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उजाला योजना के 7 वर्ष

  • 07 Jan 2022
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

उजाला योजना, एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) 

मेन्स के लिये:

उजाला योजना, ऊर्जा दक्षता से संबंधित अन्य पहल तथा इसकी उपलब्धियाँ

चर्चा में क्यों?

हाल ही में विद्युत मंत्रालय ने अपने प्रमुख उजाला (Unnat Jyoti by Affordable LEDs for All) कार्यक्रम के तहत LED लाइटों के वितरण और बिक्री के सात वर्ष सफलतापूर्वक पूरे किये हैं।

  • देश भर में वितरित 36.78 करोड़ से अधिक LEDs के साथ यह पहल दुनिया के सबसे बड़े ज़ीरो सब्सिडी घरेलू प्रकाश कार्यक्रम के रूप में विकसित हुई है।

प्रमुख बिंदु

  • परिचय:
    • इसे वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया और इसे एलईडी-आधारित घरेलू कुशल प्रकाश कार्यक्रम (DELP) के रूप में भी जाना जाता है, इसका उद्देश्य सभी के लिये ऊर्जा के कुशल उपयोग (अर्थात् इसकी खपत, बचत और प्रकाश व्यवस्था) को बढ़ावा देना है।
    • ऊर्जा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) को इस कार्यक्रम के लिये कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नामित किया गया है।
    • प्रत्येक परिवार जो संबंधित विद्युत वितरण कंपनी का घरेलू कनेक्शन रखता है, योजना के तहत LED बल्ब प्राप्त करने के लिये पात्र है।
  • उपलब्धियाँ:
    • उजाला योजना LED (लाइट-एमिटिंग डायोड) बल्बों के खुदरा मूल्य को 300-350 रुपए प्रति बल्ब से घटाकर 70-80 रुपए प्रति बल्ब करने में सफल रही है।
    • सस्ती ऊर्जा को सभी के लिये सुलभ बनाने के अलावा इस कार्यक्रम के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर ऊर्जा की बचत भी हुई। आज तक 47,778 मिलियन kWh प्रतिवर्ष ऊर्जा की बचत की गई है।
    • इसके अलावा CO2 उत्सर्जन में 3.86 करोड़ टन की कमी आई है।
    • यह घरेलू प्रकाश उद्योग को गति प्रदान करता है एवं यह मेक इन इंडिया को प्रोत्साहित करता है क्योंकि एलईडी बल्बों का घरेलू विनिर्माण 1 लाख प्रतिमाह से बढ़कर 40 मिलियन प्रतिमाह हो गया है।

ऊर्जा दक्षता/संरक्षण से संबंधित अन्य पहल:

  • ग्राम उजाला: इस पहल के तहत पाँच राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के 2,579 गाँवों में एलईडी बल्बों को अत्यधिक रियायती दर पर 10 रुपए में वितरित किया जाएगा। 
  • प्रदर्शन, उपलब्धि और व्यापार (PAT): यह ऊर्जा बचत के प्रमाणीकरण के माध्यम से ऊर्जा गहन उद्योगों में ऊर्जा दक्षता में सुधार हेतु लागत प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिये एक बाजार आधारित तंत्र है जिसका व्यापार किया जा सकता है।
  • मानक और लेबलिंग: यह योजना वर्ष 2006 में लॉन्च की गई थी और वर्तमान में रूम एयर कंडीशनर (फिक्स्ड/वेरिएबल स्पीड), सीलिंग फैन, रंगीन टेलीविज़न, कंप्यूटर, डायरेक्ट कूल रेफ्रिजरेटर, वितरण ट्रांसफार्मर, घरेलू गैस स्टोव, औद्योगिक मोटर, एलईडी लैंप तथा कृषि पम्पसेट जैसे उपकरणों पर लागू होती है।
  • ऊर्जा संरक्षण भवन कोड (ECBC): इसे वर्ष 2007 में नए वाणिज्यिक भवनों के लिये विकसित किया गया था। यह 100 kW (किलोवाट) के कनेक्टेड लोड या 120 KVA (किलोवोल्ट-एम्पीयर) और उससे अधिक की अनुबंध मांग वाले नए वाणिज्यिक भवनों के लिये न्यूनतम ऊर्जा मानक निर्धारित करता है।
  • राष्ट्रीय सड़क प्रकाश कार्यक्रम: इसके तहत  EESL अपने खर्च पर पारंपरिक स्ट्रीट लाइटों को ऊर्जा कुशल LED लाइट्स से बदलना है।

स्रोत: पी.आई.बी  

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