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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

इन्फ्लूएंज़ा और बैक्टीरियल संक्रमण

  • 01 Dec 2020
  • 6 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में स्वीडन के कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट (Sweden’s Karolinska Institute) में हुए शोधों ने सुपर संक्रमण (Super Infections) पर कुछ निष्कर्ष निकाले हैं और इस बात पर भी प्रकाश डाला है कि इन्फ्लूएंज़ा लोगों को जीवाणु संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।

प्रमुख बिंदु

  • सुपर संक्रमण (Super Infections): यह ‘पूर्व संक्रमण’ के बाद होने वाला एक संक्रमण है, यह विशेष रूप से व्यापक स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक (Broad-Spectrum Antibiotics) दवाओं से उपचार के बाद होता है। यह एंटीबायोटिक दवाओं से होने वाले जीवाणु या किण्व (Yeast) असंतुलन के कारण बहुत तेज़ी से वृद्धि करता है।
    • उदाहरण के लिये इन्फ्लूएंज़ा एक वायरस के कारण होता है, लेकिन इन्फ्लूएंज़ा रोगियों में मृत्यु का सबसे आम कारण द्वितीयक निमोनिया (Pneumonia) है, जो बैक्टीरिया के कारण होता है।
      • हालाँकि बैक्टीरियल निमोनिया के बढ़ते जोखिम के कारण इन्फ्लूएंज़ा संक्रमण के पीछे का कारण ज्ञात नहीं है।
  • स्पेनिश फ्लू की केस स्टडी:
    • यह एक इन्फ्लूएंज़ा महामारी थी जो वर्ष 1918-1920 में दुनिया भर में फैली।
    • इससे मरने वाले लोगों की संख्या में सबसे अधिक संख्या युवा स्वस्थ वयस्कों की थी और इसका प्रमुख कारण बैक्टीरिया, विशेष रूप से न्यूमोकोकी (Pneumococci) के कारण होने वाला सुपर इंफेक्शन (Superinfection) था।
      • ‘न्यूमोकोकल संक्रमण’ (Pneumococcal Infections) समुदाय द्वारा अधिगृहीत निमोनिया और मृत्यु का एक प्रमुख वैश्विक कारण है।
      • एक अग्रिम इन्फ्लूएंज़ा वायरस संक्रमण अक्सर एक न्यूमोकोकल संक्रमण के बाद होता है।
  • अनुसंधान से प्राप्त निष्कर्ष:
    • जब कोई व्यक्ति इन्फ्लूएंज़ा से संक्रमित होता है तो उसके रक्त से विभिन्न पोषक तत्त्वों एवं एंटीऑक्सीडेंट जैसे-  विटामिन C का रिसाव होता है।
    • पोषक तत्त्वों और एंटीऑक्सीडेंट की अनुपस्थिति फेफड़ों में बैक्टीरिया के लिये अनुकूल वातावरण बनाती है।
    • बैक्टीरिया हाई टेम्परेचर रिक्वायरमेंट्स A (High Temperature Requirement A -HtrA) नामक एंजाइम के उत्पादन को बढ़ाकर उत्तेजक वातावरण के अनुरूप हो जाते हैं।
    • HtrA की उपस्थिति प्रतिरक्षा प्रणाली को कमज़ोर करती है और इन्फ्लूएंज़ा-संक्रमित वायुमार्ग में बैक्टीरिया के विकास को भी बढ़ावा देती है।
    • न्यूमोकोकस (Pneumococcus- एक जीवाणु जो निमोनिया एवं दिमागी बुखार के कुछ रूपों से संबंधित है) के बढ़ने की क्षमता उच्च स्तर के ऑक्सीकरणरोधी (Antioxidants) के साथ पोषक तत्त्वों से भरपूर वातावरण पर निर्भर करती है जो उच्च स्तर के ऑक्सीकरणरोधी के साथ एक वायरल संक्रमण के दौरान होता है।
  • महत्त्व:
    • इन परिणामों का उपयोग इन्फ्लूएंज़ा वायरस और न्यूमोकोकल बैक्टीरिया के बीच दोहरे संक्रमण के लिये नए उपचारों को खोजने हेतु किया जा सकता है।
      • इसलिये एक संभावित रणनीति के तहत फेफड़ों में न्यूमोकोकल की वृद्धि को रोकने के लिये प्रोटीन अवरोधकों का उपयोग किया जा सकता है।
    • यह जानकारी COVID-19 पर शोध में योगदान कर सकती है।
      • हालाँकि यह अभी ज्ञात नहीं है कि क्या COVID-19 रोगी भी ऐसे माध्यमिक जीवाणु संक्रमण के प्रति संवेदनशील हैं।

इन्फ्लूएंज़ा (Influenza)

  • यह एक वायरल संक्रमण है जो श्वसन प्रणाली यानी नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है जिसे आमतौर पर फ्लू (Flu) कहा जाता है।

लक्षण: 

  • बुखार, ठंड लगना, मांसपेशियों में दर्द, खाॅसी, नाक बहना, सिरदर्द और थकान आदि।

सामान्य उपचार:

  • फ्लू में मुख्य रूप से रोगी को आराम और तरल पदार्थ का सेवन करने की सलाह दी जाती है ताकि शरीर संक्रमण से लड़ सके।
  • पेरासिटामोल (Paracetamol) इन लक्षणों में मदद कर सकता है लेकिन गैर-स्टेरायडल सूजन-रोधी दवाओं (Non Steroidal Anti-inflammatory Drugs) से बचा जाना चाहिये। एक वार्षिक टीका इस फ्लू को रोकने और इसकी जटिलताओं को सीमित करने में मदद कर सकता है।
  • छोटे बच्चों, वयस्कों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारी या कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग इससे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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