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चीन: विभिन्न वैश्विक रोगों का अधिकेंद्र

  • 29 Jan 2020
  • 11 min read

प्रीलिम्स के लिये:

कोरोनावायरस

मेन्स के लिये:

कोरोनावायरस की उत्पत्ति के कारण

चर्चा में क्यों?

हाल ही में चीन के वुहान में कोरोना वायरस के फैलने की वजह से इस विषय पर बहस छिड़ गई है कि हाल के वर्षों में कई नए घातक वायरस चीन में ही क्यों उत्पन्न हुए हैं?

मुख्य बिंदु:

  • हाल के वर्षों में चीन ‘गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम’ (Severe Acute Respiratory Syndrome- SARS), बर्ड फ्लू (Bird Flu) और वर्तमान में प्रभावी ‘नोवेल कोरोनावायरस’ (Novel Coronavirus- nCOV) जैसे वायरस के अधिकेंद्र के रूप में उभर कर सामने आया है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation- WHO) का अनुमान है कि प्रत्येक वर्ष विश्व स्तर पर ज़ूनोसिस (Zoonoses) से लगभग एक बिलियन रोगियों तथा लाखों अन्य व्यक्तियों की मौत से संबंधित मामले सामने आते हैं।

जूनोसिस:

  • ज़ूनोसिस एक बीमारी या संक्रमण का प्रभाव है जिसका स्थानांतरण स्वाभाविक रूप से कशेरुकीय जानवरों से मनुष्यों में होता है।
  • प्रकृति में जूनोटिक संक्रमण के प्रसार में जानवरों की भूमिका होती है।
  • ज़ूनोसिस बैक्टीरियल, वायरल या परजीवी हो सकता है या ऐसे रोगों से संबंधित होता है जो पारपंरिक रूप से प्रचलन में नही हैं।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के साथ-साथ कई प्रमुख ज़ूनोटिक रोग पशुओं द्वारा उत्पन्न भोज्य पदार्थों के उत्पादन में बाधा पहुँचाते हैं और पशु उत्पादों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में बाधाएँ उत्पन्न करते हैं।

जूनोसिस संक्रमण का इतिहास:

  • ऐतिहासिक रूप से ऐसी कई घटनाएँ प्रकाश में आई हैं जिनसे यह सिद्ध होता है कि जूनोटिक रोगाणुओं की वजह से वैश्विक महामारी की स्थिति कोई नई समस्या नहीं है।
  • ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो निम्नलिखित जूनोसिस संक्रमण संबंधी बीमारियों के बारे में जानकारी मिलती है-
    • जस्टीनियन प्लेग (Justinian Plague): 541-542 AD में चिह्नित
    • द ब्लैक डेथ (The Black Death): इसका संक्रमण पहली बार वर्ष 1347 में यूरोप में देखा गया।
    • यलो फीवर (Yellow Fever): इसका संक्रमण पहली बार 16वीं शताब्दी में दक्षिण अमेरिका में देखा गया।
    • वैश्विक इन्फ्लूएंज़ा महामारी (Global Influenza Pandemic): वर्ष 1918
  • आधुनिक महामारियाँ जैसे- एचआईवी/एडस, SARS और H1N1 इन्फ्लूएंज़ा में एक लक्षण समान है कि इन सभी मामलों में वायरस का संचरण पशुओं से मानव में हुआ।
  • WHO के अनुसार, विश्व में नई उभरती संक्रामक बीमारियों में 60% बीमारियों का कारण जूनोसिस संक्रमण होता है।
  • पिछले तीन दशकों में 30 से अधिक नए मानव रोगाणुओं में से 75% का संक्रमण जानवरों से हुआ।

कोरोना वायरस:

क्यों है वर्तमान में चर्चित?

  • चीन के वुहान शहर में कोरोनावायरस की वजह से कई व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है।
  • चीन से बाहर भी कई देशों (अमेरिका, रूस) में इस वायरस के संक्रमण के कारण WHO द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल (International Health Emergency) घोषित करने पर विचार किया जा रहा है।
  • चीन के मध्य में स्थित हुबेई प्रांत कोरोनावायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से है।
  • WHO ने आने वाले समय में कोरोनावायरस से संक्रमित मामलों के बढ़ने की चेतावनी दी है।

कैसे हुई पहचान?

  • 31 दिसंबर, 2019 को चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में निमोनिया के कई मामले पाए जाने पर यह WHO के संज्ञान में आया।
  • जाँच के दौरान वर्तमान वायरस का किसी भी ज्ञात वायरस से मेल नहीं हुआ।
  • इसने एक गंभीर समस्या को जन्म दिया क्योंकि जब कोई वायरस नया होता है तो उसके बारे में यह जानकारी नहीं होती कि यह लोगों को कैसे प्रभावित करेगा।
  • लगभग एक सप्ताह बाद 7 जनवरी को चीनी अधिकारियों ने पुष्टि की कि उन्होंने एक नए वायरस की पहचान की है।
  • इस नए वायरस को कोरोनावायरस नाम दिया गया जो SARS और MERS (Middle East Respiratory Syndrome) जैसे वायरस के समान है।
  • इस नए वायरस को अस्थायी रूप से ‘2019-nCoV’ नाम दिया गया।

क्या है कोरोनावायरस?

