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प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण
- 04 Apr 2026
- 65 min read
चर्चा में क्यों?
मार्च 2026 तक प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G)) ने लगभग 3 करोड़ मकानों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो ग्रामीण परिवर्तन में एक प्रमुख उपलब्धि है।
- वर्ष 2029 तक 4.95 करोड़ मकानों के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ, यह योजना समावेशी विकास को बढ़ावा देना, सामाजिक कल्याण को मज़बूत करना और ग्रामीण भारत में "हाउसिंग फॉर ऑल" के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना जारी रखती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) क्या है?
- परिचय: PMAY-G का उद्देश्य सभी बेघर ग्रामीण परिवारों और कच्चे या जीर्ण-शीर्ण आवासों में रहने वालों को बुनियादी सुविधाओं के साथ एक स्थायी (पक्का) घर प्रदान करना है, जिससे जीवन स्तर में सुधार हो और ग्रामीण गरीबों के लिये गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हो।
- इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है और 2016 में लॉन्च किया गया था, जिसने "हाउसिंग फॉर ऑल" के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये पहले की इंदिरा आवास योजना का पुनर्गठन किया।
- चयन: लाभार्थियों के चयन में तीन-चरणीय सत्यापन प्रक्रिया का प्रयोग होता है, जिसमें सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना 2011, ग्राम सभा की स्वीकृतियाँ और जियो-टैगिंग शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि सहायता सबसे योग्य व्यक्तियों तक पहुँचे।
- लागत साझाकरण: केंद्र और राज्य मैदानी क्षेत्रों के मामले में 60:40 के अनुपात में और पूर्वोत्तर राज्यों, दो हिमालयी राज्यों (हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) एवं केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिये 90:10 के अनुपात में व्यय साझा करते हैं।
- केंद्र लद्दाख सहित अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के मामले में 100% लागत वहन करता है।
- कार्यान्वयन ढाँचा और सुधार:
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT): निर्माण निधि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों का काम समाप्त हो जाता है।
- बहु-स्तरीय निरीक्षण: ब्लॉक अधिकारी 10% घरों का निरीक्षण करते हैं, जबकि ज़िला अधिकारी प्रत्येक निर्माण चरण में 2% घरों का निरीक्षण करते हैं। राष्ट्रीय स्तर के निगरानीकर्त्ता भी क्षेत्रीय दौरे करते हैं।
- सामाजिक ऑडिट: ग्राम पंचायतें इस प्रणाली को जवाबदेह बनाने के लिये वर्ष में कम-से-कम एक बार समुदाय-नेतृत्व वाली समीक्षा करती हैं।
- अवाससॉफ्ट MIS: एक वेब-आधारित द्विभाषी प्लेटफॉर्म जो लाभार्थी पहचान से लेकर धन जारी करने तक सब कुछ एक ही पारदर्शी डैशबोर्ड में एकीकृत करता है।
- समर्पित स्थानीय समर्थन: प्रत्येक स्वीकृत घर के लिये एक स्थानीय कार्यकर्त्ता नियुक्त किया जाता है ताकि परिवार की सहायता की जा सके और समय पर निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।
- ग्रामीण आवास में AI-संचालित निगरानी:
- AI अनुशंसा प्रणाली: कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल दीवारों, छतों और दरवाज़ों की पहचान करने के लिये अपलोड की गई तस्वीरों का विश्लेषण करते हैं, जिससे अनुमोदन के लिये अंतिम तस्वीर की स्वचालित रूप से अनुशंसा होती है।
- विसंगति का पता लगाना: मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म एक ही इलाके में घरों की तस्वीरों की तुलना समानताओं को चिह्नित करने के लिये करते हैं, जिससे प्रभावी रूप से नकल और धोखाधड़ी को रोका जा सके।
- चेहरा प्रमाणीकरण और ई-KYC: अवास+ 2024 मोबाइल ऐप आधार-आधारित, AI-सक्षम चेहरा प्रमाणीकरण का उपयोग करके लाभार्थियों को सत्यापित करता है।
- जीवंतता का पता लगाना: आँख झपकना और गति का पता लगाना जैसी उन्नत सुविधाएँ यह सुनिश्चित करती हैं कि प्रमाणीकरण करने वाला व्यक्ति शारीरिक रूप से उपस्थित हो, जिससे धोखाधड़ी को रोका जा सके।
- डिजिटल जियो-टैगिंग: वास्तविक समय में ट्रैकिंग के लिये प्रत्येक निर्माण चरण पर समय-और-तारीख-मुद्रांकित तस्वीरें अपलोड की जाती हैं।
ग्रामीण परिवारों पर प्रभाव
- बेहतर आवासन स्थितियाँ: परिवार अब स्थायी घरों में रहते हैं जो टिकाऊ, सुरक्षित और मौसम-प्रतिरोधी हैं। अस्थायी से स्थायी आवास में यह परिवर्तन लाखों परिवारों के लिये सुरक्षा और गरिमा को बढ़ावा देता है।
- स्वच्छता और स्वास्थ्य: स्वच्छ भारत मिशन – ग्रामीण (SBM-G) के साथ अभिसरण के माध्यम से लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिये 12,000 रुपये मिलते हैं, जिससे स्वास्थ्य जोखिमों में काफी कमी आती है।
- स्वच्छ ऊर्जा और जल: यह योजना परिवारों को LPG कनेक्शन के लिये PM उज्ज्वला योजना, सौर ऊर्जा के लिये PM सूर्य घर और पाइप से पीने के पानी के लिये जल जीवन मिशन से जोड़ती है।
- महिला सशक्तीकरण: महिलाओं के नाम पर (या संयुक्त रूप से) गृह स्वामित्व को अनिवार्य या प्रोत्साहित करके PMAY-G सक्रिय रूप से लैंगिक समानता और संपत्ति अधिकारों को बढ़ावा देता है, जो सतत विकास लक्ष्य 5a के अनुरूप है।
- कौशल और रोज़गार सृजन: यह योजना विकसित भारत-गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (पूर्व में मनरेगा) के तहत 90-95 दिनों की अकुशल श्रम मज़दूरी की गारंटी देती है और 3 लाख से अधिक ग्रामीण राजमिस्त्रियों को प्रमाणित किया है।
PMAY-G को प्रभावित करने वाले मुद्दे क्या हैं?
