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वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 2% की वृद्धि

  • 12 Jun 2019
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी बीपी पीएलसी (BP PLC, British Corporation) द्वारा की गई समीक्षा के अनुसार, 2010-2011 के बाद वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में उच्चतम दर से वृद्धि हुई है।

  • उल्लेखनीय है कि इस समीक्षा के आधार पर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में पिछले वर्ष वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 2.0 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रमुख बिंदु

  • वैश्विक कार्बन उत्सर्जन की उच्चतम दर का प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन तथा विकास के नाम पर लोगों द्वारा किया गया प्रकृति का अत्यधिक दोहन है।
  • यदि प्रकृति का दोहन इसी गति से चलता रहा तो पृथ्वी ग्रह का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
  • बीपी पीएलसी द्वारा की गई वैश्विक ऊर्जा की सांख्यिकीय समीक्षा को ऊर्जा उद्योग मानक (Energy Industry Standard) के रूप में देखा जाता है।
  • बीपी पीएलसी विभिन्न देशों के तेल भंडारों के आकार से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन और विभिन्न खपत दरों आदि के आँकड़े एकत्र करती है।

मांग में वृद्धि

  • इस रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा मांग में 2.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। साथ ही दुनिया में तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में सबसे तेज़ी से वृद्धि दर्ज की गई।
  • दुनिया भर की सरकारें वैश्विक उत्सर्जन को कम करने के लिये चलाए जाने वाले अभियानों के दबाव के चलते ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने का प्रयास कर रही हैं।

क्या अक्षय ऊर्जा है समाधान?

  • रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में अक्षय ऊर्जा के उपयोग में 14.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष बिजली उत्पादन में कुल वृद्धि का सिर्फ एक-तिहाई है।
  • इसका तात्पर्य यह है कि ऊर्जा के ‘हरित’ (Green) रूप पर ध्यान देने से ‘नेट-शून्य’ उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।
  • इसके बजाय सरकार को प्रदूषणकारी कोयले और तेल के उपयोग में कटौती करने पर अधिक ज़ोर देना चाहिये।

बीपी पीएलसी (BP PLC, British Corporation)

  • BP PLC तेल और गैस उत्पादन से संबंधित एक बहुराष्ट्रीय ब्रिटिश निगम है।
  • इसका मुख्यालय लंदन, यूनाइटेड किंगडम में है।
  • यह तेल और गैस उद्योग के सभी क्षेत्रों में काम करने वाली एक एकीकृत कंपनी है।
  • इसके कार्यों में अन्वेषण (Exploration) और उत्पादन, शोधन, वितरण एवं विपणन, पेट्रोकेमिकल्स, बिजली उत्पादन तथा व्यापार शामिल हैं।
  • यह जैव ईंधन और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में प्रमुख है।

स्रोत- द हिंदू

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