हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स
ध्यान दें:
झारखण्ड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 2016 -परीक्षाफलछत्तीसगढ़ पीसीएस प्रश्नपत्र 2019छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019 (महत्त्वपूर्ण अध्ययन सामग्री).छत्तीसगढ़ पी.सी.एस. प्रारंभिक परीक्षा – 2019 सामान्य अध्ययन – I (मॉडल पेपर )
हिंदी साहित्य: पेन ड्राइव कोर्स (Hindi Literature: Pendrive Course)
मध्य प्रदेश पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा , 2019 (महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री)मध्य प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा मॉडल पेपर.Download : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रवर) प्रारंभिक परीक्षा 2019 - प्रश्नपत्र & उत्तर कुंजीअब आप हमसे Telegram पर भी जुड़ सकते हैं !यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2017 चयनित उम्मीदवार.UPSC CSE 2020 : प्रारंभिक परीक्षा टेस्ट सीरीज़

डेली अपडेट्स

भूगोल

राष्ट्रीय जलभृत प्रबंधन परियोजना

  • 12 Dec 2019
  • 2 min read

प्रीलिम्स के लिये:

राष्ट्रीय जलभृत प्रबंधन योजना

मेन्स के लिये:

राष्ट्रीय जलभृत प्रबंधन योजना के तकनीकी पक्ष

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय भू-जल बोर्ड (Central Ground Water Board- CGWB) देश में भूमि जलस्तर के मापन के लिये ‘राष्ट्रीय जलभृत प्रबंधन योजना’ (National Aquifer Mapping and Management Programme- NAQUIM) लागू कर रहा है।

NAQUIM

NAQUIM के बारे में

  • जल एक राज्य सूची का विषय है अतः देश में जल प्रबंधन के क्षेत्र में भूजल संरक्षण और कृत्रिम जल पुनर्भरण संबंधी पहल करना मुख्य रूप से राज्यों की जिम्मेदारी है।
  • NAQUIM देश के संपूर्ण भूजल स्तर मापन प्रणालियों के मानचित्रण और प्रबंधन के लिये जल शक्ति मंत्रालय की एक पहल है।
  • इस योजना का उद्देश्य सूक्ष्म स्तर पर भूमि जल स्तर की पहचान करना, उपलब्ध भूजल संसाधनों की मात्रा निर्धारित करना तथा भागीदारी प्रबंधन के लिये संस्थागत व्यवस्था करना और भूमि जल स्तर की विशेषताओं के मापन के लिये उपयुक्त योजनाओं का प्रस्ताव करना है।

मानचित्रण की विशेषताएँ

  • देश के विभिन्न भागों में लगभग 25 लाख वर्ग किमी के कुल मानचित्रण योग्य क्षेत्र में से अब तक लगभग 11.24 लाख वर्ग किमी के क्षेत्र के लिये जलभृत प्रबंधन योजना तैयार की जा चुकी है।
  • CGWB और राज्य भू-जल विभागों द्वारा संयुक्त रूप से किये गए भूजल संसाधन मूल्यांकन द्वारा देश में 1186 मूल्यांकित इकाइयों (स्थानों) को अति-शोषित स्थान के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिनमें से लगभग 75% इकाइयों में जलभृत मानचित्रण की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

स्रोत- पीआइबी

एसएमएस अलर्ट
 

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

नोट्स देखने या बनाने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

प्रोग्रेस सूची देखने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close

आर्टिकल्स को बुकमार्क करने के लिए कृपया लॉगिन या रजिस्टर करें|

close