अंतराल को दूर करने और मांग का आकलन करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी।
    • विशेषताएँ:
      • इसमें 948.90 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ वर्ष 2020-2021 की योजना अवधि में आठ लाख उम्मीदवारों के प्रशिक्षण की परिकल्पना की गई है।
      • यह प्रशिक्षुओं पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा। नए युग और उद्योग 4.0 रोज़गार भूमिकाओं के क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देकर मांग-आपूर्ति के अंतर को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
      • यह युवाओं के लिये उद्योग से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने के लिये प्रारंभिक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा का प्रसार करेगा।
      • प्रशिक्षण के लिये ‘बॉटम-अप’ दृष्टिकोण अपनाते हुए यह उन रोज़गार भूमिकाओं की पहचान करेगा जिनकी स्थानीय स्तर पर मांग है और युवाओं को इन अवसरों (वोकल फॉर लोकल) से जोड़ते हुए उन्हें कौशल प्रदान करेगा।
      • यह बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को अतिरिक्त आवंटन उपलब्ध कराकर राज्यों के मध्य स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा को बढ़ावा देगा।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्षों के प्रश्न (PYQs):

प्रश्न. 'पूर्व शिक्षा योजना की मान्यता' का उल्लेख कभी-कभी समाचारों में किस संदर्भ में किया जाता है? (2017)

(a) पारंपरिक चैनलों के माध्यम से निर्माण श्रमिकों द्वारा अर्जित कौशल का प्रमाणन।
(b) दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों के लिये विश्वविद्यालयों में व्यक्तियों का नामांकन करना।
(c) कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में ग्रामीण और शहरी गरीबों के लिये कुछ कुशल नौकरिांयाँ आरक्षित करना।
(d) राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षुओं द्वारा अर्जित कौशल को प्रमाणित करना।

उत्तर: (a)

व्याख्या:

  • कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार ने वर्ष 2015 में प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) की शुरुआत की। इस कौशल प्रमाणन योजना का उद्देश्य बड़ी संख्या में भारतीय युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण लेने में सक्षम बनाना था जो उन्हें बेहतर आजीविका हासिल करने में मदद करेगा।
  • PMKVY के एक घटक के रूप में शुरू की गई पूर्व शिक्षा की मान्यता (RPL) प्रमुख तौर पर मूल्यांकन प्रक्रिया को संदर्भित करती है जिसका उपयोग किसी व्यक्ति के मौजूदा कौशल, ज्ञान और अनुभव का मूल्यांकन करने हेतु किया जाता है जो औपचारिक, गैर-औपचारिक या अनौपचारिक शिक्षा द्वारा प्राप्त किया जाता है, न कि राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के तहत।
  • इसके तीन उद्देश्य हैं: देश के गैर-विनियमित कार्यबल की दक्षताओं को मानकीकृत राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचे (NSQF) के साथ संरेखित करना। किसी व्यक्ति के रोज़गार के अवसरों को बढ़ाने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लि वैकल्पिक मार्ग प्रदान करना। ज्ञान के कुछ रूपों को दूसरों पर विशेषाधिकार प्रदान किये बिना असमानताओं को कम करने के अवसर प्रदान करना।

अतः विकल्प (a) सही है।


प्रश्न. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2018)

  1. यह श्रम और रोज़गार मंत्रालय की प्रमुख योजना है।
  2. यह अन्य बातों के अलावा सॉफ्ट स्किल्स, उद्यमिता, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता में प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा।
  3. इसका उद्देश्य देश के अनियमित कार्यबल की दक्षताओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचे के अनुरूप बनाना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (c)

स्रोत:पी.आई.बी.

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