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भारतीय अर्थव्यवस्था

तीन सार्वजनिक बीमा कंपनियों के लिये सहायता राशि

  • 10 Jul 2020
  • 6 min read

प्रीलिम्स के लिये

सरकार का प्रस्ताव, सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियाँ

मेन्स के लिये

बीमा कंपनियों के पूँजीयन की आवश्यकता और इसका महत्त्व

चर्चा में क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक क्षेत्र की तीन सामान्य बीमा कंपनियों की मदद के लिये कुल 12,450 करोड़ रुपए (वर्ष 2019-20 में दिए गए 2,500 करोड़ रुपए सहित) की पूंजी देने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है।

प्रमुख बिंदु

  • इन तीन सामान्य बीमा कंपनियों में शामिल हैं- 
    • ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 
      (Oriental Insurance Company Limited- OlCL)
    • नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 
      (National Insurance Company Limited- NICL) 
    • यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 
      (United India Insurance Company Limited- UIICL)
  • तीनों कंपनियों की सहायता के लिये दी जा रही राशि में से 3,475 करोड़ रुपए की राशि तत्काल जारी कर दी जाएगी, वहीं शेष 6,475 करोड़ रुपए की राशि बाद में जारी की जाएगी, जबकि 2,500 करोड़ रुपए की राशि वित्तीय वर्ष 2019-20 में ही जारी की जा चुकी है।
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस पूंजी की उपलब्धता को प्रभावी करने के लिये नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) को 7,500 करोड़ रुपए तक जबकि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (UIICL) तथा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OlCL) को 5000 करोड़ रुपए तक अधिकृत शेयर पूंजी में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी है।
  • इसके अलावा, मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए इनकी विलय की प्रक्रिया को भी कुछ समय के लिये रोक दिया गया है, इस विलय के स्थान पर अब इनके विकास पर ध्यान दिया जाएगा।

ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OlCL)

  • ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OlCL) को वर्ष 1947 में निगमित किया गया था। 
  • वर्ष 2003 में इस कंपनी के सभी शेयर जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा भारत सरकार को हस्तांतरित कर दिये गए।
  • आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016 तक कंपनी के देश भर में कुल 1924 कार्यालय थे।

नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) 

  • नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NICL) को वर्ष 2006 में निगमित किया गया था। 
  • यह कंपनी अपने ग्राहकों को सामान्य बीमा व्यवसाय के लगभग सभी खंडों में बीमा की सेवाएँ  प्रदान करती है।

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (UIICL)

  • यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (UIICL) को वर्ष 1938 में निगमित किया गया था। 
  • भारत में सामान्य बीमा व्यवसाय के राष्ट्रीयकरण के साथ 12 भारतीय बीमा कंपनियों, 4 सहकारी बीमा समितियों और भारत में संचालित 5 विदेशी कंपनियों को यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (UIICL) के साथ मिला दिया गया।
  • वर्तमान में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (UIICL) के देश भर में कुल 2080 कार्यालय हैं।

प्रभाव

  • इस पूंजी प्रवाह के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र की तीन सामान्य बीमा कंपनियों को अपनी वित्तीय स्थिति तथा ऋण चुकाने की क्षमता में सुधार, अर्थव्यवस्था की बीमा संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने, बदलावों को अपनाने, आवश्यक संसाधन जुटाने की क्षमता बढ़ाने और जोखिम प्रबंधन में सुधार करने में मदद मिलेगी।

कंपनियों के विलय से संबंधित चुनौतियाँ

  • पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वितीय वर्ष 2018-19 के बजट में तीनों कंपनियों के विलय की घोषणा की थी, किंतु सरकार द्वारा इस योजना के कार्यान्वयन की दिशा में कोई महत्त्वपूर्ण कदम नहीं उठाया गया, हालाँकि कंपनियों ने अपने स्तर पर इस संबंध में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिये थे।
  • विशेषज्ञ मानते हैं कि तीनों कंपनियों के पास अलग-अलग तकनीक और अपना अलग IT प्लेटफॉर्म हैं, जिसके कारण इन तीनों को एक साथ एकीकृत करना सरकार के लिये काफी चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। 
  • इसके अतिरिक्त कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के कारण भी वर्तमान में इन कंपनियों का विलय संभव नहीं है।

आगे की राह

  • सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही पूंजी का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिये सरकार ने कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं जिनका लक्ष्य इन कंपनियों में व्यावसायिक क्षमता को बढ़ाना और लाभदायक वृद्धि लाना है।
  • वहीं मौजूदा स्थिति को देखते हुए इन कंपनियों के विलय की प्रक्रिया को भी रोक दिया गया है, विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है, इसके माध्यम वे कंपनियाँ अपनी ऋण चुकाने की क्षमता को बढ़ाने और अधिक-से-अधिक लाभ प्राप्त करने पर दे सकेंगी।

स्रोत: पी.आई.बी

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