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जैव विविधता और पर्यावरण

कार्बन डाइऑक्साइड अपने उच्चतम स्तर पर

  • 14 May 2019
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

मौना लोआ वेधशाला, हवाई (अमेरिका) के अनुसार, अब तक के दर्ज़ आँकड़ों की मानें तो पृथ्वी के वायुमंडल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड अपने उच्चतम स्तर है।

प्रमुख बिंदु

  • वेधशाला द्वारा दर्ज़ आँकड़ों के अनुसार, CO2 का स्तर पार्ट्स पर मिलियन (Parts Per Million- PPM) 415 से भी अधिक था।
  • पृथ्वी के वायुमंडल में CO2 का यह स्तर लगभग तीन मिलियन साल पहले था जब समुद्र का स्तर आज की तुलना में कई मीटर ऊपर था और अंटार्कटिका के कुछ हिस्से जंगल थे।
  • इंसानों द्वारा किये जा रहे उत्सर्जन के कारण पूर्व-औद्योगिक समय से पृथ्वी की औसत सतह का तापमान पहले ही 1 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ चुका है और पेरिस समझौते तथा इस समस्या के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ने के बावजूद हम कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सफल नहीं हुए हैं।
  • 2018 में जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (Intergovernmental Panel on Climate Change- IPCC) के मुताबिक, उत्सर्जन की वर्तमान दर यदि बरकरार रही तो ग्लोबल वार्मिंग 2030 से 2052 के बीच 1.5 डिग्री सेल्सियस के स्तर को भी पार कर जाएगा। पूर्व-औद्योगिक युग के मुकाबले वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग 1.2 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा है।

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जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (IPCC) क्या है?

  • जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (IPCC) जलवायु परिवर्तन से संबंधित वैज्ञानिक आकलन करने हेतु संयुक्त राष्ट्र का एक निकाय है जिसमें 195 सदस्य देश हैं।
  • इसे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) द्वारा 1988 में स्थापित किया गया था।
  • इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, इसके प्रभाव और भविष्य के संभावित जोखिमों के साथ-साथ अनुकूलन तथा जलवायु परिवर्तन को कम करने हेतु नीति निर्माताओं को रणनीति बनाने के लिये नियमित वैज्ञानिक आकलन प्रदान करना है।
  • IPCC आकलन सभी स्तरों पर सरकारों को वैज्ञानिक सूचनाएँ प्रदान करता है जिसका इस्तेमाल जलवायु के प्रति उदार नीति विकसित करने के लिये किया जा सकता है।
  • IPCC आकलन जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये अंतर्राष्ट्रीय वार्ताओं में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (United Nations Environment Programme- UNEP) क्या है?

  • यह संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी है। इसकी स्थापना 1972 में मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोम में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के दौरान हुई थी।
  • इसका मुख्यालय नैरोबी (केन्या) में है। इस संगठन का उद्देश्य मानव द्वारा पर्यावरण को प्रभावित करने वाले सभी मामलों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाना तथा पर्यावरण संबंधी जानकारी का संग्रहण, मूल्यांकन एवं पारस्परिक सहयोग सुनिश्चित करना है।
  • UNEP पर्यावरण संबंधी समस्याओं के तकनीकी एवं सामान्य निदान हेतु एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।
  • UNEP अन्य संयुक्त राष्ट्र निकायों के साथ सहयोग करते हुए सैकड़ों परियोजनाओं पर सफलतापूर्वक कार्य कर चुका है।
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