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जापान ने फिर से शुरू किया व्हेल का वाणिज्यिक शिकार

  • 01 Jul 2019
  • 6 min read

चर्चा में क्यों?

जापान ने 31 वर्षों के बाद एक बार फिर से व्हेल का वाणिज्यिक शिकार (Commercial Whaling) शुरू कर दिया है।

पृष्ठभूमि

  • जापान ने दिसंबर 2018 में ही अंतर्राष्ट्रीय व्हेलिंग आयोग (International Whalling Commission- IWC) की सदस्यता छोड़कर फिर से व्हेल का वाणिज्यिक शिकार शुरू करने की घोषणा की थी।
  • जापान ने आधिकारिक तौर पर सदस्यता त्यागने के अपने फैसले के बारे में IWC को सूचित किया था जो 30 जून, 2019 से प्रभावी हुआ है।
  • जापान ने आखिरी बार व्हेल का वाणिज्यिक शिकार वर्ष 1986 में किया था था, लेकिन शोध के उद्देश्यों से व्हेल का शिकार लगातार जारी रहा है।
  • IWC से अलग होने के बाद भी जापान केवल जापान की समुद्री सीमा में ही व्हेल का शिकार कर सकेगा अन्य क्षेत्रों में नहीं।

जापान द्वारा IWC की सदस्यता त्यागने का कारण

  • जानवरों के शिकार पर प्रतिबंध लगाने वाली संधि का हस्ताक्षरकर्त्ता होने के बावजूद ‘वैज्ञानिक अनुसंधान’ के लिये एक वर्ष में सैकड़ों व्हेल पकड़ने के कारण नियमित रूप से इसकी आलोचना की जाती रही है।
  • जापान ने IWC से मांग की थी कि उसे व्हेल का वाणिज्यिक शिकार फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाए लेकिन जापान की इस मांग को व्हेल के शिकार का विरोध करने वाले देशों जिनमें ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं, के विरोध के चलते स्वीकार नहीं किया गया। जिसके बाद जापान ने IWC की सदस्यता त्यागने का निर्णय लिया था।

IWC की सदस्यता त्यागने के मायने

  • व्हेल का वाणिज्यिक शिकार जापान के क्षेत्रीय जल और विशेष आर्थिक क्षेत्रों तक सीमित होगा। वह अंटार्कटिक या दक्षिणी गोलार्द्ध में शिकार नहीं करेगा।
  • IWC की सदस्यता छोड़ने का मतलब है कि जापान आइसलैंड और नॉर्वे जैसे देशों में शामिल हो जाएगा जो व्हेल के वाणिज्यिक शिकार पर IWC द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का खुले तौर पर विरोध करते है।
  • IWC की सदस्यता छोड़ने का तात्पर्य यह है कि IWC द्वारा वर्तमान में संरक्षित मिंक और अन्य व्हेल का जापान के तटीय क्षेत्रों में फिर से शिकार किया जा सकेगा।
  • लेकिन जापान अंटार्कटिक में अपने तथाकथित वैज्ञानिक अनुसंधान हेतु किये जाने वाले शिकार को जारी रखने में सक्षम नहीं होगा क्योंकि अंटार्कटिक संधि (Antarctic Treaty) के तहत इसे यह अनुसंधान जारी रखने की अनुमति IWC का सदस्य होने के कारण दी गई है।

अंटार्कटिक संधि (Antarctic Treaty)

  • अंटार्कटिक संधि को वाशिंगटन संधि के नाम से भी जाना जाता है।
  • इस संधि पर शुरुआत में 12 देशों- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, चिली, फ्राँस, जापान, न्यूज़ीलैंड, नॉर्वे, दक्षिण अफ्रीका, तत्कालीन सोवियत संघ, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका ने वाशिंगटन में हस्ताक्षर किये गए थे। बाद में 27 अन्य देशों ने इस संधि को स्वीकार किया और 23 जून, 1961 को यह संधि प्रभाव में आई।

जापान के लिये वाणिज्यिक व्हेलिंग का महत्त्व

  • जापान ने सदियों से व्हेलों का शिकार किया है और द्वितीय विश्व के बाद जब यह देश बेहद गरीबी की स्थिति का सामना कर रहा था उस समय माँस ही यहाँ के निवासियों के लिये प्रोटीन का महत्त्वपूर्ण स्रोत था।
  • जापान का तर्क है कि व्हेलिंग जापान की परंपराओं का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है और IWC की सदस्यता त्यागने से मछुआरों को व्हेल का शिकार करने की अनुमति मिलेगी। इससे देश में व्हेल के वाणिज्यिक शिकार की संस्कृति को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

अंतर्राष्ट्रीय व्हेलिंग आयोग

(International Whaling Commission- IWC)

IWC

  • अंतर्राष्ट्रीय व्हेलिंग आयोग (IWC) एक वैश्विक निकाय है जिसे व्हेल के संरक्षण और शिकार संबंधी प्रबंधन का अधिकार प्राप्त है।
  • IWC के सभी सदस्य व्हेलिंग के विनियमन पर अंतर्राष्ट्रीय अभिसमय के (International Convention for the Regulation of Whaling) के हस्ताक्षरकर्त्ता हैं।
  • यह अभिसमय एक प्रकार का कानूनी तंत्र है जिसके अंतर्गत वर्ष 1946 में IWC की स्थापना की गई थी तथा जापान वर्ष 1951 में इस संगठन का सदस्य बना था।
  • वर्तमान में IWC के सदस्य देशों की संख्या 89 है।

स्रोत: द हिंदू

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