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भारतीय अर्थव्यवस्था

क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी

  • 12 Jun 2019
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारतीय एवं चीनी वरिष्ठ अधिकारियों के बीच नई दिल्ली में बैठक हुई, इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु एक-दूसरे के बाज़ार तक पहुँच पर आम सहमति बनाना था।

प्रमुख बिंदु

  • क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (Regional Comprehensive Economic Partnership- RCEP) भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड सहित आसियान देशों के बीच किया जाने वाला एक मुक्त व्यापार समझौता है।
  • प्रभाव में आने के पश्चात् यह विश्व का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता होगा, जिसमें विश्व की 45 प्रतिशत आबादी शामिल होगी व इसकी संयुक्त GDP लगभग 21.3 ट्रिलियन डॉलर होगी। साथ ही यह विश्व व्यापार के लगभग 40 प्रतिशत भाग को कवर करेगा।
  • हालाँकि इन सब के बावजूद भारत अन्य देशों खासकर चीन से आयातित वस्तुओं के लिये बाज़ार उपलब्ध कराने पर सहमत नहीं है।
  • भारत ने चीन को अन्य सदस्यों जैसे- आसियान, जापान और दक्षिण कोरिया की अपेक्षा बाज़ार के कम हिस्से तक पहुँच प्रदान करने की पेशकश की है जिसे चीन स्वीकार करने के लिये तैयार नहीं है।
  • इस दो दिवसीय बैठक में वस्तुओं, सेवाओं और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। चीन ने अपनी मांगों को अलग से रखते हुए सेवाओं के संदर्भ में सकारात्मक रुख अपनाया है, फिर भी वस्तुओं तथा निवेश के संदर्भ में अभी चर्चा होना बाकी है।
  • भारत ने आने वाले समय में चीन से आयातित 70-80 प्रतिशत वस्तुओं पर पहले ही प्रशुल्क हटाने की पेशकश की है, तथा वह और छूट देने के लिये तैयार नहीं है क्योंकि इससे भारतीय बाज़ार के प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने की संभावना है।
  • चीन पहले से ही भारत के साथ लगभग 60 बिलियन डॉलर से अधिक के व्यापार अधिशेष में है और भारत के घरेलू उद्योगों को चीनी वस्तुओं के कारण भारी प्रतिस्पर्द्धा का सामना करना पड़ रहा है।
  • आसियान और चीन भारत पर जल्द-से-जल्द RCEP से संबंधित निर्णय लेने का दबाव बना रहे हैं ताकि इस वर्ष के अंत तक RCEP पर वार्ता को पूरा किया जा सके।

क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP)

  • क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) एक प्रस्तावित मेगा मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement-FTA) है, जो आसियान के दस सदस्य देशों तथा छह अन्य देशों (ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और न्यूज़ीलैंड) के बीच किया जाना है।
  • ज्ञातव्य है कि इन देशों का पहले से ही आसियान से मुक्त व्यापार समझौता है।
  • वस्तुतः RCEP वार्ता की औपचारिक शुरुआत वर्ष 2012 में कंबोडिया में आयोजित 21वें आसियान शिखर सम्मेलन में हुई थी।
  • RCEP को ट्रांस पेसिफिक पार्टनरशिप (Trans Pacific Partnership- TPP) के एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
  • RCEP के सदस्य देशों की कुल जीडीपी लगभग 21.3 ट्रिलियन डॉलर और जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का 45 प्रतिशत है।
  • सदस्य देश: ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्याँमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम। इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और न्यूज़ीलैंड सहभागी (Partner) देश हैं।

स्रोत- बिज़नेस लाइन

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