  • कोरोनावायरस, एक विशिष्ट वायरस फैमिली से संबंधित है। इस वायरस फैमिली में कुछ वायरस सामान्य रोगों जैसे- सर्दी, जुकाम और कुछ गंभीर रोगों जैसे श्वसन एवं आँत के रोगों का कारण बनते हैं।
  • कोरोनावायरस की सतह पर क्राउन (Crown) जैसे कई उभार होते हैं, इन्हें माइक्रोस्कोप में देखने पर सौर कोरोना जैसे दिखते हैं। इसलिये इसका नाम ‘कोरोनावायरस’ है।

कोरोनावायरस सामान्यतः निम्नलिखित चार प्रकार के होते हैं-

  • 229E अल्फा कोरोनावायरस (Alpha Coronavirus)
  • NL63 अल्फा कोरोनावायरस (Alpha Coronavirus)
  • OC43 बीटा कोरोनावायरस (Beta Coronavirus)
  • HKU1 बीटा कोरोनावायरस (Beta Coronavirus

चार सामान्य कोरोनावायरस के अतिरिक्त निम्नलिखित दो विशिष्ट कोरोनावायरस होते हैं-

  • कोरोनावायरस- मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (Middle East Respiratory Syndrome-MERS)
  • कोरोनावायरस- सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (Severe Acute Respiratory Syndrome- SARS)

कोरोनावायरस मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम

(Middle East Respiratory Syndrome- MERS CoV):

  • पहली बार MERS Cov का संक्रमण वर्ष 2012 में सऊदी अरब में देखा गया था। इस कारण इस वायरस को मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस (MERS CoV) कहा जाता है।
  • MERS Cov से प्रभावित अधिकतर रोगियों में बुखार, जुकाम और श्वसन समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं।

सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस

(Severe Acute Respiratory Syndrome- SARS CoV):

  • SARS CoV से पहली बार वर्ष 2002 में दक्षिण चीन के ग्वांगडोंग प्रांत (Guangdong Province) में मानव में संक्रमण पाया गया।
  • SARS CoV से प्रभावित अधिकतर रोगियों में इन्फ्लूएंज़ा, बुखार, घबराहट, वात-रोग, सिरदर्द, दस्त, कंपन जैसी समस्याएँ पाई जाती हैं।

वायरस के लक्षण:

China-coronavirus

  • WHO के अनुसार, इस वायरस के सामान्य लक्षणों में बुखार, खाँसी और साँस की तकलीफ़ जैसी शारीरिक समस्याएँ शामिल हैं।
  • वहीं गंभीर संक्रमण में निमोनिया, किडनी का फेल होना शामिल है जिससे मनुष्य की मृत्यु तक हो सकती है।

WHO द्वारा संदर्भित संक्रमण रोकने हेतु उपाय:

  • अल्कोहल-आधारित साबुन और पानी का उपयोग करके हाथ साफ करना।
  • खाँसते या छींकते समय मुँह और नाक को ढकना।
  • बुखार और खाँसी से प्रभावित किसी भी व्यक्ति के निकट संपर्क से बचना।
  • यदि बुखार, खांसी और साँस लेने में कठिनाई हो रही है तो जल्दी से चिकित्सिक से संपर्क करना और अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ पिछली यात्रा के बारे में जानकारी साझा करना।
  • बाज़ार में भ्रमण करते समय वर्तमान में कोरोनोवायरस के मामलों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिये जानवरों के संपर्क और संक्रमित सतहों के साथ सीधे असुरक्षित संपर्क से बचना।
  • कच्चे या अधपके पशु उत्पादों के सेवन से बचना।

चीन क्यों है वायरस के प्रति अति संवेदनशील?

  • ऐसे स्थान जहाँ मनुष्यों और जानवरों में अनियमित रक्त और अन्य शारीरिक संपर्क जैसा संबंध स्थापित होता है, वहाँ पर इस वायरस का अधिक प्रसार होता है।
  • चीन के पशु बाज़ार ऐसे ही स्थलों के उदाहरण हैं जहाँ जानवरों से मनुष्यों में वायरस के संचरण की अधिक संभावना है।
  • चीन के बाज़ारों में कई जानवरों का माँस बिकने के कारण ये बाज़ार मानव में वायरस की प्रायिकता को बढ़ा देते हैं।
  • जब एक बड़ा मानव समुदाय इस वायरस के संचरण श्रृंखला में शामिल हो जाता है तो उत्परिवर्तन (Mutation) की स्थिति उत्पन्न होती है जो कि मानव समुदाय के लिये घातक सिद्ध होती है।
  • दुनिया के पशुधन की लगभग 1.4 बिलियन (50%) आबादी के साथ चीन की पारिस्थितिकी को कोरोनावायरस संबंधी बीमारियों का खतरा है जो चीन और दुनिया के बाकी हिस्सों में खतरा पैदा कर सकती है।

स्रोत- इंडियन एक्सप्रेस

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