- पुरानी लाभार्थी पहचान: संसदीय स्थायी समिति (ग्रामीण विकास) ने पाया है कि यह योजना अभी भी सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना 2011 (SECC 2011) के पुराने डेटा पर आधारित है, जो अब अद्यतन नहीं है। इसके कारण नए पात्र परिवार योजना से छूट जाते हैं, जबकि कुछ अपात्र या पहले से बेहतर स्थिति में पहुँच चुके लाभार्थी भी सूची में बने रहते हैं।
- अपर्याप्त वित्तीय सहायता: मौजूदा वित्तीय सहायता बढ़ती निर्माण लागत और महंगाई के संदर्भ में पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण लाभार्थियों को या तो ऋण लेना पड़ता है या फिर अपने घर अधूरे छोड़ने पड़ते हैं।
- भू-टैगिंग और निगरानी में धोखाधड़ी: भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ने पाया है कि भू-टैगिंग प्रणाली में गड़बड़ी की गई है, जिसमें मकानों को वास्तविक स्थान से सैकड़ों किलोमीटर दूर दर्ज किया गया। इससे बिना वास्तविक निर्माण के धन के दुरुपयोग की संभावना बढ़ती है तथा निगरानी तंत्र की कमज़ोरियों का पता चलता है।
- रिश्वत और “कट मनी”: कई लाभार्थियों ने यह रिपोर्ट किया है कि उन्हें स्वीकृति प्राप्त करने या किस्त जारी कराने के लिये अधिकारियों या बिचौलियों को रिश्वत या धन का एक हिस्सा देना पड़ता है, जिससे योजना का मूल उद्देश्य कमज़ोर हो जाता है।
निष्कर्ष
PMAY-G ने केवल आश्रय प्रदान करने से आगे बढ़कर ग्रामीण परिवारों को गरिमा, सुरक्षा और अवसर उपलब्ध कराए हैं। हालाँकि चुनौतियों का समाधान करने के लिये लाभार्थी डेटाबेस को अद्यतन करना, महंगाई के अनुरूप वित्तीय सहायता बढ़ाना, डिजिटल तथा ज़मीनी स्तर की निगरानी को मज़बूत करना एवं पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि PMAY-G ग्रामीण भारत में “सभी के लिये आवास” के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त कर सके।
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दृष्टि मेन्स प्रश्न: प्रश्न. “PMAY-G कल्याणकारी वितरण से हटकर गरिमा-आधारित विकास की ओर एक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।” आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) क्या है?
यह 2016 में शुरू की गई एक ग्रामीण आवास योजना है, जिसका उद्देश्य बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं सहित पक्के मकान उपलब्ध कराना है।
2. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत लाभार्थियों का चयन कैसे किया जाता है?
चयन तीन चरणों वाली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है: सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 का डेटा, ग्राम सभा द्वारा सत्यापन और जियो-टैगिंग।
3. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) का फंडिंग पैटर्न क्या है?
साधारण क्षेत्रों के लिये केंद्र और राज्य सरकार के बीच लागत साझेदारी अनुपात 60:40 है, जबकि उत्तर-पूर्वी तथा हिमालयी राज्यों में यह 90:10 है और केंद्रशासित प्रदेशों में 100% वित्तपोषण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है।
4. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित करती है?
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), जियो-टैगिंग, आवाससॉफ्ट MIS प्लेटफॉर्म, सामाजिक अंकेक्षण और एआई (AI) आधारित निगरानी प्रणालियों के माध्यम से।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के प्रमुख प्रभाव क्या हैं?
यह योजना न केवल आवास की गुणवत्ता और स्वच्छता में सुधार करती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा तक पहुँच, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसरों को भी बढ़ावा देती है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, पिछले वर्ष के प्रश्न (PYQ)
प्रिलिम्स
प्रश्न. 'राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' ग्रामीण क्षेत्रीय निर्धनों के आजीविका विकल्पों को सुधारने का किस प्रकार प्रयास करता है? (2012)
- ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नए विनिर्माण उद्योग तथा कृषि व्यापार केंद्र स्थापित करके
- 'स्वयं सहायता समूहों' को सशक्त बनाकर और कौशल विकास की सुविधाएँ प्रदान करके
- कृषकों को निःशुल्क बीज, उर्वरक, डीज़ल पंप-सेट तथा लघु-सिंचाई संयंत्र देकर
निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिये:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b)